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मुंडेरवा में चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी फोर्स

Basti

Updated Mon, 10 Dec 2012 05:30 AM IST
बस्ती। मंगलवार को देश भर से दिग्गज किसान नेताओं के जुटने की खबर से पुलिस प्रशासन सकते में है। इसको लेकर मुंडेरवा कस्बे के चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात की जा रही है ताकि किसी भी स्थिति से पुलिस निपट सके। तीन दिन पहले घोषित गन्ना मूल्य से असंतुष्ट किसान भी मुंडेरवा किसान मेले में भाकियू का रुख जानने को उत्सुक हैं। इसलिए भी इस बार शहीद किसान मेले की संवेदनशीलता बढ़ गई है।
11 दिसंबर को होने वाले शहीद किसान दिवस और किसान मेले को लेकर पुलिस व्यापक व्यवस्था की है। खास तौर से रेलवे स्टेशन और चीनी मिल परिसर के अलावा मुख्य सड़क पर फोर्स की तैनाती का प्लान बनाया गया है। एएसपी मनोज कुमार झा के मुताबिक, एक एडिशनल एसपी, चार डिप्टी एसपी, 55 सब इंस्पेक्टर, एक कंपनी पीएसी मुंडेरवा के लिए बाहर से बुलाए गए हैं। जिले से एक इंस्पेक्टर, 60 सब इंस्पेक्टरों के अलावा आठ थानेदार मुंडेरवा में तैनात रहेंगे। साथ ही आठ एसआई और 70 कांस्टेबल मुंडेरवा थाने पर रिजर्व में रहेंगे। तीन क्यूआरटी टीमें भी मुस्तैद रहेंगी। एक क्यूआरटी पुलिस लाइन, एक पुलिस आफिस और एक क्यूआरटी एसपी के साथ रहेगी। फायर ब्रिगेड, आंसू गैस दस्ता भी मौजूद रहेगा। एसपी आनंद कुलकर्णी के मुताबिक, एएसपी झा पूरी व्यवस्था की कमान संभालेंगे। एसपी का मानना है कि मुताबिक मुंडेरवा में हालात बदल चुके हैं। किसी तरह के टकराव की नौबत नहीं आएगी। फिर भी पुलिस किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती।

2004 से चल रहा है मुंडेरवा का आंदोलन
पूर्वांचल के किसान आंदोलनों के इतिहास में 11 दिसंबर अहम है। 2004 में इसी दिन मुंडेरवा में पुलिस और भाकियू में टकराव हुआ था। पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें तीन किसान शहीद हो गए थे। तभी से मुंडेरवा किसान शहीद स्थली बन गया। हर साल इस दिन मुंडेरवा में किसान शहीदों की याद में कई प्रांतों के किसानों का जमावड़ा लगता है। जब तक महेंद्र सिंह टिकैत जीवित रहे तब तक मुंडेरवा के आंदोलन और किसान मेले की संवेदनशीलता और भी अधिक थी।

चार सेक्टर में बंटा गया कस्बा, एएसपी/सीओ होंगे प्रभारी
सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए मुंडेरवा कस्बे को चार सेक्टर में बांटा गया है। कस्बे के 22 प्वाइंटों पर फोर्स मौजूद रहेगी। सेक्टर एक में चीनी मिल परिसर रखा गया है। जहां मुख्य आयोजन किया जाएगा। सेक्टर दो में रेलवे स्टेशन, रेलवे क्रासिंग और अहरा मोड़ का इलाका रखा गया है। सेक्टर तीन में बूधा नाला, अहरा मोड़, करवल कालोनी, डाक बंगला, जगदीशपुर है। सेक्टर चार में टेढ़ी गुमटी, रेलवे क्रासिंग, ओड़वारा रेलवे स्टेशन और जगदीशपुर गोदमवा का एरिया है। एसपी आनंद कुलकर्णी के मुताबिक, सभी थानेदारों से दंगा नियंत्रण संसाधनों से लैस रहने को कहा गया है।

हाईवे से होकर जाएंगी रोडवेज की बसें
मुंडेरवा मेले को देखते हुए उधर से होकर जाने वाले बडे़ वाहनों का मार्ग डायवर्ट कर दिया गया है। सीओ सिटी अविनाश पांडेय को यातायात दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गई है। रोडवेज की बसों और अन्य बडे़ वाहनों को हाईवे से होकर भेजा जाएगा। मुंडेरवा से बस्ती की ओर आने वाले वाहनों गोदमवा तिराहे से होकर टेमा मोड़ से हाईवे की ओर मोड़ दिया जाएगा। महादेवा चौराहे से लालगंज अथवा शहर की ओर मोड़ दिया जाएगा।

रुख को लेकर चर्चा
पिछली पंचायत में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रपाल फौजी ने कहा था कि अगली पंचायत तक अगर मिल चालू नहीं हुई तो इसकी ईंटें उखाड़ दी जाएंगी और इस जमीन पर किसान कब्जा कर लेंगे। या तो मिल चलेगी या हल चलेगा। इसे लेकर भी सुगबुगाहट चल रही है कि इस बार भाकियू का रुख क्या होगा।


सुलगते सवाल
1-जब कई महकमे घाटे में चलाए जा सकते हैं तो लाखों किसानों की जीविका से जुड़ी चीनी मिल को घाटे में क्यों नहीं चलाई जा सकती?
2-अगर मिल नहीं चली तो विस्तारीकरण के नाम पर किसानों से ली गई 44 एकड़ जमीन वापस किया जाए।
3- मुफलिसी में जी रहे शहीद किसानों के परिवारों को ठोस मदद देकर स्वावलंबी बनाने में समस्या क्या है।

जख्म कुरेदकर लोग भूल जाते हैं
किसान आंदोलन में मारे गए शहीदों के परिजन भाकियू से दुखी है। उनका कहना है कि 11 दिसंबर पर उनके जख्म को कुरेदा जाता है और फिर लोग भूल जाते हैं। जगदीशपुर मंझरिया निवासी स्वर्गीय बद्री प्रसाद चौधरी की पत्नी जयंती देवी, चंगेरा मंगेरा निवासी स्वर्गीय तिलकराज चौधरी की पत्नी बेइला देवी और कुरियार निवासी स्वर्गीय धर्मराज चौधरी की मां को इस बात का दर्द है कि उन दिनों की याद दिलाकर उनकी भावनाओं से खिलवाड़ किया जाता है। जब बाद में किसी को सुधि नहीं लेनी है तो एक दिन की हमदर्दी से क्या हासिल होने वाला है।

मेले में होंगे यह कार्यक्रम
11.00 बजे दिन में शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण
11.15 बजे शहीद आश्रित और अतिथि सम्मान
12.00 बजे कृषि उद्यान,पर्यावरण गोष्ठी
12.30 बजे प्रेस वार्ता
01.00 बजे वक्ताओं का भाषण
02.00 बजे मुख्य अतिथि का संबोधन
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