आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

फूलों की खेती से बदलने लगी तकदीर

Chitrakoot

Updated Mon, 17 Dec 2012 05:30 AM IST
चित्रकूट। दो भाइयों ने परंपरागत खेती से इतर गुलाब की फसल की। शुरुआती दौर में प्रयोग के तौर पर की गई खेती अब दोनों भाइयों के लिए भरण-पोषण का साधन बन चुकी है। पांच बीघे की जमीन पर गुलाब और लाल सफेद, पीले फूल की फसल लहलहा रही है। यहां से जिले में ही नहीं आसपास के जिलों में भी दोनों भाई फूलों की आपूर्ति कर रहे हैं। प्रयोग सफल होने पर दोनों ने अन्य फूलों की खेती शुरू कर दी है।
धार्मिक केंद्र होने से वैसे भी पूरे जिले में फूलों की मांग है। शादी ब्याह जैसे सीजन में फूलों की मांग बढ़ जाती है।
तरौंहा के हरिप्रसाद कुशवाहा के पुत्रों शिवबरन और शिवराम ने अपने पांच बीघे के खेत में परंपरागत फसलों के बजाय गुलाब की खेती करने की सोची। शिवबरन बताते हैं कि 12 साल पहले गुलाब की खेती करने की शुरुआत की थी। दोनों भाइयों ने जिन गुलाब के चंद पौधों से इस खेती की शुरू की, वह आज पांच बीघे तक फैल गई है। वह देशी गुलाब की खेती के साथ साथ नवरंगा, गेंदा, गुलदाउदी के फूल भी तैयार कर रहे हैं और इन फूलों की खेती का यह बेहद खास मौसम है। नवंबर से फरवरी तक गुलाब की कलम लगाने से पौधा आने वाले 6 माह में पूरी तरह तैयार हो जाता है। इस मौसम में न तो ज्यादा पानी की जरूरत होती है और न खाद की जबकि बरसात में जहां ज्यादा पानी से पौधा खराब हो जाता है तोे गर्मी में पानी की कमी से पौधे का विकास बाधित होता है। नवंबर दिसंबर में लगाए पौधे कई सालों तक फूलों से लदे रहते हैं। बस साल में दो बार गोबर की खाद और कीटनाशक दवा डालने के साथ समय समय पर इनकी छंटाई करते रहना चाहिए।
सीजन में मिलते हैं अच्छे दाम
छोटे भाई शिवराम ने बताया कि देशी गुलाब के फूल आम दिनों में तो 50 से 60 रुपए किलो बिकते हैं लेकिन शादी ब्याह के सीजन में इनकी कीमत 200 से 500 रुपए प्रति किलो तक बढ़ जाती है। ये देशी गुलाब चित्रकूट के रामघाट, बांदा, बदौसा, भरतकूप, राजापुर के व्यापारी यहां से आकर ले जाते हैं। सफेद और लाल गुलाब, गेंदा, नवरंगा, व गुलदाउरी के फूल भी उगाते हैं। हालांकि अन्य फूलों की आम दिनों में 20 रुपए व सीजन में 50 से 80 रुपए प्रति किलो तक होती है।
सरकारी योजना का फायदा नहीं लिया
दोनों भाइयों को उद्यान विभाग से मलाल है। इनका कहना है कि उनको फूलों की खेती के लिए आज तक कोई भी सरकारी मदद नहीं मिली। विभागीय लोगों ने उदासीनता ही दिखाई।


  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

change fate

स्पॉटलाइट

प्याज के छिलके भी हैं काम के, यकीन नहीं हो रहा तो खुद ट्राई करें

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

सामने खड़ी थी पुलिस, वो लाश से मांस नोंचकर खाता रहा...

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

इंटरव्यू में जाने से पहले ऐसे करें अपना मेकअप, नौकरी होगी पक्की

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

देखते ही देखते 30 मीटर पीछे खिसक गया 2000 टन का मंदिर

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

बॉलीवुड की 'सिमरन' की बहन को देखा क्या आपने, कुछ ऐसा है उनका बोल्ड STYLE

  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

Most Read

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

सीएम योगी का जवाब, किसानों की हंसी उड़ा रहे अखिलेश खुद बनेंगे हंसी के पात्र

Cm yogi reply to Akhilesh tweet on loan issue
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

सीएम योगी ने पेश किया छह माह का लेखा जोखा, पुलिस, युवाओं और किसानों पर दिया जोर

cm yogi presented six moth up government report card
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

निकाहनामा के समय दूल्हे ने नहीं हटाया सेहरा, दुल्हन ने किया शादी से इनकार

Bride refused marriage in kannauj
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने ली चुटकी, 'सुना है लश्कर में कमांडर की वैकेंसी है'

DGP sp vaid said, the commander's vacancy available in Lashkar-e-Taiba Srinagar
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +

प्रद्युम्न मर्डर केसः पिंटो परिवार की याचिका पर सुनवाई से हाईकोर्ट के जज का इंकार

pradyuman murder case, Ryan school owners pinto family anticipatory bail plea in High Court
  • मंगलवार, 19 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!