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डेड लाइन खत्म, 2269 बच्चों के नहीं खुले खाते

Banda

Updated Tue, 04 Dec 2012 05:30 AM IST
बांदा। बेसिक शिक्षा विभाग छात्रवृत्ति खाता खुलवाने में फिसड्डी साबित हुआ। जिलाधिकारी और बीएसए की हिदायत के बावजूद खंड शिक्षा अधिकारियों ने स्कूली बच्चों के खाते खुलवाने में रुचि नहीं दिखाई। डेड लाइन बीत गई, पर अभी तक दो हजार से अधिक बच्चों के खाते नहीं खुल सके। सबसे खराब स्थिति नगर क्षेत्र की है। यहां 1140 बच्चे खाता न खुलने से सरकारी योजना से महरूम हो जाएंगे।
छात्रवृत्ति बच्चों तक पहुंचने में तरह-तरह की अनियमितताएं सामने आ रही थीं। इन सबसे बचने के लिए शासन ने छात्रवृत्ति सीधे बच्चों के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। जुलाई माह से स्कूली बच्चों के खाते खुलवाने की प्रक्रिया चल रही है। उच्चाधिकारियों के दबाव में जिला विद्यालय निरीक्षक ने डेड लाइन से पहले खाता खोलने का लक्ष्य पूरा कर लिया, पर बेसिक शिक्षा महकमा फिसड्डी है। बेसिक शिक्षा विभाग को जिले में 22 हजार 737 बच्चों के सीबीएस बैंकों में खाते खुलवाकर खाता संख्या अल्पसंख्यक व समाज कल्याण विभाग में जमा करने थे। खाता संख्या आने के बाद कंप्यूटर में आनलाइन फीडिंग होनी थी। करीब पांच माह बीत रहे हैं पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के रुचि न लेने से दो हजार 269 बच्चों के अभी तक खाते नहीं खुले। 30 नवंबर खाता संख्या जमा करने की अंतिम तिथि थी। बड़ोखर, कमासिन, जसपुरा, महुआ, बिसंडा व तिंदवारी के एसडीआई ने लक्ष्य से अधिक खाते खुलवाकर जिम्मेदारी निभाई। बबेरू ने 3339 लक्ष्य के सापेक्ष महज 2396 बच्चों के खाते खोले गए। यहां 993 बच्चे खाता न खुलने से वजीफा से वंचित हो जाएंगे। नरैनी में 4244 लक्ष्य के सापेक्ष 4058 बच्चों के खाते खुले। 186 बच्चों के खाते नहीं खुलवाए गए। नगर क्षेत्र की स्थिति सबसे खराब है। यहां 4373 लक्ष्य के सापेक्ष 3233 बच्चों के खाते खुले। 1140 बच्चों के आज तक खाते ही नहीं खुल सके।नगर शिक्षा अधिकारी सुनील द्विवेदी को इस लापरवाही पर बीएसए व डीएम की फटकार भी सुननी पड़ी। बावजूद, इसके नतीजा शून्य रहा। बबेरू खंड शिक्षा अधिकारी राजीव सिंह ने पल्ला झाड़ते हुए खाता न खुलने के पीछे बैंकों को दोषी बताया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप चौधरी ने इस संबंध में कहा कि खाता खुलवाने में लापरवाह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। खाता नहीं खुल पाने में एसडीआई की हीलाहवाली को उन्होंने नकार दिया। कहा कि शेष खाते जल्द ही खुल जाएंगे और फीडिंग के पहले विभाग में पहुंच जाएंगे।
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