आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

अवैध कॉलोनियों के लिए शमन शुल्क कम करने की तैयारी

Bareilly

Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
नई दरें तय करने के लिए कमेटी गठित, शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
अरविंद सिंह
बरेली। बिना ले आउट पास कराए बनाई गई कॉलोनियों और भवनों के विनियमितीकरण में लोगों के रुचि न लेने से बीडीए अफसर चिंतित हैं। अब वे शमन शुल्क कम करने पर विचार कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग नियमितीकरण की योजना का लाभ उठा सकें। इसके लिए बीडीए ने एक कमेटी का गठन किया है, जिसे जल्द से जल्द अपनी सिफारिशें देने को कहा गया है। कमेटी की सिफारिशों को शासन को भेजा जाएगा और अफसरों को पूरा भरोसा है कि शमन शुल्क कम करने की उनकी योजना को शासन की सहमति मिल जाएगी।
पिछले दिनों शहर में 170 अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई थीं। बीडीए अफसरों का मानना है कि अगर कॉलोनाइजर या कॉलोनी की समिति और भवनों का निर्माण करने वाले लोग शमन शुल्क जमा कर दें तो इन कॉलोनियों को वैध किया जा सकता है। लेकिन, तमाम कोशिशों के बावजूद लोग इन्हें वैध कराने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इसकी वजह है कि ज्यादातर कॉलोनाइजर्स का इन कॉलोनियों से कोई मतलब नहीं रह गया है। वे प्लाट या मकान बेचकर अलग हो गए हैं। ऐसे में कंपाउंडिंग के लिए लोगों को अपने पास से ही रुपये खर्च करने होंगे। अभी तक की तय दरों के मुताबिक, प्रति वर्ग मीटर ढाई से तीन हजार रुपये शमन शुल्क देना होगा। यानी, अगर किसी का 100 वर्ग मीटर में मकान है, तो उसे ढाई से तीन लाख रुपये शमन शुल्क देना होगा। बीडीए के अफसरों का मानना है कि यह शुल्क बहुत ज्यादा है, इसे कम किए बिना लोग नियमितीकरण में रुचि नहीं लेंगे। यही वजह है कि बीडीए के वीसी ने हाल ही में एक कमेटी का गठन किया है। उसे शमन शुल्क की उचित दरें तय करने का जिम्मा सौंपा गया है। बीडीए अफसरों की योजना है कि कमेटी की सुझाई गई दरों को बोर्ड बैठक में पास कराया जाएगा। उसके बाद इस रिपोर्ट को शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। बीडीए के एक अफसर ने नाम न छापने के अनुरोध पर बताया कि शासन की मंशा भी शमन शुल्क कम करने की है, इसलिए नई दरों को आसानी से स्वीकृति मिल जाएगी। अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो शमन शुल्क की दर पचास फीसदी तक कम हो सकती है।
----------
विकास के लिए लिया जाता है शमन शुल्क : किसी भी अवैध कॉलोनी को नियमित करने से पहले उसमें जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जितनी रकम की जरूरत होती है, उसे बीडीए अपने यहां जमा कराता है। विकास दो तरीके का होता है : बाह्य विकास और आंतरिक विकास। कॉलोनी के भीतर सड़क, पानी, बिजली और पानी निकासी का इंतजाम आंतरिक विकास में शामिल है, जबकि कॉलोनी तक सड़क, बिजली और पानी की लाइन आदि पहुंचाना बाह्य विकास में शामिल है।
-----------
दो फेज में होती है कंपाउंडिंग : किसी भी कॉलोनी की कंपाउंडिंग दो फेज में होती है। नियमानुसार, पूरी कॉलोनी का लेआउट पास कराना जरूरी होता है। इसके बाद हर मकान मालिक को अपने मकान का लेआउट पास कराना होता है। लेकिन, अवैध कॉलोनियों में ये दोनों ही काम नहीं होते। इसलिए पूरी कॉलोनी के विकास के लिए वहां की समिति को शमन शुल्क जमा करना होता है और इसके बाद हर भवन स्वामी से शमन शुल्क लिया जाता है। दोनों फेज का शमन शुल्क मिलकर इतना ज्यादा हो जाता है कि लोग नियमितीकरण की योजना पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
-----------------
नियमितीकरण के फायदे : कोई भी कॉलोनी नियमित होने पर ही नगर निगम को हैंडओवर की जा सकती है। यानी, उसी स्थिति में वहां के बाशिंदे नगर निगम से मूलभूत सुविधाएं पाने के हकदार होते हैं। मसलन, सड़कों का निर्माण, पेयजल की आपूर्ति, सीवर लाइन आदि की सुविधा। इसके अलावा किसी भी कॉलोनी में नया मकान बनाने या पहले से बने मकान में सुधार के लिए बैंकें तभी लोन देती हैं, जब वो कॉलोनी बीडीए से स्वीकृत हो। रिजर्व बैंक की गाइड लाइंस के मुताबिक, अवैध कॉलोनियों में मकान बनाने के लिए लोन नहीं दिाय जा सकता।
----------
व्यावसायिक और औद्योगिक भवनों की दरें और भी ज्यादा
व्यावसायिक भवनों के लिए शमन शुल्क आवासीय दरों से डेढ़ से दोगुना तक ज्यादा हैं। औद्योगिक क्षेत्र में यह आवासीय से 0.40 गुना अधिक हैं।
----------
लंबी फेहरिस्त है अवैध कॉलोनियों की
कूंर्माचल नगर विस्तार, आनंद विहार, आजादनगर, एमईएस सोसाइटी, पवन विहार, सनराइज एन्क्लेव, गणेशपुरम, फाइक एन्क्लेव, अशोक नगर, कैलाशपुरम, खुशबू एन्क्लेव, संसार एन्क्लेव, नूरनगर, दशरथनगर, अवध विहार, पंचाल नगरी, अवध विहार, पुष्पाजंलि, सैनिक कालोनी, एजाजनगर, गगन विहार, गोपाल नगर, आशापुरम, बालाजी पुरम, सुरेश शर्मा नगर एक्शटेंशन, दुर्गानगर, समेत 170 ऐसी अवैध कालोनियां चिन्हित की गई हैं, जिनका या तो ले आउट पास नहीं है या फिर भवन स्वामियों द्वारा मानचित्र स्वीकृत नही कराए गया है। वर्ष 2011 में कराई गई जनगणना के आंकड़ों पर डाले तो शहर में 2,13,063 मकान हैं, जिनमें से ज्यादातर मकानों के मानचित्र विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं हैं।

