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विधानसभा में शानदार प्रदर्शन, लेकिन मेयर चुनाव में चित्त

Bareilly

Updated Sun, 08 Jul 2012 12:00 PM IST

चार महीने में ही गिरा भाजपा का ग्राफ
बरेली। महानगर की दोनों विधानसभा सीटों पर काबिज होने के बावजूद मेयर चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा। विधानसभा चुनाव में भाजपा को जितने वोट मिले थे, इस चुनाव में उस कामयाबी के आसपास भी पार्टी नहीं दिखी। अब इसके कारण तो भाजपा और संघ परिवार को तलाशने ही होंगे।
पहली बार भाजपा ने एक साथ शहर और कैंट विधानसभा सीटें कब्जाईं। इससे उसके रणनीतिकारों को पूरा यकीन था कि मेयर की कुर्सी भी उसी के खाते में आएगी। दो बार यहां मेयर भाजपा के ही रहे हैं। एक बार 1991-95 तक और दूसरी बार 1995-2000 तक। और, यह वो दौर था जब सिर्फ शहर सीट पर ही भाजपा के विधायक थे, कैंट सीट कांग्रेस या सपा के पास रही। सन् 2000 और 2006 में भी मेयर की सीट भाजपा को नहीं मिली।
महानगर की सीमा में आने वाले शहर और कैंट दोनों विधानसभा क्षेत्रों में इस बार भाजपा प्रत्याशियों को 120876 मत मिले थे। लेकिन, महज चार महीने बाद ही उन्हीं दोनों क्षेत्रों में भाजपा के मेयर पद के उम्मीदवार 82061 मत ही पा सके। और, इस लिहाज से विजयी प्रत्याशी के आसपास भी वह नहीं ठहरे। ऐसा भी नहीं है कि चार महीने में परिस्थितियों में कोई बहुत बड़ा फेरबदल हो गया हो। हालांकि, भाजपा के बड़े नेता कह रहे हैं कि प्रतिष्ठित सीट पर हार की ठोस वजहें तलाशेंगे, लेकिन ये वजहें तलाशने के लिए बहुत ज्यादा माथापच्ची करने की जरूरत नहीं। सभी जानते हैं कि इस चुनाव में संघ परिवार की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता उस तरह से नहीं जुटे, जिस तरह से विधानसभा चुनाव में जुटे थे। आपसी गुटबंदी भी जगजाहिर है। यही सब वजहें रही कि भाजपा का परंपरागत वोट बैंक माने जाने इलाकों से लोग घरों से ही नहीं निकले।


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यह सही है कि मेयर पद पर हमें करारी हार मिली, लेकिन हमारे 23 पार्षद जीतकर आए हैं। इसलिए यह मतलब निकालना कि तीन महीने के भीतर भाजपा का वोट बैंक कम हुआ है, उचित नहीं है। मेयर पद पर हार के कारणों की समीक्षा की जाएगी। - राजेश अग्रवाल, कैंट विधायक
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मेयर पद के नतीजे से हम दुखी हैं, लेकिन जनादेश को पूरे सम्मान के साथ स्वीकार करते हैं। हमारे प्रयास में कमी कहां रही, इस पर कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर बातचीत की जाएगी, ताकि भविष्य के लिए इस हार का सबक लिया जा सके।- डॉ. अरुण कुमार, शहर विधायक
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