आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

बर्बादी के कगार पर 28 करोड़ का चावल

Basti

Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
बस्ती। राइस मिलों के गोदामों में डंप 28 करोड़ रुपये का चावल बर्बादी के कगार पर है। पिछले पांच महीने से भंडारण के अभाव में चावल खराब होने लगे हैं। बरसात के नाते बोरों के साथ ही चावल भी सड़ रहा है। अब खराब हो रहेचावल को लेकर मिलरों में खलबली मच गई है।
बताते चलें कि सरकार हर साल न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत किसानों से धान खरीदती है। यह धान राइस मिलों को चला जाता है। चावल बनो के लिए मिलों को प्रति कुंतल दस रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। नियमत: मिलों को 20 दिन के भीतर चावल दे देना होता है। खाद्य विभाग की जिम्मेदारी है कि मिलों से समय से चावल ले और उसके भंडारण की व्यवस्था करे। इसी के तहत वर्ष 2011-12 में मिलों को 1.71 लाख मीट्रिक टन धान दिया गया। विभाग का कहना है कि एक तो मिलों ने समय से 25544 मीट्रिक टन चावल नहीं दिया, ऊपर से एफसीआई ने भी भंडारण में आनाकानी की। इसके चलते इतनी मात्रा में सीएमआर फंस गया। अब राइस मिलों के गोदाम में पड़े चावल खराब हो रहे हैं। बारिश के चलते बोरे भीग गए हैं। चावल भी चूहों का निवाला बन रहा है। सरकार को भी सीएमआर में प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसमें अधिकतर नुकसान चावल मिलों के सीएमआर का गबन कर लेने के कारण होता है। अकेले हर्रैेया के एक मिल पर 85 लाख रुपये के सीएमआर का गबन कर लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। आरएफसी एके सिंह कहते हैं कि मिलरों ने समय से चावल नहीं दिया इसके चलते इतनी मात्रा में सीएमआर अवशेष रह गया। वहीं आरएफसी एके सिंह कहते हैं कि उन्होंने फूड कमिश्नर को बुक एडजस्टमेंट के साथ ही तीन और सुझाव दिए हैं ताकि चावल का निस्तारण हो सके। राइस मिलर्स एसोसिएशन के मंडलीय अध्यक्ष जेपी सिंह कहते हैं कि मिलों पर सीएमआर और लेवी चावल सड़ रहा है। सरकार इसकी कोई व्यवस्था नहीं कर रही है। बताया कि दोनों स्थिति में नुकसान तो मिलर्स का ही होने वाला है।

मिलों पर 255440 कुंतल सीएमआर है बकाया
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, मंडल में चावल मिलों पर कुल 255440 कुंतल सीएमआर बकाया है। सबसे अधिक बकाया सिद्धार्थनगर के मिलों पर है। इसकी कुल लागत 28 करोड़ रुपये से अधिक की है। बस्ती में 73730 कुंतल, संतकबीरनगर में 63780 व सिद्धार्थनगर में 117930 कुंतल सीएमआर चावल बकाया है। एफसीआई के वादे के मुताबिक, भंडारण माह अगस्त से शुरू होगा।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

गर्म-गर्म चाय पीने के हैं शौकीन, जा सकती है जान

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

तीन हफ्ते में मां बनीं सनी लियोन, देंखे बेटी की पहली तस्वीर

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

इन तरीकों को अपनाकर पहले से ज्यादा जवां दिखेंगे मर्द

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

अपने आप को फिट रखने के लिए पापा सुनील के इस फंडे को फॉलो करती हैं अथिया

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

महिलाएं प्यार में देती हैं मर्दों को इस वजह से धोखा, रिसर्च में हुआ खुलासा

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

Most Read

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

शिक्षामंत्री की कुर्सी पर बैठ FB में शेयर की फोटो, वायरल होते ही हिरासत में युवक

police arrested boy sat on minister's chair after uploading pic on FB
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +

सीजफायर उल्लंघन पर भारत का पाक को करारा जवाब, कई पोस्ट की तबाह

befeating response to pakistan of CFV many posts destroyed
  • बुधवार, 19 जुलाई 2017
  • +

अपने सुप्रीमो के स्वागत के लिए भाजपा ने बिछाए पलक पांवड़े

bjp president amit shah will reach jaipur today
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

..जब पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच 10 घंटे फंसे रहे दो स्कूलों के 217 बच्चे

more than two hundred children were stucked in pak shelling in school
  • मंगलवार, 18 जुलाई 2017
  • +

जीते रामनाथ कोविंद, उत्तर प्रदेश को मिली खास सौगात

ramnath kovind will be the first president of uttar pradesh
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!