आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सात गांवों के करार पर कमिश्नर की मुहर

Bareilly

Updated Sat, 29 Sep 2012 12:00 PM IST

बरेली। शहर के ड्रीम प्रोजेक्ट बड़ा बाईपास के निर्माण में आने वाली अड़चनें और कम हो गई हैं। कमिश्नर ने इससे जुड़े सात गांवों के किसानों के लिए फाइनल अवार्ड घोषित कर दिया है। इस तरह अब तक बड़ा बाईपास के लिए 19 गांवों के साथ मुआवजे के करार को मंजूरी मिल चुकी है। सप्ताह की शुरुआत में एसएलएओ दफ्तर में किसानों को मुआवजा बांटा गया था। किसानों ने भी प्रोजेक्ट को लेकर नरम रुख अपनाया है।
बड़ा बाईपास प्रोजेक्ट को डीएम अभिषेक प्रकाश गंभीरता से लिया है। उन्होंने एडीएम प्रशासन एके उपाध्याय, एडीएम एफआर शिशिर और एसएलएओ लक्ष्मीशंकर सिंह की टीम गठित कर उन्हें गांवों का दौरा करने के निर्देश दिए थे। टीम ने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए बीते हफ्ते कई गांवों का दौरा किया और किसानों को जमीन देने में आ रही समस्याएं सुनी थीं। उनके साथ एनएचएआई के अफसर भी शामिल रहे। प्रशासन की मुहिम रंग लाई और और अब सात गांवों के किसान जमीन देने के लिए सहमत हो गए हैं। इसके साथ ही अन्य कई गांवों से बात चल रही है। बता दें कि बड़े बाईपास के लिए 33 गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई है। जिन सात गांवों का मुआवजा फाइनल किया गया है, ये हैं-आलमपुर, नवदिया जादा, मुड़िया अहमदनगर, आसपुर खूबचंद, कुम्हर, भूड़ा और इंटौआ बेनीराम।
एडीएम एफआर शिशिर ने बताया कि बड़ा बाईपास के निर्माण में आने वाली बाधाएं खत्म हो गईं हैं। किसानों के साथ मिलने का फायदा हुआ है और विरोध करने वाले किसानों का रुख भी नरम हुआ है।



-----------------
आईटीबीपी ने प्रशासन से मांगी जमीन
बरेली। आईटीबीपी ने प्रशासन से अपने विस्तार के लिए बाली नगला में 47 एकड़ जमीन मांगी है। आईटीबीपी अपने विस्तार के तहत यहां पर फायरिंग रेंज, आवासीय परिसर और परेड ग्राउंड बनाने जा रहा है। प्रशासन को दिए पत्र में आईटीबीपी के बुखारा कैंप से लगे गांव बारी नगला की जमीन का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है। प्रशासन की ओर से इसकी अनुमति मिल चुकी है और धारा चार के तहत इसका नोटिफिकेशन होना है। धारा चार का मतलब है जमीन का चिन्हीकरण हो जाना। इसमें कमिश्नर की अनुमति लिया जाना अभी बाकी है। चूंकि 25 एकड़ से ज्यादा की जमीन अधिग्रहण पर कमिश्नर की अनुमति लेनी होती है। एसएलएओ की ओर से फाइल तैयार है और कमिश्नर को भेजी जाएगी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

villages contract

स्पॉटलाइट

कंगना के घर में आई खुशियां, जल्द आएगा नन्हा मेहमान

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

मोबाइल के टेक्स्ट मैसेज को दूसरे फोन में कैसे करें ट्रांसफर

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

ब्लू आर1 प्लस स्मार्टफोन लॉन्च, जानें क्या है स्पेसिफिकेशन

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

'नो एंट्री' के सीक्वल में सलमान खान का डबल धमाका

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

मेष राशि वालों को इस सप्ताह होगा अपनी गलतियों का अहसास, जानें अपना प्रेम राशिफल

  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

Most Read

शहीद कैप्टन के घर पहुंचे अख‌िलेश, बोले- 'अपनी ताकत का एहसास कराए सरकार'

martyr captain's body will come today
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

योगी की चेतावनी- 9 से 6 ऑफिस में ही दिखें, कभी भी बज सकता है फोन

press con of minister shrikant sharma
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

पार्टी की एकजुटता के लिए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दें अखिलेश : शिवपाल यादव

Akhilesh resign for party unity: Shivpal Yadav
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

अंकल पेंट मत करना, पापा दरोगा हैं, इसके बाद सीओ ने क्या किया

Do not paint uncle, Papa is Daroga, what did the CO do after this
  • गुरुवार, 27 अप्रैल 2017
  • +

शहीद की मां का दर्द,‘प्रधानमंत्री से कुछ नहीं होता तो मैं ही कर दूंगी आतंकवादियों का खात्मा’

martyr ayush mother says about pm modi
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +

शहीद कैप्टन के पिता का बड़ा बयान, कहा-'केंद्र सरकार की खराब पॉलिसी की वजह से मरा मेरा बेटा'

big statement of father martyr captain ayush yadav
  • शुक्रवार, 28 अप्रैल 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top