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मात्र तीस प्रतिशत हुई धान की रोपाई

Chandauli

Updated Mon, 23 Jul 2012 12:00 PM IST
मुगलसराय। कृषि प्रधान जनपद में नहरें इस बार बारिश न होने से धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए लाइफ लाइन साबित हो रहीं हैं। अब तक लक्ष्य के सापेक्ष जो भी रोपाई हुई वह इन्हीं नहरों के समीपवर्ती किसानों के खेतों में ही हुई है। हालांकि जिले में अब तक मात्र तीस प्रतिशत ही रोपाई हो सकी है। इससे इस बार जिले में निर्धारित एक लाख 11 हजार 77 हेक्टेयर लक्ष्य के सापेक्ष आच्छादन प्रभावित होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इसको लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगी हैं।
गौरतलब है कि इस वर्ष बारिश कम होने से धान की फसल पर पूरी तरह असर पड़ गया है। सिर्फ नहरों के समीपवर्ती किसान ही रोपाई कर रहे हैं। इसके अलावा निजी संसाधन वाले किसान अपने दम पर रोपाई करा रहे हैं और यह मानकर कि यदि बारिश नहीं हुई तो अपने दम पर धान की फसल को बचा लेंगे। बताते हैं कि अब तक जिले में 70 फीसदी धान की फसल की रोपाई हो जानी चाहिए थी। लेकिन पंप कैनालों की स्थिति बदतर होने तथा बारिश न होने से अधिकांश किसानों में इस समय धान की रोपाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। है। पंप कैनालों से संचालित नहरों में हेड के किसानों को तो पानी मिल भी जा रहा है लेकिन टेल (अंतिम छोर) के किसानों को वह भी नसीब नहीं हो पा रहा है। लक्ष्य के सापेक्ष आच्छादन न होने की स्थिति में जिले में धान के उत्पादन पर असर निश्चित तौर पर पड़ने की उम्मीदें प्रबल हो गई हैं। कृषि प्रधान इस जनपद में बारिश कम होने की वजह से अब तक मात्र तीस प्रतिशत ही रोपाई हो सकी है। जबकि जुलाई माह के तीसरे सप्ताह तक 70 फीसदी के ऊपर रोपाई हो जानी चाहिए थी। इस संबंध में जिले के प्रगतिशील कृषक राणा प्रताप सिंह का कहना है कि इस बार जिले में उत्पादन और उत्पादकता दोनों प्रभावित होने की उम्मीद है। हालांकि इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी आर एन सिंह का कहना है कि बारिश कम होने के बावजूद नलकूप व पंप कैनालों आदि माध्यमों से आच्छादन पूरा कराने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील किया कि यदि लेट से रोपाई करने की स्थिति बनती है तो वे अपने नर्सरी को ऊपर से काटकर उसकी रोपाई कर सकते हैं। एहतियात के तौर पर जहां पहले वे रोपाई के समय एक पौध लगाते थे वहां दो से तीन पौंधों की रोपाई कराएं। उन्होंने माना कि बारिश कम होने से फिलहाल आच्छादन प्रभावित हो रहा है।
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