आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

नए प्रयोग न हुए तो बदहाली पीछा नहीं छोड़ेगी

Bhadohi

Updated Wed, 31 Oct 2012 12:00 PM IST
भदोही। वाराणसी के इंडिया कारपेट एक्सपो से जो उम्मीदें थीं वह धरी की धरी रह गईं। बताया जा रहा है कि जयपुर, पानीपत और कश्मीर के नाटेड व्यवसायियों ने भले ही कुछ बिजनेस किया लेकिन भदोही-मिर्जापुर परिक्षेत्र की आशाएं धूमिल ही रह गईं। इससे एक बात साफ हो गई है कि टफ्टेड, नेपाली अथवा शैगी की तरह फिर से नए चमत्कारिक प्रयोग नहीं हुए तो स्थिति नहीं बदलेगी। यही कारण है कि अब लोग कुछ नई चीजों की ओर ध्यान दे रहे हैं।
टर्की और बेल्जियम में पालीप्रापलीन मशीन मेड कारपेट्स की धूम मची हुई है। पूरी दुनियां इन कालीनों को पसंद कर रही है। इसका मुख्य कारण इनकी कीमत को ही बताया जा रहा है। सिंथेटिक यार्न से बने ये कालीन दूर से नाटेड कालीनों की तरह ही दिखते हैं लेकिन कीमतें कहीं धरातल पर होती हैं। वह भी हाईटेक मशीनों पर इनका उत्पादन बड़ी तेजी से हो होता है चाहे जिस रंगामेजी और डिजाइन में। विडंबना तो यह है कि भारत में भी भारी मात्रा में इन कालीनों का आयात हो रहा है जिसकी खपत डोमेस्टिक मार्केट में धड़ल्ले से हो रही है।
भारतीय कालीन उद्यमियों ने कई पड़ाव देखे हैं। नाटेड कालीनों का दौर तो स्वर्णिम रहा जिसने भदोही-मिर्जापुर को वैश्विक नाम प्रदान किया। उसके बाद नाटेड का धंधा मंदा होने लगा तो टफ्टेड, नेपाली और शैगी कालीनों का पड़ाव आया जिसने उद्यमियों को संभाले रखा। पिछले तीन वर्षों से कालीन उद्योग भीषण मंदी का शिकार है तो लोगों कालीन के एक और किस्म की दरकार है।
टर्की और बेल्जियम में भारी भरकम और कीमती हाईटेक मशीन पर भारी मात्रा में पाली प्रापलीन कालीन बन रहे हैं। सोचने वाली बात यह है कि भारत उनका आयात कर डोमेस्टिक मार्केट में खपा रहा है। सीईपीसी के प्रशासनिक समिति के सदस्य, इस्तीयाक खां अच्छू ने कहा कि डोमेस्टिक मार्केट में खपत को पूरा करने के लिए बैल्जियम और टर्की जैसी 50 मशीनों की आवश्यकता होगी। लेकिन उनकी स्थापना कर पाना सब के बूते का नहीं है। श्री खां अपनी बेटी अस्मा एजाज़ के साथ व्यापक रूप से पालीप्रापलीन कालीनों में बिजनेस के अवसर तलाशने में लगे हैं। उन्होंने बताया कि यह वह समय है जब कुछ नया नहीं सोचा गया तो बदहाली साथ नहीं छोड़ेगी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

penury resumption

स्पॉटलाइट

ऋतिक की पार्टी में पहुंची एक्स वाइफ सुजैन, 'काबिल' देखकर पति को भर लिया बाहों में

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

हर लड़के के लिए ये 6 काम है जरूरी, तभी खुश रहेगी गर्लफ्रेंड

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

काबिल ऋतिक की 8 नाकाबिल फिल्में, हो गई थी फ्लॉप

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

अमिताभ नहीं अब ये हीरो करेगा 'केबीसी' को होस्ट

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

वीवो का V5 प्लस भारत में लॉन्च, फ्रंट में लगे हैं दो कैमरे

  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

Most Read

पाकिस्तान से रिहा सैनिक चंदू भारत में ‘कैद’

Indian soldier Chandu Babulal Chavan
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

राष्ट्रपति ने 4 की फांसी की सजा को उम्रकैद में बदला

President sets aside MHA advice, commutes death of 4 to life term
  • सोमवार, 23 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top