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धन खर्च, फिर भी जनसंख्या बेकाबू

Basti

Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
बस्ती। बीते एक दशक में जिले की जनसंख्या लाख कोशिशों के बाद भी स्थिर होने या कम होने की बजाय बढ़ती ही गई। 2011 की जनसंख्या के आंकड़ों के हिसाब से जिले की आबादी चौबीस लाख के पार जा पहुंची है। जनसंख्या स्थिरता पखवारे के आयोजन के नाम पर आए करीब दो लाख रुपये कागजों में खर्च कर दिए गए, लेकिन जनसंख्या नियंत्रण में सफलता नहीं मिल सकी।
जनसंख्या स्थिरता पखवारे का आयोजन 25 जून से 24 जुलाई तक दो चरणों में करने को विभागीय योजना थी, जिसमें 25 से 10 जुलाई तक प्रथम और 11 से 24 जुलाई तक द्वितीय चरण में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कार्यक्रमों का आयोजन होना था। इसके लिए पहले चरण में दो लाख रुपये शासन ने स्वीकृत किए। मगर धन को कागजों में खर्च करना दर्शा दिया गया। धरातल पर पखवारे की योजना फुस्स हो गई। इसे विभाग के जिम्मेदार भी दबी जुबान से स्वीकार कर रह रहे हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही से एक माह की योजना को महज 15 दिनों में सीमित कर दिया गया। पहले की बजाय दूसरे चरण से पखवारे का आयोजन प्रारंभ हुआ। पहले दिन सिर्फ चंद कदमाें की जागरूकता रैली निकालकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली गई। उसके बाद चार दिनों तक कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। 16 जुलाई को कुदरहा, 17 को भानपुर सीएचसी और 19 जुलाई को हर्रैया में महिला नसबंदी शिविर का आयोजन किया गया, लेकिन डाक्टरों की टीम न पहुंचने से आई महिलाओं को निराश लौटना पड़ा। 20 जुलाई को जिला मुख्यालय पर पुरुष नसबंदी और सीएमओ सभागार में एनजीओ के संग मिलकर कार्यशाला का आयोजन भी रस्म अदायगी में निपट गया। इन कार्यक्रमों के अलावा रूटीन नसबंदी शिविरों में भी जनसंख्या नियंत्रण का गंभीर प्रयास नहीं किया गया। इसकी देन रही 2001 में जनपद की आबादी 19 लाख के करीब थी, जो वर्ष 2011 में 24 लाख 61 हजार के पार कर गई। सीएमओ डा. एसपी दोहरे ने कहा अभी उन्हें आए कुछ दिन ही हुए हैं। विभाग की योजनाओं पर गंभीरता से अमल न होने और आमजन में जागरूकता की कमी के चलते ही जनपद ही नहीं, पूरे प्रदेश और देश की जनसंख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। जहां तक रुपये खर्च करने का सवाल है, मेरी जानकारी के अनुसार पहले चरण में सिर्फ पचास हजार रुपये मिले। जो कार्यक्रम आयोजित हुए, उन पर व्यय किए गए। शेष धन नहीं मिला। कुछ कमियां जरूर रहीं, जिसे दूर कर आगे से रूटीन नसबंदी शिविरों में डाक्टरों की तैनाती का समुचित प्रबंध किया जाएगा।
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