-------
फिलहाल निर्माण की कीमत का आधा है शमन शुल्क
विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो शमन नीति में कई खामियां हैं। विकास शुल्क की ऊंची दरें मानचित्रों की स्वीकृति में बाधा बन रही हैं। भवन स्वामी को मानचित्र स्वीकृत कराने में जितना शमन शुल्क जमा करना पड़ रहा है, वह उसके भवन के निर्माण पर आने वाले खर्च का लगभग 50 प्रतिशत हैं।



----------
कॉलोनियों और भवनों के नियमितीकरण के लिए लोग आगे नहीं आ रहे हैं। शमन शुल्क ज्यादा होनी की बात भी कही जा रही है। इन सब बातों पर विचार के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। अंतिम निर्णय वहीं से होगा। -राजमणि यादव, वीसी बीडीए
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

सालों से फिल्मों से दूर हैं रेखा, फिर भी उनका लाइफस्टाइल देख हो जाएगी जलन

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफलः 5 राशियों के लिए आसान नहीं होगा ये हफ्ता

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

पहली ही फिल्म में इस हीरोइन की 'जरूरत' का उठाया गया था फायदा, निर्देशक ने करवा डाले थे बोल्ड सीन

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

ईद पर सलमान खान से लेकर शबाना आजमी के घर बनता है ये लजीज खाना

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

बिग बॉस प्रतियोगी मोनालिसा ने शेयर की ऐसी तस्वीर, लोग कर रहे भद्दे कमेंट

  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

Most Read

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: शव अभी भी अस्पताल में, आज भी तनाव के हालात

tension still in anandpal village, family refuse to take body
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

हरियाणा से मिला सुराग और फिर यूं चला एनकाउंटर आॅपरेशन

gangster  anandpal singh full encounter update
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर: जीता था शाही लाइफ और करता था दाउद को फॉलो

anand pal singh's lifestyle
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें

question raised over gangster anandpal singh encounter
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

आनंदपाल एनकाउंटर:सोए हुए थे गृहमंत्री,एक फोन आया और फिर

home minister gulabchand kataria briefed about anandpal encounter case
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top