आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

उस उजाले को बस महसूस करता है वो...

Barabanki

Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
बाराबंकी।
उस उजाले को बस महसूस करता है वो ,
जिसकी आंखों ने ‘सहज’ दुनिया नहीं देखी।
नहीं करता ये जहान उसे खुद में शामिल,
फिर भी उसे खुदा से शिकायत नहीं होती।
दिन रविवार, समय दोपहर के 11 बजे, स्थान जनेस्मा महाविद्यालय का प्रांगण जहां मूक-बधिर बच्चों का विद्यालय भी संचालित होता है। यहां काला चश्मा लगाए बच्चे क्रिकेट खेलने में मशगूल हैं। दूर से देखने पर पता ही नहीं चलता कि ये बच्चे गेंद को देख नहीं पा रहे हैं। गेंद के जमीन पर टप्पा खाने की आवाज सुनकर ही बैटिंग कर रहे लक्ष्मण ने ज्यों ही दोनों हाथों से बल्ला घुमाया तो गेंद बाउंड्री लाइन से जा मिली और चौके की आवाज गूंजते ही पीछे बैठे अन्य बच्चे तालियां बजाकर खिलखिला पड़े।
क्रिकेट टीम में शामिल अमित, छोटेलाल, सनी, ओमकार, अमित, नीरज, प्रेमचंद फील्डिंग कर रहे थे तो लक्ष्मण बैटिंग पर थे और बॉलिंग की कामन आकाश ने संभाल रखी थी। इनके प्रशिक्षक पास ही मौजूद इनकी गतिविधियां को देख रहे थे और आवश्यक निर्देश भी दे रहे थे। सामान्य बच्चों की अपेक्षा इन बच्चों का खेल देख काफी अच्छा लगा। बातचीत पर बच्चों ने कहा कि आज वह जो कुछ भी कर रहे हैं इसका श्रेय हमारे प्रशिक्षकों को जाता है। जितना वह सिखाते हैं हम लोग उससे बेहतर करने का प्रयास करते हैं। बेशक इन बच्चों ने आंखों से दुनिया नहीं देखी लेकिन उस उजाले को महसूस किया है उसके घटते और बढ़ते ताप से। बावजूद इन बच्चों को ऊपर वाले से कोई शिकायत नहीं है। वहीं दूसरी ओर इस विद्यालय के कक्षा कक्ष में बच्चों को संगीत की शिक्षा इनकी प्रशिक्षक पूर्णिमा मिश्रा, अवनीश और रजनी द्वारा दी जा रही थी। पूरी तरह से श्रवण बाधित शिवानी, रुपाली, महक, खुशबू, प्राची, दीपक, अंजली, बम-बम भोले डांस पर थिरक रहे थे और प्रशिक्षक इन्हें अपने इशारों के जरिए डांस की बारीकियां सिखा रहे थे। नि:शक्त बच्चों के हौसले और इनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को देखते हुए लग रहा था कि मन में विश्वास हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। जनेस्मा में चलाए जा रहे कैंप में बच्चों को रहने खाने से लेकर पढ़ाई-लिखाई तक का सामान विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। यह पूरी तरह आवासीय विद्यालय है और यहां पर शिक्षक से लेकर रसोइया तक मौजूद रहकर इन बच्चों की देखभाल करते हैं। इसके अलावा बच्चे सेहतमंद रहें इसको लेकर समय-समय पर इनका चेकअप भी कराया जाता है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

पाकिस्तान की हार के बावजूद टूटा विवियन रिचर्ड्स का रिकॉर्ड

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका चोपड़ा ने लाइट जलाकर बनाए हैं संबंध, खुद किया खुलासा

  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

OMG: ये लड़की डॉक्टर से मांग लाई अपना कटा पैर, फिर दिखाए गजब के करतब

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

प्रियंका का सबसे जुदा अंदाज, किसी राजकुमारी से कम नहीं लग रही हैं

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

BIGG BOSS : स्वामी ओम के चलते सलमान ने लिया बड़ा फैसला, ऐसा अब तक नहीं हुअा

  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

Most Read

खाते में आ गए 49 हजार, निकालने पहुंची तो मैनेजर ने भगाया

49000 come in account without permission of account hoder
  • शनिवार, 14 जनवरी 2017
  • +

बीजेपी को झटका, पूर्व विधायक ने थामा अखिलेश का हाथ

shiv singh chak joins samajwadi party
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

टिकट बंटवारे को लेकर बीजेपी से नाराजगी पर आया स्वामी प्रसाद मौर्या का बयान

swami prasad maurya denies news of being unhappy due ticket distribution
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

एटा बस हादसे में 25 लोगों की मौत, सीएम ने द‌िए मुफ्त इलाज के न‌िर्देश

cm akhilesh shows grieve on etah school accident
  • गुरुवार, 19 जनवरी 2017
  • +

जानें, सपा में 'अखिलेश युग' की शुरुआत पर क्या बोले अमर ‌सिंह

 amar singh reaction on EC decision.
  • बुधवार, 18 जनवरी 2017
  • +

कभी भी हो सकता है सपा-कांग्रेस के गठबंधन का ऐलान, गुलाम नबी ने की पुष्ट‌ि

ghulam nabi confirms congress alliance with sp
  • मंगलवार, 17 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top