आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

फ्लाप हो रहा माध्यमिक शिक्षा अभियान

Ballia

Updated Sun, 05 Aug 2012 12:00 PM IST
बलिया। जिले में माध्यमिक शिक्षा अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पूरी तरह फ्लाप साबित हो रहा है। एक विद्यालय पर करीब 58 लाख खर्च करने की योजना है। विभागीय पहल के बावजूद कई विद्यालयों में छात्रों की संख्या दहाई का आंकड़ा तक पार नहीं कर सकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि चार विद्यालयों में प्रवेश शून्य है।
जिले के 17 में से 11 विकास खंडों में माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कुल 16 जूनियर हाईस्कूलों को तत्काल प्रभाव से उच्चीकृत कर उसी परिसर में राजकीय विद्यालय का संचालन जुलाई माह से शुरू करा दिया गया है। जिसमें से चार विद्यालयों में प्रशासनिक उदासीनता के चलते आज भी 29 जुलाई तक की मिली सूचना के मुताबिक शून्य है। हालांकि केंद्र सरकार की इस योजना के तहत गांवों में राजकीय विद्यालय खोलकर गरीब छात्र-छात्राओं को कम फीस के आधार पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की योजना है। जिसमें केंद्र सरकार का 75 फीसदी व राज्य सरकार का 25 फीसदी धन खर्च करना पहले से तय है। एक विद्यालय के लिए 58.12 लाख रुपए खर्च करने की योजना बनाई गई है। हालांकि भवन के अभाव में तत्काल प्रभाव से इसे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय ने एक फरमान जारी कर 11 विकास खंडों के जूनियर हाई स्कूलों में शुरू करा दिया। विद्यालयों में कक्षा कक्षा नौ का प्रवेश भी जुलाई में शुरू हो गया था। 29 जुलाई तक के आंकड़ों पर विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जहां शिक्षकों की संख्या पूर्ण थी वहां दहाई का आंकड़ा तो छू गया। लेकिन कई एक स्थानों पर छात्रों की संख्या नगण्य रही। यदि बेलहरी विकास खंड के रुद्रपुर को छोड़ दिया जाए तो किसी ने 100 का आंकड़ा पार नहीं कर सका है। रुद्रपुर में 130, पंद्रह के एकैल में 87, सीयर के सोनाडीह में 50, बांसडीह के केवरा में 30, मुरलीछपरा के टोला बाजारी में 29, नगरा के जुड़नपुर में 25, चिलकहर के बछईपुर में 24, गड़वार के विशुकिया में 20, चिलकहर के हजौली में 18, बेलहरी के दुधैला में 15, रेवती के रजौली में पांच, चौबेछपरा में दो छात्र-छात्राओं का ही पंजीयन हो सका है।
जबकि गड़वार के जगदीशपुर, मनियर के बड़सरी, मुरलीछपर के टोला फतेहराय, नवानगर के कोथ में पंजीयन शून्य रहा। विभागीय अधिकारी चार उच्चीकृत राजकीय विद्यालयों में शुन्य पंजीयन का कारण विद्यालय पर किसी प्रभारी का न जाना मान रहे हैं। यदि पंजीयन की स्थिति पर ध्यान दिया जाए तो शासन का करोड़ों रुपया खर्च करने की योजना पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

education campaign

स्पॉटलाइट

सायना नेहवाल ने खत्म किया सूखा, लंबे समय बाद जीता गोल्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Bigg Boss : सलमान ने शाहरुख पर लगाया गोभी चुराने का आरोप, भड़क गए किंग खान

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अगर दफ्तर में सोना है तो सोएं, लेकिन जरा नजाकत से

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

सोमवार को बना है शुभ संयोग त‌िल के 6 प्रयोग से म‌िलेगा बड़ा लाभ

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

अफगानिस्तान के इस बल्लेबाज ने तोड़ा कोहली का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड

  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

Most Read

सपा-कांग्रेस का हुआ गठबंधन, सपा- 298, कांग्रेस-105 सीटों पर लड़ेगी चुनाव

congress sp alliance sealed
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

शिवपाल समर्थकों ने बनाया नया संगठन, नाम जानकर हो जाएंगे हैरान

shivpal supporters created new organization
  • शनिवार, 21 जनवरी 2017
  • +

अखिलेश की सूची में कुछ नाम बदले, कुछ निरस्त, यहां देखें

correction in akhilesh yadav list
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +

विदेशी सेब पौधे कहीं चौपट न कर दें 3000 करोड़ की बागवानी

foreign apple cultivation is threat for himachal apple growers
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

माया का पलटवार, ‘सपा का काम कम, अपराध ज्यादा बोलता है’

mayawati criticizes on akhilesh manifesto
  • रविवार, 22 जनवरी 2017
  • +

बोले राजा भइया- नहीं है गठबंधन की जरूरत, अकेले ही जीत लेंगे चुनाव

there is no need of alliance with congress
  • शुक्रवार, 20 जनवरी 2017
  • +
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top