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उस उजाले को बस महसूस करता है वो...

Barabanki

Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
बाराबंकी।
उस उजाले को बस महसूस करता है वो ,
जिसकी आंखों ने ‘सहज’ दुनिया नहीं देखी।
नहीं करता ये जहान उसे खुद में शामिल,
फिर भी उसे खुदा से शिकायत नहीं होती।
दिन रविवार, समय दोपहर के 11 बजे, स्थान जनेस्मा महाविद्यालय का प्रांगण जहां मूक-बधिर बच्चों का विद्यालय भी संचालित होता है। यहां काला चश्मा लगाए बच्चे क्रिकेट खेलने में मशगूल हैं। दूर से देखने पर पता ही नहीं चलता कि ये बच्चे गेंद को देख नहीं पा रहे हैं। गेंद के जमीन पर टप्पा खाने की आवाज सुनकर ही बैटिंग कर रहे लक्ष्मण ने ज्यों ही दोनों हाथों से बल्ला घुमाया तो गेंद बाउंड्री लाइन से जा मिली और चौके की आवाज गूंजते ही पीछे बैठे अन्य बच्चे तालियां बजाकर खिलखिला पड़े।
क्रिकेट टीम में शामिल अमित, छोटेलाल, सनी, ओमकार, अमित, नीरज, प्रेमचंद फील्डिंग कर रहे थे तो लक्ष्मण बैटिंग पर थे और बॉलिंग की कामन आकाश ने संभाल रखी थी। इनके प्रशिक्षक पास ही मौजूद इनकी गतिविधियां को देख रहे थे और आवश्यक निर्देश भी दे रहे थे। सामान्य बच्चों की अपेक्षा इन बच्चों का खेल देख काफी अच्छा लगा। बातचीत पर बच्चों ने कहा कि आज वह जो कुछ भी कर रहे हैं इसका श्रेय हमारे प्रशिक्षकों को जाता है। जितना वह सिखाते हैं हम लोग उससे बेहतर करने का प्रयास करते हैं। बेशक इन बच्चों ने आंखों से दुनिया नहीं देखी लेकिन उस उजाले को महसूस किया है उसके घटते और बढ़ते ताप से। बावजूद इन बच्चों को ऊपर वाले से कोई शिकायत नहीं है। वहीं दूसरी ओर इस विद्यालय के कक्षा कक्ष में बच्चों को संगीत की शिक्षा इनकी प्रशिक्षक पूर्णिमा मिश्रा, अवनीश और रजनी द्वारा दी जा रही थी। पूरी तरह से श्रवण बाधित शिवानी, रुपाली, महक, खुशबू, प्राची, दीपक, अंजली, बम-बम भोले डांस पर थिरक रहे थे और प्रशिक्षक इन्हें अपने इशारों के जरिए डांस की बारीकियां सिखा रहे थे। नि:शक्त बच्चों के हौसले और इनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को देखते हुए लग रहा था कि मन में विश्वास हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। जनेस्मा में चलाए जा रहे कैंप में बच्चों को रहने खाने से लेकर पढ़ाई-लिखाई तक का सामान विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। यह पूरी तरह आवासीय विद्यालय है और यहां पर शिक्षक से लेकर रसोइया तक मौजूद रहकर इन बच्चों की देखभाल करते हैं। इसके अलावा बच्चे सेहतमंद रहें इसको लेकर समय-समय पर इनका चेकअप भी कराया जाता है।
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