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काम करा लिया पर मजदूरी नहीं दी

Chitrakoot

Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
चित्रकूट। हनुवा गांव के लोगों ने तहसील दिवस में जिला श्रम एवं प्रवर्तन अधिकारी को पत्र देकर पौधरोपण और अन्य कामों की मजदूरी न मिलने की शिकायत की है। इनका कहना है कि रैपुरा रेंजर हरी सिंह कुशवाहा और अन्य लोगों के आश्वासन के बाद उन लोगों ने काम किया पर अभी भी हजारों रुपए मजदूरी के बाकी हैं।
गांव के शिवमंगल, लल्लू, कमलेश, सुरेश, शिवबरण, संतोष, मलकिनिया, गब्बर, बदमिया, बोधराज आदि छब्बीस लोगों ने पत्र में बताया है कि उन लोगों ने वन विभाग के रैपुरा रेंज के अंतर्गत अप्रैल से अब तक प्लांटेशन, नाली, गड्ढे, खखरी निर्माण, बीज बुआई, निराई गुड़ाई, मिट्टी डालने का काम किया। रैपुरा रेंजर हरी सिंह कुशवाहा, फारेस्ट गार्ड विनोद कुमार, संयुक्त वन प्रबंध समिति की अध्यक्ष बुटुला देवी ने नकद भुगतान करने का आश्वासन भी दिया था पर अभी तक उन लोगों की पूरी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।

इनसेट -------------------
इनकी बाकी है मजदूरी
शिवमंगल ने बताया कि उसका छह महीने काम का 22 हजार, शिवदर्शन का नौ हजार, राजकुमार का 9800, पप्पी का 1800, प्रेमा का 21,800, विद्या का 7200, कमलेश का 18,000, बोधराज का 2400, फूलचंद्र का 10,800, शिवबरन का 7200, दुवसिया का 2500, बुधिया का 5400, मीरा का 1800, भोला का 2400, लल्लू का 5400, सुनील का 3600, गब्बर का 7200, संतोष का 7200, जगदेव का 3000, सियारानी का 1800, शिवबदन का 1920, सुरेश का 9000, विद्यावती का 1800, बदमिया का 7200, उषा का 1440 और मलकिनिया का 1440 रुपए बकाया है।

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‘मजदूरों को न्याय दिलाएंगे’
इस संबंध में बुंदेलखंड मजूर संगठन के जिलाध्यक्ष अमित यादव ने कहा कि इन मजदूरों से काम तो करा लिया गया पर मजदूरी नहीं दी गई जो सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन मजदूरों को न्याय दिलाने की हर संभव कोशिश करेगा।

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अधिकारी बोले, खाते में धन न होने से समस्या आई
इस संबंध में रैपुरा रेंजर हरी सिंह कुशवाहा ने माना कि मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों का बकाया न मिलने की बात सही है। हनुवा ही नहीं बल्कि गढ़चपा, बगरेही, रैपुरा के ग्रामीणों के अलावा नर्सरियों को मिलाकर लगभग 150 वाचर और लेबरों का भुगतान नहीं हो पा रहा है क्योंकि फंड ही रिलीज नहीं हो पा रहा। मार्च से अब तक खाते में धन न होने से भुगतान की समस्या आ रही है। जैसे ही जिला प्रशासन से फंड रिलीज हो जाएगा, मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा।
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