आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

किताबों से नहीं ‘जुगाड़’ से हो रही है पढ़ाई!

Banda

Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
प्रदीप द्विवेदी
बांदा। शिक्षण सत्र के करीब दो माह बीतने को हैं, अभी तक परिषदीय विद्यालयों में पाठ्य-पुस्तकें नहीं पहुंच सकीं जबकि शिक्षा महकमा 85 फीसदी पुस्तकें वितरित करने का दावा कर रहा है। बिना किताबों के छात्र-छात्राएं कक्षा में खाली समय बिता कर घर लौट रहे हैं। किताबें समय से नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी परेशान हैं। विद्यार्थी किसी तरह ‘जुगाड़’ से पढ़ाई कर रहे हैं। सोमवार को कई छात्र-छात्राओं ने ‘अमर उजाला’ से अपनी पीड़ा जाहिर की।
सर्वशिक्षा अभियान का जिले में खुला माखौल उड़ाया जा रहा है। शासन ने गत 15 जुलाई को शिक्षा महकमे को सख्त निर्देश दिए थे कि 31 जुलाई तक हर हाल में सभी छात्र-छात्राओं में पाठ्य-पुस्तकों का वितरण हो जाना चाहिए। शासन के इस फरमान की शिक्षा महकमे में जमकर धज्जियां उड़ रही हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में तो दूर जिला मुख्यालय में भी अभी तक छात्र-छात्राओं तक पुस्तकें नहीं पहुंच सकी हैं। शिक्षा महकमे की लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शिक्षण सत्र 2012-13 के दो माह बीत रहे हैं और जिले में पुस्तकें आने के बावजूद अभी वितरित नहीं हो सकीं। बिना किताबों के विद्यालयों में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित है। आर्यकन्या इंटर कालेज की कक्षा सात की छात्रा प्रिया सिंह ने बताया कि अभी तक किताबें नहीं मिलीं। दो किताबें एक छात्रा से ली है। गाइड बुक के जरिए किसी तरह कक्षा का काम पूरा करती है जबकि कक्षा आठ की छात्रा गरिमा त्रिवेदी बेसिक शिक्षा विभाग की हीलाहवाली से क्षुब्ध है। उसने बताया कि शिक्षण सत्र के दो महीना बीत गए। यदि किताबें नहीं मिलीं तो परीक्षा की तैयारियां कब और कैसे करेंगी।
कक्षा छह की छात्रा सुधा वर्मा व मनोरमा वर्मा ने बताया कि सरकारी पुस्तकें दुकानों में भी नहीं मिलती हैं, जिससे खरीदकर काम चलाया जा सके। स्कूल में किताबों के लिए आज-कल किया जा रहा है।
इसी प्रकार कक्षा छह की छात्रा चित्रा यादव व अनामिका कहती हैं कि बिना किताबों के उनका विषय पिछड़ रहा है। स्कूल में टीचर काम कराती जा रही हैं, लेकिन बिना किताबों के उनके कुछ समझ में नहीं आता। किताबें कब तक मिलेंगी, कुछ कहा नहीं जा सकता।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

studies ' stage '!

स्पॉटलाइट

मॉडल की दुनिया की इन परियों को देखकर आप भी कहेंगे...'स्टाइल में रहने का'

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

रेखा और अमिताभ के ये लव सींस देख रो पड़ीं थीं जया

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

ये होती है शादी करने की सही उम्र, जान लें फायदे

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

गर्म-गर्म चाय पीने के हैं शौकीन, जा सकती है जान

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

सनी लियोन बनीं मां, लातूर की बेटी को किया अडॉप्ट

  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

Most Read

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

शिक्षामंत्री की कुर्सी पर बैठ FB में शेयर की फोटो, वायरल होते ही हिरासत में युवक

police arrested boy sat on minister's chair after uploading pic on FB
  • गुरुवार, 20 जुलाई 2017
  • +

सीजफायर उल्लंघन पर भारत का पाक को करारा जवाब, कई पोस्ट की तबाह

befeating response to pakistan of CFV many posts destroyed
  • बुधवार, 19 जुलाई 2017
  • +

..जब पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच 10 घंटे फंसे रहे दो स्कूलों के 217 बच्चे

more than two hundred children were stucked in pak shelling in school
  • मंगलवार, 18 जुलाई 2017
  • +

अपने सुप्रीमो के स्वागत के लिए भाजपा ने बिछाए पलक पांवड़े

bjp president amit shah will reach jaipur today
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

कश्मीर: श्रीनगर समेत कई जिलों में कर्फ्यू जैसे हालात, घाटी में रेल सेवा बंद

Tensed Situation in kashmir on friday
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!