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लगातार चौथी बार महामंत्री बने डा. वीपी सिंह

Bareilly

Updated Sat, 22 Dec 2012 05:31 AM IST

बरेली। बरेली कालेज शिक्षक संघ में लगातार चौथी बार डा. वीपी सिंह गुट का परचम फहरा। खुद डा. सिंह महामंत्री पद पर चौथी बार विजेता बने। इन्हें कुल 109 मत मिले जबकि प्रतिपक्षी गुट का नेतृत्व कर रहे डा. आनंद बिहारी लाल लखटकिया को 44 मत ही मिले। अध्यक्ष पद पर डा. केए वार्ष्णेय निर्वाचित हुए। उन्होंने प्रतिपक्षी प्रत्याशी डा. एमके शर्मा को 96 - 56 के अंतर से हराया।
इससे पहले दिन 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक मतदान में चार मतदाता नहीं पहुंच सके। कुल 153 शिक्षकों ने मतदान किया। सायं छह बजे चुनाव परिणाम घोषित करते हुए मुख्य चुनाव अधिकारी डा. आरबी सिंह ने बताया कि उपाध्यक्ष पद पर काबिज गुट की डॉ. पूनम गर्ग 105 मत और डॉ. राजीव मेहरोत्रा 82 मत पाकर जीत गये। दूसरे गुट के डॉ. एसी त्रिपाठी महज एक वोट के अंतर से पिछड़ गये। संयुक्त सचिव पर दूसरे गुट का खाता डा. नीलम गुप्ता के रूप में खुला। वह 93 मत पाकर जीतीं जबकि पहले गुट के डॉ. अविनाश अग्रवाल 95 मत पाकर जीते। इसी गुट के डॉ. राजेंद्र सिंह 81 मत पाकर हार गये।
कार्यकारिणी के 11 पदों के लिये हुए चुनाव में आठ सदस्य काबिज गुट के रहे। इनमें डा. अनुराग मोहन, डा. नवनीत कौर आहूजा, डा. रीतू अग्रवाल, डा. राजन शर्मा, डा. क्षमा द्विवेदी, डा. नीरजा अस्थाना, डा. रीना अग्रवाल और डा. कविता बिश्नोई शामिल थीं। इसी गुट के नाम सबसे अधिक मत (104) डा. मोहन के और सबसे कम मत (74) डा. बिश्नोई के नाम रहा। लखटकिया गुट से डा. दीप्ति चौधरी, डा. डीके सिंह और डा. डीआर यादव ने जीत दर्ज की।


विजेताओं की टिप्पणी
1. चौथी बार साथी शिक्षकों ने भरोसा दिखाया है। इससे जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं। परिसर में शैक्षिक माहौल बेहतर बनाने और शिक्षकों का सम्मान बनाये रखने पर काम होगा। सबसे अव्वल तो अपने पौने दो सौ साल पुराने इस कॉलेज को विश्वविद्यालय दर्जा दिलाने को दृढ़ता से काम करेंगे। इसके लिये कालेज प्रशासन और छात्रों तक का सहयोग लिया जायेगा। -- डा. वीपी सिंह, महामंत्री।
2. एक टर्म पहले भी जीता था। इस बार फिर साथियों ने विश्वास व्यक्त किया है। व्यापक शिक्षक और शिक्षा हित में कार्य करना ही प्राथमिकता होगी। -- डा. केए वार्ष्णेय, अध्यक्ष।
3. संघ में यथास्थितिवाद को बदलने को कोशिश की गई थी। बदलाव काफी कठिन होता है। लेकिन इस प्रयास को अपने गुट के चंद लोगों को मिली जीत से काफी बल मिला है। शिक्षक हित में साथ मिलकर काम करना ही प्राथमिकता होगी। -- डा. दीप्ति चौधरी, कार्यकारिणी सदस्य।
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