आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

डेड लाइन खत्म, 2269 बच्चों के नहीं खुले खाते

Banda

Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
बांदा। बेसिक शिक्षा विभाग छात्रवृत्ति खाता खुलवाने में फिसड्डी साबित हुआ। जिलाधिकारी और बीएसए की हिदायत के बावजूद खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूली बच्चों के खाते खुलवाने में रुचि नहीं दिखाई। डेड लाइन बीत गई, पर अभी तक दो हजार से अधिक बच्चों के खाते नहीं खुल सके। सबसे खराब स्थिति नगर क्षेत्र की है। यहां 1140 बच्चे खाता न खुलने से सरकारी योजना से महरूम हो जाएंगे।
छात्रवृत्ति बच्चों तक पहुंचने में तरह-तरह की अनियमितताएं सामने आ रही थीं। इन सबसे बचने के लिए शासन ने छात्रवृत्ति सीधे बच्चों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। जुलाई माह से स्कूली बच्चों के खाते खुलवाने की प्रक्रिया चल रही है। उच्चाधिकारियों के दबाव में जिला विद्यालय निरीक्षक ने डेड लाइन से पहले खाता खोलने का लक्ष्य पूरा कर लिया, पर बेसिक शिक्षा महकमा फिसड्डी है। बेसिक शिक्षा विभाग को जिले में 22 हजार 737 बच्चों के सीबीएस बैंकों में खाते खुलवाकर खाता संख्या अल्पसंख्यक व समाज कल्याण विभाग में जमा करने थे। खाता संख्या आने के बाद कंप्यूटर में आनलाइन फीडिंग होनी थी। करीब पांच माह बीत रहे हैं पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के रुचि न लेने से दो हजार 269 बच्चों के अभी तक खाते नहीं खुले। 30 नवंबर खाता संख्या जमा करने की अंतिम तिथि थी। बड़ोखर, कमासिन, जसपुरा, महुआ, बिसंडा व तिंदवारी के एसडीआई ने लक्ष्य से अधिक खाते खुलवाकर जिम्मेदारी निभाई। बबेरू ने 3339 लक्ष्य के सापेक्ष महज 2396 बच्चों के खाते खोले गए। यहां 993 बच्चे खाता न खुलने से वजीफा से वंचित हो जाएंगे। नरैनी में 4244 लक्ष्य के सापेक्ष 4058 बच्चों के खाते खुले। 186 बच्चों के खाते नहीं खुलवाए गए। नगर क्षेत्र की स्थिति सबसे खराब है। यहां 4373 लक्ष्य के सापेक्ष 3233 बच्चों के खाते खुले। 1140 बच्चों के आज तक खाते ही नहीं खुल सके।नगर शिक्षा अधिकारी सुनील द्विवेदी को इस लापरवाही पर बीएसए व डीएम की फटकार भी सुननी पड़ी। बावजूद, इसके नतीजा शून्य रहा। बबेरू खंड शिक्षा अधिकारी राजीव सिंह ने पल्ला झाड़ते हुए खाता न खुलने के पीछे बैंकों को दोषी बताया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप चौधरी ने इस संबंध में कहा कि खाता खुलवाने में लापरवाह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खाता नहीं खुल पाने में एसडीआई की हीलाहवाली को उन्होंने नकार दिया। कहा कि शेष खाते जल्द ही खुल जाएंगे और फीडिंग के पहले विभाग में पहुंच जाएंगे।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

B'Day Spl: 13 साल छोटी कोरियोग्राफर से प्यार में पड़े थे संजय लीला भंसाली लेकिन आज भी हैं कुंवारे

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

कपल्स को देखकर ये सोचती हैं सिंगल लड़कियां!

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

नौकरी के बीच में ही कपल्स को मिल सकेगा 'सेक्स ब्रेक'

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

सुपरस्टारों के ये बच्चे भी बिन तैयारी हुए लॉन्च, हो गए फ्लॉप

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

बदन से आती है दुर्गंध ? खाने की प्लेट से हटा दें ये चीजें

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

वाेटिंग में पांच लाख इनामी डाकू बबुली काेल का खाैफ, पुलिस, पीएसी ने की घेरेबंदी

daku babuli kol affects up election 2017
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

पत्नी की हत्या का आरोपी अमनमणि समेत सात सपा से निष्कासित

Amanmani tripathi expelled from SP.
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top