आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

कभी कई प्रांतों में बिखरती थी ‘परसन’ की खुशबू

Banda

Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
मृत्युंजय द्विवेदी
अतर्रा (बांदा)। चावल नगरी के रूप में ख्याति पा चुका अतर्रा कस्बा अब शासन व विभाग की उपेक्षा का शिकार है। दो दशक पूर्व यहां करीब 33 राइस मिलें थी। यहां के सुगंधित व स्वादिष्ट चावल की शोहरत यूपी ही नहीं कई अन्य प्रांतों तक थी। पर अब न तो यहां पहले जैसी धान की पैदावार है और न ही राइस मिलों की डूबती नैया को बचाने वाले। परसन व बिलासपुरी जैसी चावल की दुर्लभ प्रजाति लुप्त-सी हो चुकी है।
अतर्रा कस्बे में दो दर्जन राइस मिलें खंडहर में तब्दील हो चुकी हैं। चावल उद्योग के नाम पर यहां महज 10 मीलें ही चल रही हैं। कभी अतर्रा क्षेत्र में धान की अच्छी उपज होती है। यहां का उत्पादित सुगंधित किस्मों का चावल यूपी में कानपुर, बहराइच, मिर्जापुर, गोरखपुर, बरेली, मध्य प्रदेश में कटनी, जबलपुर, सतना, मैहर और बिहार, उत्तराखंड, झारखंड, पंजाब की बाजारों में खुशबू बिखेरता था। यही वजह थी कि दूर गैर प्रांतों तक से बड़े व्यवसायियों ने अतर्रा को अपना ठिकाना बनाया और राइस मिल लगाकर खूब फायदा कमाया। कटनी के व्यापारी देवव्रत अग्रवाल व लखनबाबू ने वर्ष 1950 में स्टेशन रोड में राइस मिले लगाईं और चावल उद्योग की नींव डाली। फिर क्या था इसके बाद कानपुर के अंबिका प्रसाद दीक्षित, सिंधी व्यापारी बरैल, खूबचंद्र, परशुराम, मिर्जापुर के उद्योगपति ने बदौसा रोड में राइस मिलें स्थापित कीं। मिलों में चावल की पालिश से लेकर निकलने वाले महीन केन से तेल बनाने तक का व्यवसाय चल निकला। देखा देखी सूपा (महोबा) के जमींदार हरदीन त्रिवेदी, बदौसा के प्रकाशचंद्र गुप्ता, धर्मदास सिंधी, रामदास गुप्ता आदि ने चावल के जगह-जगह प्लांट स्थापित कर लिए। इन मिलों से करीब 20 हजार स्थानीय मजदूरी पेशा लोगों को रोजी रोटी मिल गई। अपरोक्ष रूप से किसान भी फायदे में रहे। उन्हें उत्पाद की अच्छी व समय से कीमत मिलने लगी। 70 व 80 के दशक में यहां चावल उद्योग चरम पर था। मिलरों ने धर्म कोष स्थापित कर आने वाले किसानों से एक कुंतल धान में एक किलो चंदा जमा कराया। इसी कोष से क्षेत्रवासियों को कस्बे में कई शिक्षण संस्थान हिंदू इंटर कॉलेज, आयुर्वेदिक चिकित्सालय, डिग्री कॉलेज व मुन्नूलाल संस्कृत महाविद्यालय सौगात के रूप में मिले। करीब तीन दशक से इस व्यवसाय पर ग्रहण शुरू हो गया। सरकारी बंदिशों ने चावल नगरी को नेस्तनाबूद कर दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस व्यवसाय की डूबती नैया को पार लगाने में किसी तरह मदद करना मुनासिब नहीं समझा। लिहाजा इस समय 36 में से महज 10 मिलें ही बची हैं और वह भी कब बंद हो जाएं, कहा नहीं जा सकता। इस संबंध में गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष कवींद्र त्रिवेदी कहते हैं कि सरकारें उद्योग धंधे बढ़ाने के लिए विदेशी निवेश पर जोर दे रहीं हैं। पर अपने ही क्षेत्र के दम तोड़ रहे उद्योग धंधों को बचाने के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है। सरकारों ने किसानों की उपेक्षा कर उद्योग पति व पूंजीपतियों के इशारे पर अपनी नीतियां बनाईं हैं। नतीजा सबके सामने है। जयशंकर, ओम, शंकर, नारायण मार्डन, जेके इंड्रस्ट्रीज, अखिल भुवन व गायत्री ट्रेडर्स के संचालकों ने केंद्र व सूबे की सरकारों से चावल उद्योग को फिर से जीवित करने की गुहार लगाई है।
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

provinces scent

स्पॉटलाइट

आखिर क्यों करीना को साइन करना पड़ा था 'No Kissing Clause', अब ऐश्वर्या ने भी लिया ये फैसला

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

व्रत में सेंधा नमक क्यों खाते हैं? आप भी जान लें

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

PHOTOS: ऐश्वर्या राय ने पहनी अब तक की सबसे अजीब ड्रेस, शाहरुख की भी छूट गई हंसी

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

पत्नी को छोड़ इस राजकुमारी के साथ 'लिव इन' में रहते थे फिरोज खान, फिर सामने आया था ‌इतना बड़ा सच

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

नवरात्रि 2017ः इस पंडाल में मां दुर्गा ने पहनी 20 किलो सोने की साड़ी, जानें खासियत

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

Most Read

बैठक में फूटा मुलायम का दर्द, बोले- अखिलेश ने बाप को धोखा दिया

Mulayam Singh Yadav can announce a new political Party today
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

मुलायम के प्रेस नोट से खुलासा, खोखली नहीं थी नई पार्टी के गठन की खबरें

Information about the new party formation by Mulayam Singh was not a rumor
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

दिल्लीः BHU में लाठीचार्ज के विरोध में उतरे एबीवीपी के कार्यकर्ता, पुल‌िस ने बलपूर्वक खदेड़ा

ABVP workers protest outside Shastri Bhawan against bhu clash, being forcefully evicted by Police
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

गुरुग्राम निकाय चुनाव 2017: BJP को तगड़ा झटका, 35 वार्ड में महज 13 पर जीत

gurugram mcd elections results for 2017
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

अखिलेश यादव बोले- अब डिंपल नहीं लड़ेंगी चुनाव, परिवारवाद से भी किया इंकार

akhilesh yadav says dimple yadav will not contest election.
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

...तो इस वजह से मुलायम का अपनी ही पार्टी से होता जा रहा 'मोहभंग'

Mulayam becomes 'disillusion' with his own party
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!