आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

238 साल पहले हमारा शहर बना था कौमी एकता की मिसाल

Bareilly

Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST

जनार्दन सिंह
बरेली। अंग्रेज जब फूट डालो और राज करो की नीति के तहत हिंदुस्तान में जड़ें जमाने की कोशिश में जुटे थे, तभी बरेली कौमी एकता का मिसाल बन गया था। आज जब कुछ कट्टरपंथी ताकतें फौरी राजनीतिक फायदों के लिए हमारी इत्तहाद की बुनियाद को हिलाने की कोशिश कर रहे हैं, तो इस मिसाल को याद कर लेना प्रेरणास्पद रहेगा। घटना 238 साल पुरानी है। तब बैगुल नदी के किनारे मीरानपुर कटरा में हुए युद्ध में रूहेलखंड के नवाब हाफिज रहमत खां को अवध के नवाब की फौज ने मौत के घाट उतार दिया। तब उनके दीवान पहाड़ सिंह ने अपने दिवंगत नवाब की कब्र पर बाकरगंज में आलीशान मकबरा बनवाया तो शहरवासियों ने उन्हें पलकों पर बिठा लिया था।
बरेली कालेज के इतिहास विभागाध्यक्ष और आधुनिक इतिहासकार डा. जोगा सिंह होठी अपने शोध विद्यार्थियों के साथ गत 20 वर्षों से इतिहास के पन्नों में दबे इस रोचक तथ्य को सामने लाए हैं। पड़ताल में पाया कि 1761 के पानीपत के युद्ध में रूहेलखंड ने मराठों का साथ नहीं दिया तो उन्होंने यहां आक्रमण करना शुरू कर दिया। यहां के नवाब ने ब्रिटिश अधिकारियों से मेलजोल बढ़ा चुके अवध के नवाब का साथ मांगा। ब्रिटिश अधिकारी जान बार्कर की गवाही में एक समझौता हुआ कि मराठों के हमले से बचाने पर रूहेलखंड अवध को 40 लाख रुपये देगा। फिर 1774 में मराठे रूहेलखंड की सीमा पर हमले के लिए पहुंचे, लेकिन तभी पूना में सिविल वार छिड़ जाने से वे वापस लौट गए, लेकिन अंग्रेजों की शह पाकर अवध के नवाब ने दावा ठोंका कि मराठे उनकी ताकत से डरकर भागे हैं और ऐसे में उन्हें 40 लाख रुपये चाहिये। यहां के नवाब हाफिज ने इंकार किया तो अवध के नवाब ने मीरानपुर कटरा के पास हमला कर दिया।
इनसेट
छिन गई मकबरे की पहचान
डा. होठी के अनुसार, कौमी एकता के मिसाल की खासियत के चलते अब यह मकबरा भारतीय पुरातात्विक धरोहर की सूची में भी है। इसका गुंबद ही इसकी असली पहचान था, लेकिन 20 साल पहले बारिश में वह ढह गया। ध्यान आकृष्ट किए जाने पर प्रशासन ने गुंबद के स्थान पर लिंटर डलवाया, लेकिन कई बार अनुरोध करने पर भी इसकी खोई पहचान को पुराने रूप में सहेजने को लेकर पुरातात्विक विभाग उदासीन है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

सुभाष घई की 'हीरोइन' ने किया 38 साल बड़े हीरो के साथ लवमेकिंग सीन, तस्वीर वायरल

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

आशा पारेख की बायोग्राफी लॉन्च करेंगे सलमान खान

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

इन्वर्टिस के मेधावी छात्र वैभव सिंह बने आई.ए.एस

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

ये हैं जियो के सभी बैलेंस पता करने वाले USSD कोड

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

फिल्म 'स्पाइडर मैन होमकमिंग' का टीजर रिलीज

  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

Most Read

योगी सरकार के इस ऑर्डर ने उड़ाये ‘गुरुओं के होश’

yogi government orders surprised teacher
  • बुधवार, 29 मार्च 2017
  • +

छात्रा बनकर थाने पहुंचीं सीओ ने दी तहरीर, मुंशी ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट    

CO Vandana Sharma
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

तीन तलाक के विरोध में हिंदू लड़के से किया विवाह

Jodhpur: Muslim Girl Marriage With Hindu Boy
  • मंगलवार, 28 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

थाने में दरोगा बोला- योगी की सरकार है तो क्या पाकिस्तान भेज दोगे

If the inspector speaks about the government then what will send it to Pakistan
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top