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हड़ताल से धान क्रय केंद्रों पर लटके रहे ताले

Bhadohi

Updated Wed, 12 Dec 2012 05:30 AM IST
ज्ञानपुर। यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर एफसीआई की मनमानी के विरोध में खाद्य और विपणन विभाग सहित अन्य खरीद एजेंसियों ने मंगलवार से धान खरीद का कार्य बंद कर दिया। कहा कि जब तक किसानों के द्वारा सीधे खरीदे गए धान से उत्पादित कस्टम चावल के खरीद की व्यवस्था स्टेट पूल में नहीं की जाती है, तब तक वह खरीद का कार्य ठप रखेंगे।
एसोसिएशन के आह्वान पर मंगलवार को सभी खरीद केंद्रों पर खरीद नहीं होने के कारण किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खाद्य और विपणन विभाग के सभी छह केंद्रों पर खरीद का कार्य पूरी तरह से बंद रहा। विपणन विभाग का केंद्र गोपीगंज मंडी समिति में प्रथम, द्वितीय के अलावा जंगीगंज, सुरियावां, भदोही और औराई में खरीद केंद्र बनाया गया है। इसी तरह पीसीएफ का धान क्रय केंद्र कुल सात स्थानों ज्ञानपुर, पाली, सुरियावां, सुभाषनगर, पिलखिनी, गोविंदपुर, वेदमनपुर और शेरपुर में बनाया गया है। जिले में कुल 17 धान क्रय केंद्र हैं, जहां पर खरीद का कार्य लगभग ठप रहा। क्रय केंद्र प्रभारियों का कहना है कि एफसीआई के द्वारा चावल के खरीद में सुनियोजित तरीके से कठिनाइयां उत्पन्न की जा रहीं हैं। एफसीआई के उपेक्षापूर्ण, अडि़यल और असहयोगी रवैए के चलते विंध्याचल मंडल में अभी तक पिछले वित्तीय वर्ष 2011-12 का 20 हजार मीट्रिक टन धान जिसका मूल्य करीब 38 लाख रुपये मिलों पर बकाया है, जबकि इस चावल को लेने से एफसीआई के द्वारा इनकार किया जा रहा है। इसके बदले नए चावल की मांग की जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष 2012-13 में अब तक 5587.25 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है, जिसके सापेक्ष 3743.45 मीट्रिक टन सीएमआर देय है। जबकि अब तक मात्र 729.00 मीट्रिक टन की ही डिलीवरी एफसीआई के द्वारा ली गई है। एफसीआई के इस कृत्य से बड़ी मात्रा में मंडल में चावल नष्ट होने के कगार पर पहुंच रहा है, साथ ही क्रय केंद्रों पर डंप पड़ा हुआ है। एसोसिएशन के मंडलीय महामंत्री और वरिष्ठ विपणन निरीक्षक संदीप कुमार निगम ने बताया कि तब तक धान क्रय केंद्रों पर खरीद का कार्य ठप रखा जाएगा, जब तक किसानों के द्वारा सीधे खरीदे गए धान से उत्पादित कस्टम चावल के खरीद की व्यवस्था स्टेट पूल में नहीं की जाती है। क्योंकि यदि खरीदा गया धान लंबी अवधि तक केंद्रों पर भंडारित रहेगा तो उसके खराब होने की आशंका रहती है। उधर, पीसीएफ के अधिकारियों का कहना है कि उनके केंद्रों पर धान की खरीद की गई है। खरीद न करने का निर्णय सिर्फ मार्केटिंग विभाग का है। हालांकि यह भी कहा कि एफसीआई की मनमानी से हजारों कुंतल चावल मिलों में डंप पड़ा है।
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