आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

सैकड़ों कटान पीड़ितों का अमन चैन गंगा-घाघरा में समाहित

Ballia

Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
बैरिया / बांसडीह। अंग्रेजी हुकमतों को उखाड़ फेंकने में द्वाबावासियों की अग्रणी भूमिका रही है। आजादी के दीवानों ने नहीं सोचा होगा कि द्वाबा के लोग बाढ़, आग व चहुंमुखी विकास के लिए इस कदर छटपटाएंगे। वर्तमान में आलम यह है कि सैकड़ों कटान पीड़ित गंगा व घाघरा की लहरों से अपना अमन चैन खो रहे हैं। आजादी के बाद से ही गंगा व घाघरा ने द्वाबा के किसी न किसी गांव का इतिहास व भूगोल निश्चित बदला है।
गंगा की लहरों में जिन गांवों का इतिहास बदला है उनमें शाहपुर, गंगौली, पचरुखिया, मझौंवा, रिकनी छपरा, दुर्जनपुर, मीनापुर आदि गांव गंगा की लहरों में समाहित हो गई। प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अरबों रुपये खर्च कर राष्ट्रीय राज्यमार्ग-31 व टीएस बंधे को बचाने में लगी रही। गंगा की तरह घाघरा भी कदम दर कदम तबाही की दास्तां लिखती रही। आज के हालात ऐसे हैं कि इतने खर्च के बावजूद भी न तो गांवों को बचाया जा सका और नहीं एनएच-31 व टीएस बंधे की मुश्किलें कम की जा सकीं। करीब आधा दर्जन प्रतिनिधियों को आजादी के बाद से अब तक द्वाबा के लोगों ने अपना स्नेह व सहयोग के साथ आशीर्वाद दिया। लेकिन द्वाबा के लोगों को मूलभूत सुविधाएं (सड़क, बिजली, पानी) नहीं मिल सकीं।
बांसडीह संवाददाता के अनुसार दियरांचल इलाके में घाघरा नदी के वेग ने प्रत्येक वर्ष तबाही की दास्तान लिखी है। इस वर्ष भी दियरांचल क्षेत्र में घाघरा ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया। जिससे क्षेत्र के दर्जनों गांव समेत 22 सौ हेक्टेयर फसल इसकी जद में आकर नष्ट हो गई। इसको लेकर दियरांचल के लोगाें में भुखमरी की नौबत उत्पन्न हो गई है। दियरांचल इलाके में घाघरा नदी के बाढ़ ने करीब 56 गांवों को अपनी जद में ले लिया है। वहीं दर्जनों गांव बुरी तरीके से बाढ़ में फंस गए हैं। उस गांव के लोग किसी भी तरीके से अपनी जान बचाव कर टीएस बंधे पर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। आलम यह है कि कभी क्षेत्र दूध, दही समेत घी के लिए प्रसिद्ध आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। टीएस बंधे पर गुजारा कर रहे लोग आने वाले आगंतुकों की राह देख रहे हैं। शायद इस उम्मीद में कि लोग हमारी सहायता करेंगे निराशा ही हाथ लग रही है। दियरांचल के लोगों को दु:ख सहन करना नियति बन गई है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

'बैंक चोर' के प्रमोशन के लिए रितेश ने अपनाया अनोखा तरीका, हंसते हंसते हो जाएंगे लोटपोट

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

आईआईटी की 1100 सीटों पर सिर्फ 222 विदेशी छात्रों ने किया अप्लाई

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

शनि के प्रकोप को कम कर देते हैं ये पांच उपाय, आजमाकर देखें

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

पहली ही फिल्म में अक्षय के साथ बोल्ड सीन दे चर्चा में आई थी ये हीरोइन, अब हो गई है ऐसी

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

साप्ताहिक राशिफल: वृष में आएंगे सूर्य, इन राशियों पर पड़ेगा असर

  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

Most Read

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

उत्तर प्रदेश: बलिया में सपा नेता की गोली मारकर हत्या

UP: SP leader Sumer Singh shot dead by motorcycle borne miscreants in Ballia
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

मीट कारोबारियों ने दी धमकी, स्लाटर हाउस चालू कराएं नहीं तो तोड़ देंगे कानून

UP Meat businessmen threaten, start slater house, otherwise break law
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

योगी सरकार ने बदला पेंशन योजना का नाम, अब मिलेंगे एक हजार रुपये

 UP govt to give 1000 rps under pension yojna.
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +

उन्नावः पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक, जान बचाने को ट्रेन से कूदे यात्री

derail of lokmanya tilak in unnao
  • रविवार, 21 मई 2017
  • +

शादी के 16 साल बाद पत्नी ने बदला धर्म, फिर जो हुआ...

wife has changed her religion after 16 years of marriage
  • सोमवार, 22 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top