आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है...

Barabanki

Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
बाराबंकी। आजादी की लड़ाई में बाराबंकी का भी अहम योगदान रहा है। बाराबंकी में सत्याग्रह का प्रमुख केंद्र बहरामघाट के निकट घाघरा किनारे बसा ग्राम गनेशपुर था। 1930 में अगस्त के पहले हफ्ते में गनेशपुर (रामनगर स्टेट) की रानी कुवांरी की कोठी के पीछे लगने वाली बाजार में ग्राम के युवा शंकर सिंह, इम्तियाज अली, रघुवर दयाल अवस्थी आदि ने तिरंगा गाड़कर सत्याग्रह शुरू कर दिया था। रानी साहिबा को ये सब पसंद नहीं था।
रानी साहिबा सोचने लगी कि कहीं अंग्रेजी सरकार ये न समझे कि झंडा उनकी सहमति से लगवाया गया है। और उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई न हो जाए। उन्होंने अपने मैनेजर को भेजकर जिला के कलेक्टर साहब को शंकर सिंह आदि के खिलाफ दरख्वास्त दिला दी।
कलेक्टर आर दयाला थे तो सरकारी अधिकारी मगर सच्चे देशभक्त व गांधी को मानने वाले थे। वे तिरंगे का सम्मान करते थे। इस वजह से उन्होंने मामले में एसडीएम फतेहपुर से रिपोर्ट तो मांगी मगर दूसरी तरफ रानी साहिबा के वकील रूपनारायण श्रीवास्तव व कांग्रेसी नेता बंशीलाल बाबू को बुलाकर कहा कि झंडा उतरवाने के लिए जोर न डाला जाए। उन्होंने रानी साहिबा को समझाने के लिए दोनों को भेजा।
अगले दिन बाबू रूपनरायण हड़ाहे के राजा प्रताप बहादुर और कांग्रेस के युवा नेता चंद्रभूषण शुक्ल को लेकर रानी साहिबा की कोठी पर गए। रानी साहिबा परदे में बैठकर इन लोगों से बातचीत शुरू की। वकील साहब और राजा साहब ने उन्हें समझाया। चंद्रभूषण ने मां के संबोधन से रानी साहिबा देश का हवाला दिया। तो वे पिघल गईं। अहिंसा की महत्ता समझने पर वे बोलीं, भइया हमका तो दुख इ बात का है कि तुम्हार साथी शंकर वैद हमसे पूछि लेतीं तो उनका का बिगड़ जात। मुला उ हमका कुछ समझबै न किहिस। जाव तुम पंच कहत हौ तो लाग रहय देब गांधी का झंडा। उसी दिन इसके पहले सवेरे जब शंकर सिंह, इम्तियाज अली और रघुवर दयाल अवस्थी झंडा गीत गा रहे थे तो रानी साहिबा के करिंदों से झंडा उतारने को लेकर विवाद हुआ था। इन लोगों ने साफ साफ कह दिया था - तुम पंच जानि लेव ओ रानी साहिबा ने भी कहि देव कि गांधी का तिरंगा एक दई जहां गड़ि जात है हुवां से फिर उखरत नाहीं है। वरिष्ठ साहित्यकार पं. गिरिजाशंकर शुक्ल ने बताया कि, इसके बाद गनेशपुर के नौजवानों ने झूमकर गाया था, ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है।’
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

अब ज्वेलरी खरीदने पर लगेगा टैक्स, देख लें कितना?

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

भारत के कई शहरों में बढ़ रहा सेक्स का ये नया तरीका

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

इस गर्मी में बड़े सस्ते दामों पर AC बेचेगी सरकार

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

'मुझे टेप लगाना पसंद नहीं , बिना कपड़ों के इंटीमेट सीन करना अच्छा लगता है'

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

क्या आप भी लगाते हैं डियोड्रेंट ? तो जरूर पढ़ें ये खबर

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

जबर ख़बर

30 शौचालयों के गड्ढों की सफाई में जुटे केंद्रीय सचिव '

Read More

Most Read

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • शुक्रवार, 17 फरवरी 2017
  • +

वोट डालने के बाद ये क्या कह गईं डिम्पल यादव

after vote saying dimple yadav
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

मुलायम ने डाला वाेट, भाई शिवपाल के लिए कर दिया ये बड़ा एलान

mulayam singh yadav statement for shivpal singh yadav
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

सीएम अखिलेश ने चाचा शिवपाल काे डाला वाेट, बाेले, बुअा जी रेस से बाहर

akhilesh yadav voting in etawah
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top