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नो केन का बहाना, पिस रहे किसान

Basti

Updated Thu, 13 Dec 2012 05:30 AM IST
बस्ती। मंडल की चीनी मिलें चालू तो हो गई हैं मगर इनमें अभी क्षमता के अनुरूप गन्ने की पेराई नहीं हो पा रही है। मिलों पर पर्याप्त मात्रा में गन्ना न पहुंचने के कारण मुश्किलें आ रही हैं। मगर किसानों का कहना है कि वे लोग तो इंतजार कर रहे हैं कि मिल पर्ची दे और वे जल्दी से गन्ना गिराकर उस खेत में गेहूं की बुआई करें। लेकिन मिल से पर्ची ही नहीं मिल रही है। इसका नतीजा यह है कि 10 दिसंबर तक मंडल की चीनी मिलों ने महज 24,74,500 क्विंटल गन्ने की पेराई की है। वहीं नगर क्षेत्र के गन्ना किसान राजेंद्र बताते हैं कि मिलें साजिश के तहत पर्ची जारी नहीं कर रही हैं। मिलें चाहती हैं कि अधिक से अधिक गन्ना दिसंबर के बाद खरीदा जाए। ऐसा करने से उनका सीधा फायदा होगा। दिसंबर के बाद चीनी का प्रतिशत बढ़ जाएगा।
बताया जाता है कि चीनी मिलों के तौल केंद्रों पर व्यवस्था की कमी सबसे बड़ी मुसीबत साबित हो रही है। तौल केंद्रों की लचर व्यवस्था से किसानों का गन्ना धीमी गति से उतर रहा है। साथ ढुलाई के इंतजाम भी नाकाफी हैं। दूसरे कारणों में किसानों को समय से पर्ची का न मिल पाना भी है। ऐसे में अपनी क्षमता के अनुसार मिलें गन्ने की पेराई नहीं कर पा रही हैं। गन्ना क्रय केंद्रों पर गन्ना तौलवाने के लिए किसान तीन-तीन दिनों तक लाइन लगाक र खड़े हैं। क्रय केंद्रों पर मजदूरों और ट्रकों की कमी के कारण मिलों तक समय से गन्ना नहीं पहुंच पा रहा है।

स्पीड पकड़ रही है खरीद
जिला गन्ना अधिकारी राजेशधर द्विवेदी कहते हैं कि मिलों में पेराई का अभी शुरुआती दौर है। पेराई कार्य स्पीड पकड़ रहा है। रही बात क्रय केंद्रों पर गन्ना तौल में आ रही दिक्कतों की तो वह खुद क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर इन समस्याओं के निस्तारण में लगे हैं। मिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वह क्रय केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में मजदूरों और ट्रकों की व्यवस्था करें, जिससे किसानों को गन्ना तौल कराने में कोई दिक्कत न हो।

किसने कितनी की गन्ना पेराई (क्विंटल में)
बस्ती 116500
वाल्टरगंज 266000
अठदमा(रुधौली) 294000
बभनान 1463000
खलीलाबाद 335000

किसकी कितनी क्षमता(क्विंटल में)
बस्ती 60,000
वाल्टरंगज 60,000
अठदमा 70,000
बभनान 100000
खलीलाबाद 25000

228 क्रय केंद्रों के जरिए हो रही खरीददारी
बस्ती 38
वाल्टरगंज 38
अठदमा 47
बभनान 72
खलीलाबाद 33
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