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बिजली कटौती से जनता बेहाल

Basti

Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
बस्ती। गर्मी से लोग बेहाल है। शहर और देहात में 25 मेगावाट अधिक बिजली की खपत से जर्जर ट्रांसफार्मर और तार आए दिन दगा दे रहे हैं। शेड्यूल से चार घंटे कम बिजली मिल रही है। बिजली की अघोषित कटौती से लोग हलकान हैं।
गर्मी में बिजली की रिकार्ड खपत बढ़ी है। शहर के एक दर्जन और ग्रामीणांचल के कुल मिलाकर 54 विद्युत सब स्टेशनों पर निर्धारित रोस्टर के मुताबिक बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है। कारण यह कि गिदही पावर का स्वीच यार्ड ओवरलोड चल रहा है। गिदही का मेन पावर हाउस ओवर लोड होने से स्वीचिंग यार्ड में लगे उपकरण रोजाना आग उगलने लग रहे हैं। शहर और ग्रामीणांचल में विद्युत सप्लाई का शेड्यूल कारपोरेशन से जारी है। शहर में दिन के 11 से दोपहर बाद चार बजे तक अगले आदेश जारी होने तक नियमित कटौती का आदेश है। इसके अलावा हर रोज शक्तिभवन लखनऊ से आकस्मिक बिजली कटौती के नाम पर शहर से लेकर देहात में अलग- अलग समय कम से कम दो घंटे की कटौती की जा रही है। इसके अलावा टाउन में विभिन्न क्षमताओं के लगाए गए 126 ट्रांसफार्मर और जर्जर तार पर बिजली का अधिक लोड होने से लोकल फाल्ट की समस्या उत्पन्न हो रही है। लोकल फाल्ट के नाम पर भी रोजाना शहर के अलग-अलग क्षेत्र में एक से ढाई घंटे तक की कटौती हो रही है। इस तरह कुल मिलाकर चौबीस घंटे में महज 12 से 14 घंटे ही बिजली सप्लाई मिल रही है।
इनसेट
कटौती से उपभोक्ता हैरान
शहरी क्षेत्र में बिजली की घोषित और अघोषित कटौती से लोग हैरान हो गए। इसके लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों पर आरोप मढ़ते हुए मनमानी करने का आरोप लगा है। जयपुरवा निवासी विजय कुमार कहते हैं कि बिजली की दिन में हो रही कटौती से बच्चे गर्मी से बिलबिला उठ रहे हैं। कटौती से राहत के लिए लगाया गया इनवर्टर भी जवाब देने लगे हैं। पंखा और कूलर भी गर्मी भगाने में विफल है। विवेकानंद कालोनी निवासी अधिवक्ता संतोष कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि अब बिजली विभाग की यह मनमानी लोगों पर भारी पड़ने लगी है। कारण यह कि पानी के लगाई गई टंकियां भी सूख जा रही है। अगर बिजली की सप्लाई रहती भी है तो वह लो वोल्टेज के कारण पानी का मोटर नहीं चलता है। यही कारण है कि बिजली की कटौती के साथ लोग एक बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। अंबेडकर पार्क मड़वानगर निवासी ओपी चौधरी, अंकित मिश्रा, जुगानी चौधरी, पप्पू चौधरी, राम धीरज चौधरी, बैरिहवां निवासी अजय कुमार गुप्ता, रौतापार निवासी पदमाकर श्रीवास्तव, बैरिहवां निवासी अशोक कुमार सहित अन्य ने कटौती पर आक्रोशित हैं।
इनसेट
इनवर्टर की मांग बढ़ गई
बस्ती। बेतहाशा बिजली कटौती से आम जनमानस बुरी तरह प्रभावित है। गर्मी से राहत के लिए इनवर्टन और बैट्री की डिमांड बढ़ गई है। इनवर्टर विक्रेता श्रवण कुमार गुप्ता कहते हैं कि डिमांड बढ़ी है। ब्रांडेड इनवर्टर की खपत के मुताबिक डिमांड पूरा करने में दिक्कतें आ रही हैं। बड़ेबन चौराहे पर बैट्री का कारखाना संचालित करने वाले रौतापार निवासी रमाकांत चौधरी बताते हैं इनवर्टर के प्रयोग में आने वाली बैट्री की डमांड को पूरा करने के लिए दिनरात काम चल रहा है। अधिकतर बैट्रियां बनकर तैयार तो हो रही हैं, पर बिजली नहीं रहने के कारण चार्ज नहीं हो पा रही है। ग्राहक बैट्री चार्ज होने का इंतजार करते हैं, बिजली आने के बाद गोदाम और दुकान पर खरीददारों की लंबी लाइन लग जाती है।
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सात सात बजे लगी स्वीच यार्ड में आग
मेन गिदही पावर हाउस के स्वीच यार्ड में शुक्रवार की रात अचानक आग लग गई। आग काफी तेज थी, लेकिन पावर कंट्रोल रूम में तैनात विद्युतकर्मियों की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से टल गया। फिलहाल आग लगने से शहर और देहात क्षेत्र में करीब दो घंटे बिजली गुल रही।
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एलटी लाइन पर डाल गिरी
शहर के सुपेलवा मोहल्ले से होकर जाने वाली बिजली के एलटी लाइन पर हरे पेड़ की डाल गिर गई। शुक्रवार की सायं छह बजे चली तेज हवा से हरे पेड़ की डाल गिर गई। शनिवार को दोपहर दो बजे तब मोहल्ले की सप्लाई बहाल नहीं हो सकी थी।
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बिजली कटौती का शेड्यूल
गिदही पावर हाउस कंट्रोल रूम के अनुसार शहरी क्षेत्र में दिन के 11 से दोपहर बाद चार बजे तक। ग्रामीणांचल में 18 बजे से 00 बजे तक, इसके बाद 10 बजे से 8 बजे तक रोस्टिंग की जा रही है।
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कम हो गई नियमित लाइनमैनों की संख्या
बिजली विभाग में काम करने वाले लाइन मैन और पेट्रोल मैन की संख्या कम हो गई है। अब व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शहर से लेकर ग्रामीणांचल के सब स्टेशन ठेका प्रथा पर आश्रित हो गई है।
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टाउन के प्राइवेट लाइनमैन छठे दिन भी हड़ताल पर
शहरी क्षेत्र के सब स्टेशनों पर काम करने वाले तीन दर्जन से अधिक प्राइवेट लाइनमैन अपना बकाया देयक भुगतान की मांग को लेकर छठे दिन भी हड़ताल पर रहे। हड़ताल कर रहे प्राइवेट लाइनमैन अपना बकाया देयक भुगतान नहीं होने तक हड़ताल पर रहने का संकल्प लिया है।
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