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एसएसपी और आईओ हाईकोर्ट में तलब

Bareilly

Updated Wed, 07 Nov 2012 12:00 PM IST
नवाबगंज के तुमड़िया गांव से चार भाई-बहनों के अपहरण के मामले में पुलिस ने नहीं की कोई कार्रवाई
अमित बिसारिया
बरेली। नवाबगंज के गांव तुमड़िया से एक किसान के चार बच्चों के एक साथ गुम हो जाने के मामले में पुलिस ने कोई तहकीकात ही नहीं की। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विवेचना अधिकारी को तलब कर इस मामले में हुई तहकीकात के बारे में बताने का आदेश दिया, लेकिन इस आदेश की भी अनदेखी कर दी गई। अब हाईकोर्ट ने विवेचना अधिकारी के साथ एसएसपी को भी तलब कर लिया है।
तुमड़िया गांव में रहने वाले ठाकुरदास बच्चे लवनेश कुमारी, संगीता, प्रदीप कुमार और अमित कुमार 11 जुलाई को घर से गायब हो गए थे। इन चारों की उम्र दस साल से कम थी। ठाकुरदास के मुताबिक उनकी पत्नी मायके गई हुई थीं। 11 जुलाई की शाम को वह खेत में पानी लगाने निकले तो सबसे बड़े बेटे 12 वर्षीय रोहित को छोटे भाई-बहनों का ख्याल रखने की हिदायत देकर पांचों बच्चों को घर छोड़ गए थे। दरवाजे पर बाहर से कुंडी लगा दी थी। सुबह करीब चार बजे जब वह घर लौटे तो घर में अकेले रोहित सोता मिला। लवनेश, संगीता, प्रदीप और अमित गायब थे।
ठाकुरदास के मुताबिक उन्होंने रोहित को उठाकर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसे कुछ पता नहीं है। ठाकुरदास ने कई दिनों तक थाना नवाबगंज के चक्कर काटे, तब कहीं बच्चों की गुमशुदगी दर्ज की गई। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने बच्चों का पता लगाने की कोई कोशिश की। वह अफसरों के चक्कर काटते रहे। इससे बच्चों की गुमशुदगी को अपहरण की धाराओं में तरमीम कर दिया गया, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई इसके बाद भी नहीं की।
हारकर ठाकुरदास ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने बच्चों की बरामदगी के लिए एसएसपी को निर्देश देने की फरियाद की। हाईकोर्ट ने ने 11 अक्तूबर को मामले की विवेचना कर रहे दरोगा हीरालाल वर्मा को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने और बच्चों के अपहरण के मामले में की गई कार्रवाई का ब्योरा देने के लिए 31 अक्तूबर को पेश होने का आदेश दिया, लेकिन इस तारीख पर विवेचना अधिकारी अदालत में पहुंचे ही नहीं। हाईकोर्ट ने अब विवेचना अधिकारी के साथ एसएसपी बरेली को भी व्यक्तिगत रूप से 19 नवंबर को हाजिर होने का आदेश दिया है। यह भी कहा है कि 31 अक्तूबर को विवेचना अधिकारी के हाजिर न होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले में एसएसपी बरेली और विवेचना अधिकारी अदालत के आदेश की अनदेखी कर रहे हैं। यह बहुत गंभीर मामला है जिसमें चार नाबालिग बच्चे गायब है। - न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह व न्यायमूर्ति अनिल कुमार अग्रवाल
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