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मार्केटिंग इंस्पेक्टर भी आए घोटाले की जद में

Basti

Updated Sun, 28 Oct 2012 12:00 PM IST
बस्ती। खाद्य विभाग में घोटालों की परत खुलने लगी है। घोटाले की जद में वह मार्केटिंग इंस्पेक्टर भी आ गए हैं, जो गोदाम प्रभारी की हैसियत से एक दिन पहले तहरीर देकर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए थे। एमआई अरुण कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ डिप्टी आरएमओ विपिन राय ने शनिवार को परशुरामपुर थाने में तहरीर दी। अब पूरे जिले के गोदामों का सत्यापन कराया जा रहा है।
आरएफसी अशोक कुमार सिंह के मुताबिक, चूंकि गोदाम प्रभारी की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह गोदामों में रखे अनाज की रखवाली करे। कहा कि जो भी अनाज कम मिला है, उसके लिए गोदाम प्रभारी ही पूरी तरह जिम्मेदार हैं। इसीलिए उनके विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। आरएफसी के मुताबिक, गोदामों की जांच कराई जा रही है। जहां-कहीं भी अनाज कम मिलेगा वहां के प्रभारी के विरुद्ध केस दर्ज कराया जाएगा। बता दें कि डीएसओ पूरन सिंह के छापे में लाखों रुपये का अनाज व चीनी कम मिलने पर हड़कंप मचा हुआ है।

गुमनाम को करोड़ों का जिम्मा
हैरत की बात है कि खाद्य विभाग पप्पू पांडेय और गुलाब चंद्र शुक्ल नाम के ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदार बता रहा है जिसका विभाग से कोई वास्ता ही नहीं है। बताया जा रहा है कि अनधिकृत तरीके से इन दोनों से गोदाम की रखवाली कराई जा रही थी। करोड़ों का सरकारी अनाज और चीनी किसी दूसरे के हाथ छोड़ देने पर आरएफसी से लगायत पूरे विभाग पर उंगली उठ रही है।


पौने दो करोड़ के गबन में राइस मिल सील
बस्ती। पौने दो करोड़ का चावल के गबन में शनिवार को प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम ने परशुरामपुर स्थित शोभित राइस मिल को सील कर दिया। इस मिल पर 16 हजार कुंतल सरकारी चावल बकाया है।
डिप्टी आरएमओ विपिन राय ने बताया कि शोभित राइस मिल पर 16000 कुंतल से अधिक सीएमआर यानी कस्टम मिल राइस बकाया था। मिल की जब जांच की गई तो पता चला कि मिल पर एक भी दाना चावल नहीं है। बताया कि इससे पहले आधा दर्जन पत्र लिखकर एमआई से मिल के बारे में रिपोर्ट मांगी गई थी। मगर रिपोर्ट नहीं दी गई। बताया कि चूंकि सीएमआर में सरकार का धन फंसा रहता है। ऐसे में मिल पर चावल न मिलना गबन की श्रेणी में आता है। प्राथमिक तौर पर मिल को एसडीएम हर्रैया सोमदत्त मौर्य की अगुवाई में शनिवार को सील कर दिया गया। कहा कि मिल के विरुद्ध गबन के आरोप में कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट फूड कमिश्नर और शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है।
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