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जनसेवा केंद्र योजना टांय-टांय फिस्स

Ballia

Updated Tue, 21 Aug 2012 12:00 PM IST
बलिया। केंद्र सरकार के नेशनल ई-गर्वनेंस प्लान के अंतर्गत शासन की मंशा के अनुपालन में जनसेवा केंद्र तो आनन-फानन में खुलने लगे हैं। जिसमें आठ विभाग की 26 योजनाएं लागू हैं। लेकिन विभागीय उदासीनता एवं तहसील के अफसरों की लापरवाही से यह स्कीम पूरी तरह से धूल फांकती नजर आ रही है। अगर एक निवास प्रमाण पत्र तहसील में पांच दिनों में मिल जाता है तो वहीं जनसेवा केंद्रों के माध्यम से जमा कराए गए फार्मों के मिलने का कोई ठिकाना नहीं है।
शासन की मंशा के मुताबिक जिले के सुदूर ग्राम्यांचलों में आमजन को बुनियादी सुविधाएं एवं प्रपत्रों की उपलब्धता इलेक्ट्रानिक डिलिवरी सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध कराने के लिए जन सेवा खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जनपद में कुल 387 जनसेवा केंद्र खोले जाने हैं। इच्छुक लोगों को 12 हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट देने के बाद यह सुविधा उनके सिस्टम पर लोड कर दी जाती है। जिसके तहत राजस्व विभाग से जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण, निवास प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। इसी तरह से नगर पालिका से मिलने वाले प्रमाण पत्रों में से जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र लिया जा सकता है। वहीं पंचायती राज विभाग के तहत कुटुंब रजिस्टर की नकल, जन्म प्रमाण पत्र/ मृत्यु प्रमाण पत्र (ग्रामीण) के साथ खाद्य व आपूर्ति विभाग के तहत नए राशन कार्ड के लिए आवेदन, राशन कार्ड का नवीनीकरण, संशोधन, राशन कार्ड का सरेंडर कराया जा सकता है। इसके अलावा विकलांग कल्याण के तहत विकलांग पेंशन आवेदन, विकलांग लोन, विकलांग शादी अनुदान के साथ तीन अन्य विभागों के तहत विधवा पेंशन, दहेज पीड़ित महिला को आर्थिक व कानूनी सहायता, विधवा पुत्री को शादी अनुदान, विधवा दंपति पुरस्कार योजना, वृद्धा पेंशन, पारिवारिक लाभ योजना, छात्रवृत्ति योजना, शादी व बीमारी ग्रांट, रोजगार दफ्तर का पंजीकरण एवं उसका नवीनीकरण कराया जा सकता है।
नाम न छापने की शर्त पर एक जनसेवा केेंद्र संचालक ने बताया कि उसके हजारों रुपये बर्बाद होने के बाद भी शासन के अफसरों की उदासीनता के चलते 110 फार्म अपलोड किए जाने के बावजूद उसमें से एक भी फार्म का निपटारा नहीं किया जा सका है। अगर तहसील परिसर से बनने वाले प्रमाण पत्र पांच दिन के भीतर मिल जा रहे हैं तो कोई एक महीने तक जनसेवा केंद्र का चक्कर क्यों काटना चाहेगा। आनलाइन का मतलब होता है कार्य में तेजी समय की बर्बादी नहीं।
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