आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

बड़े-बड़े आए, मगर बाईपास नहीं दे पाए

Bareilly

Updated Mon, 26 Nov 2012 12:00 PM IST

बरेली। बड़ा बाईपास न बनने का खामियाजा कोई और नहीं, बल्कि शहर और शहरी भुगत रहे हैं। जाम तो शहर की स्थाई समस्या बन ही चुका है, इससे भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है ट्रक और दूसरे वाहनों से निकलने वाले धुएं से बढ़ता प्रदूषण। रोजाना गुजरने वाले इन हजारों वाहनों की वजह से सड़कें तो जल्दी-जल्दी खस्ताहाल हो ही रही हैं, आए दिन होने वाले हादसों के पीछे भी यही वजह है।
बड़ बाईपास के लिए वर्ष 2003 में प्रक्रिया शुरू हुई थी। धारा चार और छह की कार्रवाई और बाकी औपचारिकताएं पूरी होते-होते जून 2006 में 80 प्रतिशत किसानों को मुआवजा भी बांट दिया गया था। उसी समय फाइनल अवार्ड होकर मुआवजे का काम निपटाया जा चुका होता, मगर दिक्कत खड़ी हुई पीडब्ल्यूडी के नेशनल हाईवे डिवीजन के रकम मुहैया न कराए जाने से। इसके बाद मुआवजा बढ़ाने की मांग जोर पकड़ती रही, इससे ऐसा पेच फंसा जिसका हल नहीं खोजा जा सका। बाद में फोरलेन के साथ बाईपास का निर्माण कार्य अपने हाथों में लेने वाले एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने काफी रकम दे दी। इसके बावजूद अब तक उसे पूरी जमीन नहीं मिल पाई है। मांगों से बार-बार बढ़ते रेट के कारण नौ गांव में जमीन का फाइनल अवार्ड तय नहीं हो पाया है। इस कारण इन नौ गांव के किसानों को अंतिम राशि देने में अभी काफी समय लग जाएगा। अन्य 25 गांव में से भी कई ऐसे हैं, जिनमें मुआवजा बांटने का काम पूरा नहीं हो सका है।

हाईवे पर तीन गुना ज्यादा है प्रदूषण
एनएचएआई द्वारा दो साल पहले कराए गए सर्वे के मुताबिक शहरी इलाके में हाईवे से रोजाना 22500 ट्रक गुजरते हैं। अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक अब यह संख्या 27000 तक पहुंच चुकी है। ट्रक के अलावा बसें व दूसरे वाहन अलग रहे। इस वजह हाईवे और उसके आसपास प्रदूषण लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी जितेंद्र लाल के मुताबिक इस इलाके में सस्पेंडेड पार्टिकुलेटेड मैटर की संख्या औसतन सात सौ है। वहीं राजेंद्रनगर जैसे इलाकों में यह ढाई सौ के आसपास ही है। यानी हाईवे पर सांस लेते वक्त तीन गुना कार्बन के कण हमारे अंदर जाते हैं।

शहरी इलाकों में टूट रही हैं सड़कें
हाईवे के शहरी हिस्से की सड़क दोहरी मार झेलने के कारण खस्ताहाल होती जा रही है। सीबीगंज से किला होते हुए चौपुला से गुजरने वाले सड़क की देखभाल एनएचएआई पर ही है। यह सड़क इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। चौपुला से कालीबाड़ी होते हुए शहामतगंज-सेटेलाइट तक का हिस्सा इसी हाईवे का है, मगर इसके ट्रैफिक के लिए इस्तेमाल होती है चौपुला से चौकी चौराहा, गांधी उद्यान होते हुए खुर्रम गौटिया वाली सड़क। चौपुला से गौटिया तक 22 सौ मीटर के टुकड़े को आवास विकास परिषद के जरिए वर्ष 2008 में सवा दो करोड़ से बनाया गया। दो साल में ही जगह-जगह उखड़ गई तो तमाम दबावों के बाद एक साल पहले इसे दस लाख रुपये से पैचवर्क करके चलने लायक बनाया गया।

एनएचएआई से मुआवजे को अब तक मिली रकम: 32 करोड़
एसएलएओ दफ्तर के माध्यम से बांटी गई रकम: 20 करोड़

नौ गांव में एक इंच जमीन भी नहीं मिली
धंतिया, ट्यूलिया, परसाखेड़ा, हमीरपुर, परधौली, भूड़ा, दीदार पट्टी, सैदपुर चुन्नीलाल व एक अन्य गांव में अब तक एक इंच जमीन भी नहीं मिल पाई है। इन गांव के किसानों से करार ही नहीं हो सका है। इसके अलावा 12 गांव ऐसे हैं, जहां करार या मुआवजे की प्रक्रिया अब शुरू हो सकी है।

हम चाहते हैं कि जल्द से जल्द बाईपास बन जाए। इसके लिए सारे प्रयास किए हैं और अब भी जुटे हुए हैं। किसानों को भी यह सोचना चाहिए कि अब जो मुआवजा राशि तय हो गई है, वह वही रहेगी। अभी ले लें तो उनका ही फायदा है, वरना छह महीने बाद उन्हीं का नुकसान होगा। -पूरन सिंह, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई

मेरे चार्ज संभालने के वक्त तो शहर की कानून-व्यवस्था ही खराब थी। काफी समय इसी में गुजर गया, इसलिए फाइनल अवार्ड तय करके मंडलायुक्त को नहीं भेजा जा सका। अब अनुमान है कि बाकी रह गए गांव का यह काम सप्ताह भर में पूरा कर दिया जाएगा। -अभिषेक प्रकाश, डीएम
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

बच्चों की प्री-मैच्योर डिलीवरी पर बोले करण जौहर, कहा- उन्हें देख घबरा गया था

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

नहीं पसंद है इंजीनियरिंग? तो कुछ अलग कोर्स पर तैयार करें करियर

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

स्टीलबर्ड के एमडी राजीव कपूर की ये बातें आपको भी बना सकती हैं सफल

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

क्या करण जौहर के हीरोइनों से लड़ने में मजा आने लगा है?

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

अक्षय की फिल्म बनाएगी गजब रिकॉर्ड, हॉलीवुड भी देखता रह जाएगा

  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

Most Read

सीएम बनते ही याेगी ने लिया बड़ा फैसला, हांफने लगी यूपी की पुलिस

cm yogi adityanath first decision for up police
  • मंगलवार, 21 मार्च 2017
  • +

सीएम बनते ही सुपर एक्शन में योगी, युवाओं के लिए कर दिया ये बड़ा एेलान

cm yogi adityanath first action for youth
  • बुधवार, 22 मार्च 2017
  • +

योगीराज में सूबे की चर्चित जिलाधिकारी बी. चंद्रकला प्रतिनियुक्ति पर पहुंचीं दिल्ली

Yogiraj discussed the District Magistrate B. chandrakala Delhi reached deputation
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

छात्रा बनकर थाने पहुंचीं सीओ ने दी तहरीर, मुंशी ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट    

CO Vandana Sharma
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +

एक्‍शन मोड में योगी सरकार, बनारस के 15 थानों पर नए थानेदार

Yogi Sarkar in action mode, new SHO at 15 locations in varanasi
  • शनिवार, 25 मार्च 2017
  • +

बूचड़खानों पर एक्शन, सरकार बोली- चिकन वाले न डरें

UP Meet sellers on strike today crackdown on illegal slaughterhouses and meat shops
  • सोमवार, 27 मार्च 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top