आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

70 फीसदी ही भरे जा सके केवाईसी फार्म

Bhadohi

Updated Fri, 30 Nov 2012 12:00 PM IST
ज्ञानपुर। केवाईसी के तहत जिले की गैस एजेंसियों पर धड़ल्ले से फार्म भरे जा रहे हैं। शुक्रवार को फार्म भरने की अंतिम तिथि है। अब तक करीब 70 फीसदी उपभोक्ता केवाईसी फार्म भर चुके हैं। तमाम कनेक्शनधारक पसोपेश में होने के कारण फार्म नहीं भर पा रहे हैं। एजेंसियों पर केवाईसी की डाटा फीडिंग भी की जा रही है। केवाईसी किन उपभोक्ताओं को भरना है और किसे नहीं, इसको लेकर न तो पेट्रोलियम कंपनियों की अवधारणा ही स्पष्ट है और ना ही एजेंसियों की। अंतत: उपभोक्ता भी असमंजस की स्थिति से गुजर रहे हैं।
वैध कनेक्शनों का पता लगाने के लिए गैस एजेंसियों की ओर से केवाईसी फार्म भरवाया जा रहा है। यह फार्म एजेंसियों पर मौजूद है और गैस की पर्ची कटवाने आने वाले लोगों से फार्म भरवाया जा रहा है। साथ ही एजेंसी के कर्मचारी उपभोक्ताओं से भी संपर्क करके फार्म भरने का आग्रह कर रहे हैं। तमाम प्रयास के बावजूद अब तक 70 फीसदी उपभोक्ता फार्म भर सके हैं। 30 फीसदी उपभोक्ता या तो घर पर मौजूद नहीं हैं या फिर उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। गैस एजेंसियों की ओर से जारी किए गए इस निर्देश में तमाम खामियां होने के कारण उपभोक्ता समझ नहीं पा रहे हैं कि उन्हें फार्म भरना चाहिए या नहीं भरना चाहिए। ज्ञानपुर के उमा गैस एजेंसी से 6500 से अधिक उपभोक्ता जुड़े हैं। इसमें से करीब पांच हजार उपभोक्ता ही केवाईसी का फार्म भर सके हैं। इसी तरह गोपीगंज, घोसिया, खमरिया, भदोही आदि गैस एजेंसी पर भी अब तक 60 से 70 फीसदी उपभोक्ता ही केवाईसी फार्म भर सके हैं। गैस एजेंसियों पर पर्याप्त मात्रा में फार्म रखे गए हैं। जागरूकता न होने के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता फार्म भरने में रुचि नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार 30 नवंबर को फार्म भरने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। ऐसे में एजेंसी के लोग अधिक से अधिक लोगों का फार्म भरवाने और उसका डाटा फीड करने में लगे हुए हैं। ज्ञात है कि बड़ी संख्या में लोगों ने एक ही नाम से कई कनेक्शन ले रखा है। जिसके चलते कालाबाजारी जोरों से हो रही है। इसको रोकने के लिए गैस कंपनियों ने केवाईसी भरने की व्यवस्था की है। ग्रामीण अंचलों के अधिकांश उपभोक्ता अभी तक केवाईसी फार्म नहीं भर सके हैं। कंपनियों का लगातार दबाव गैस एजेंसियों पर पड़ रहा है और शत प्रतिशत उपभोक्ताओं का फार्म भरवाने का निर्देश दिया जा रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

फिल्म 'अवतार' के 4 सीक्वल आएंगे, रिलीज डेट आई सामने

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

बंदर के पोज में क्यों बैठे हैं 'गुंडे', ट्विटर पर डाली फोटो

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

यूरिन इंफेक्शन से दूर रखेंगे ये सुपर फूड्स, ट्राई करके देखें

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

महिला बॉडीगार्ड ज्यादा रखने की कहीं ये वजह तो नहीं?

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

जानें कैसे 400 ग्राम दूध बचा सकता है आपको आने वाली दुर्घटनाओं से

  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

यूपी डीजीपी का पद छोड़ते वक्त ये ट्वीट कर गए जावीद अहमद, आपने पढ़ा?

javeed ahmed tweets before leaving the post of UP dgp
  • शनिवार, 22 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का बड़ा फरमान, पुलिसवाले बताएं-कितनी संपत्ति है और कितना कैश?

Yogi Sarkar big action against corrupt policemen, stirred up the issue
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

3 हजार ईंट लेकर पहुंचे मुस्लिम, बोले- बनाओ राममंदिर

muslims reach ayodhya with 3000 bricks for ram temple construction
  • शुक्रवार, 21 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार ने की आजम खां की सुरक्षा में कटौती

 UP govt reviews security of leaders.
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

योगी सरकार का गरीबों को एक और तोहफा, अब मई से दोगुना मिलेगा...

The Yogi Government's gift to the poor, now it will double in May ...
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +

दिल्ली से लौटते ही बदल गए कांग्रेस नेताओं के सुर, पढ़िए किसने क्या कहा

himachal congress leaders and ministers statements
  • रविवार, 23 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top