आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बरेली और तिलहर के अफीम दफ्तर बंद

Bareilly

Updated Wed, 06 Jun 2012 12:00 PM IST
नीरज
बरेली। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने बरेली और तिलहर (शाहजहांपुर) के जिला अफीम दफ्तर बंद कर दिए हैं। अब काश्तकारों को अफीम की खेती का लाइसेंस लेने या फिर लाइसेंसधारकों को कोई और समस्या होने पर बाराबंकी के जिला अफीम दफ्तर में संपर्क करना होगा। अफीम काश्तकारों की कम तादाद को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर में अफीम की खेती करने वालों के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने करीब पचास साल पहले बरेली और तिलहर में जिला अफीम दफ्तर खोले थे। यहां जिला अफीम अधिकारी तैनात किए जाते थे। बरेली में सिविल लाइंस स्थित जिला अफीम अधिकारी के दफ्तर का कार्यक्षेत्र बरेली और बदायूं जिला था। लंबे समय से शाहजहांपुर के जिला अफीम अधिकारी का चार्ज भी बरेली के जिला अफीम अधिकारी के पास था। लेकिन, अब दोनों ही दफ्तर बंद कर दिए गए हैं।
इसकी वजह इन जिलों में काश्तकारों की घटती तादाद बताई गई है। सन् 1999-2000 में बरेली, बदायूं और शाहजहांपुर के ढाई सौ गांवों में करीब पांच हजार किसान अफीम का उत्पादन करते थे। इसके बाद नारकोटिक्स विभाग ने अपनी नीतियों में बदलाव करते हुए लाइसेंस देने की शर्तें कड़ी कर दीं। पिछले दशक में एक स्थिति ऐसी आई कि लाइसेंस देना एकदम बंद कर दिया गया। तीन साल पहले सांसद मेनका गांधी की पैरवी के बाद केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने लाइसेंस देना शुरू किया। 2010-11 में बरेली में 78 और बदायूं में 71 किसानों को अफीम का लाइसेंस दिया गया। लेकिन, पिछले साल बरेली में 14 और बदायूं में 26 किसानों को ही लाइसेंस मिला। इसी तरह से शाहजहांपुर में आठ अफीम काश्तकार बचे। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के एक अफसर ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया कि इतने कम काश्तकारों पर जिला अफीम अधिकारी की तैनाती नहीं की जा सकती थी। इसलिए इन दफ्तरों को बंद कर दिया गया। अब प्रदेश में सिर्फ बाराबंकी में ही जिला अफीम अधिकारी बैठेंगे। इस साल लाइसेंस लेने के इच्छुक किसानों को बाराबंकी के दफ्तर में ही आवेदन करना होगा। ये लाइसेंस अक्टूबर में जारी किए जाते हैं। अलबत्ता, बरेली में निवारण एवं अधिसूचना प्रकोष्ठ का दफ्तर बना रहेगा, जिसका मुख्य काम चेकिंग है। ताकि, अफीम की स्मगलिंग न हो सके।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

opium office

स्पॉटलाइट

पाकिस्तान की हार के बावजूद टूटा विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका चोपड़ा ने लाइट जलाकर बनाए हैं संबंध, खुद किया खुलासा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

OMG: ये लड़की डॉक्टर से मांग लाई अपना कटा पैर, फिर दिखाए गजब के करतब

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका का सबसे जुदा अंदाज, किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही हैं

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

BIGG BOSS : स्वामी ओम के चलते सलमान ने लिया बड़ा फैसला, ऐसा अब तक नहीं हुअा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 लोगों की मौत, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

कभी भी हो सकता है सपा-कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान, गुलाम नबी ने की पुष्ट‌ि

ghulam nabi confirms congress alliance with sp
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top