आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

प्रसंगवशः कर्फ्यू के दिन, वो फसादों की रातें

Bareilly

Updated Fri, 03 Aug 2012 12:00 PM IST
जिंदगी कभी ठहरती नहीं है। कर्फ्यू आप को चलने नहीं देता। फसाद के दिनों में अपने समाज में यह कशमकश अक्सर होती है। वक्त बेवक्त की अपनी जरूरतों-जवाबदेहियों और कानूनी फरमान के बीच आदमी झूलता रहता है, ‘अनारकली’ और ‘मुग़ले आज़म’ की तरह। पिछले दस दिनों से बरेली और पड़ोस के आंवला में ऐसा इत्तफाक बार-बार हो जा रहा है। हालांकि अमनपसंद लोग रहते हैं यहां, लेकिन किन्हीं वजहों से अब आकर यहां भी कुछ नाइत्तफाकियां कभी-कभी हो जाती हैं। ये हालात, दूसरी सारी मुश्किलों-मुसीबतों के साथ आदमी के मान-सम्मान पर भारी पड़ने लगते हैं। कर्फ्यू का पालन कराने वाला तंत्र मियाद के अंदर किसी तरह की रियायत नहीं देता, जबकि कुछ लोग मजबूर होते हैं कि उनको कहीं जाना ही है। फिर तो ‘बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले.. ’ की नौबत होती है। बेआबरू सिर्फ गली-कूचे में नहीं चौराहों तक पर होना पड़ता है। पुलिस की मर्जी पर है कि आप को कब, कहां मुर्गा बना दे। इस बार के उपद्रव के शुरू के तीन-चार दिनों में तो मुर्गा बनाने का रोना रोते बहुत लोग दिखे। वैसे ऐसे दिनों में किसी को मुर्गा बनाना पुलिस का तो मानो खेल हो जाता है। इस बार ऐसे भी उलाहने दिए गए कि पुलिस वालों, उनके या प्रशासन के किसी अफसर ने भी कुछ मीडियावालों से अंताक्षरी खेलने के लहजे में कहा, ‘आप तो रोज ही खबरों में हमें हवाई जहाज बनाते हैं, आज वक्त है तो हम मुर्गा ही बना देते हैं।’ हालांकि कहने वाले ने ऐसा मज़ाक में कहा हो तो ज्यादा अच्छा है। हम मानते हैं कि यह मजाक ही होगा। शहर के आम लोगों का कहना होता है कि अपने देसी समाज में आपसी रिश्ते बहुत फैले होते हैं और हम अपने परिवार, अपनी संतानों, दोस्तों, रिश्तेदारों पर काफी पक्के भरोसे के साथ जुड़े होते हैं। उनके अच्छे-बुरों दिनों में हमें किसी भी वक्त, चाहे कर्फ्यू हो तो भी, उनके साथ, उनके बीच होना पड़ता है। उनके तकाजे पूरे किए बिना हम खुद भी चैन से नहीं रह सकते। यह हमारी जातीं पहचान है। हमारा आग्रह यह भी होता है कि सभ्य समाज में शासन, सरकार और उसके नुमाइंदे कानून का सम्मान करते हुए कानून की मंशा का भी निरादर न करें। और, कानून की मंशा तो बेशक है कि आम नागरिक की खुद्दारी, उसके मान की परवाह की जाए। तंत्र- प्रशासन और पुलिस उसका आदर करे। सवाल है कि हम आइडियल होने के लिए कितना कुछ करने का हौसला रखते हैं। वरना तो मुर्गा बनाइए, मुर्गा लड़ाइये, चाहे हलाल कर दीजिए.. आप तो अपने मन के लॉट साहब हैं न।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

फिर रामू ने मचाया बवाल, भगवान गणेश पर किए आपत्तिजनक ट्वीट

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

मानसून में भूलकर भी न खाएं ये चीजें हो सकते हैं बीमारियों के शिकार

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

ये हैं शाहरुख खान की बहन, हुआ था ऐसा हादसा सालों तक डिप्रेशन में रहीं

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

बनना चाहते हैं बॉस के 'फेवरेट' तो जल्दी से कर लें ये काम

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

ग्रेजुएट्स के लिए 'इंवेस्टीगेशन ऑफिसर' बनने का मौका, 67 हजार सैलरी

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

Most Read

दिल्ली विधानसभा में दो लोगों ने फेंके पर्चे, स्पीकर ने सुनाई 30 दिन की सजा

ruckus created by 2 angry aap workers inside delhi assembly, level corruption against satyendra jain
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

आसाराम को आया गुस्सा, पुलिस को दिखाई आंख, जानिए क्यों...

asaram angry on police, why
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

ईद पर शबाना के SMS से DM का दिल पसीजा, तोहफे में दी ईदी

Eid Mubarak Shabana sent SMS to Varanasi DM, got Idi in gift
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 50 सीनियर PCS व 28 SDM के तबादले, देखें लिस्ट

senior PCS officers transferred in Uttar Pradesh.
  • मंगलवार, 27 जून 2017
  • +

झारखंडः गोहत्या के शक में युवक की बेहरमी से पिटाई, फूंका घर 

Jharkhand: found after outside dead cow Mob thrashes man's house set on fire
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top