आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

लाठियों की तड़तड़ाहट से प्रसन्न होते हैं बाबा

Ballia

Updated Fri, 03 Aug 2012 12:00 PM IST
रसड़ा। फूल और माला नहीं बल्कि लाठियों के प्रदर्शन से प्रसन्न होते हैं श्रीनाथ बाबा। बाबा को प्रसन्न करने के लिए जब भक्तों के बीच सुंदर सजीली लाठियां आपस में चटकती हैं तो देखने वालों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। भक्तों के करतब ऐसे-तैसे नहीं होते बल्कि किसी मजे हुए लट्ठबाज की तरह प्रदर्शन किया जाता है। जब एक साथ सैकड़ों की झुंड में लाठियां चटकती हैं, उस समय ऐसी लाठी शैय्या तैयार होती है कि कोई भी आसानी से उस पर बैठ व लेट सकता है।
पूर्वांचल में श्रीनाथ बाबा की होने वाली अद्भुत पूजा में लाठियों के प्रदर्शन व आस्था के पीछे ऐतिहासिक मान्यता है। बताया जाता है कि मुगल शासन काल में इलाके के लोग जजिया कर से त्रस्त हो चुके थे, उनको कुछ सूझ नहीं रहा था। उस समय बाबा ने इलाके के लोगों को प्रेरित कर अपनी लाठी के बल पर ही मुगलों को जजिया कर लेने से पैर पीछे खंीचने को बाध्य किया। इसके बाद कभी भी मुगल शासक इलाके से जजिया कर लेने की हिमाकत नहीं कर सके। बाबा के प्रति आज भी क्षेत्र के सभी वर्ग के लोगों में अपार श्रद्धा व आस्था है। चूंकि वे लाठी के बल पर मुगल शासकों को जजिया कर लेने से दूर रखा था, इसलिए उनके भक्त आज भी लाठी को ही अपना हथियार मानते हैं और लाठी से ही श्रीनाथ बाबा की पूजा कर प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।
श्रीनाथ बाबा की पूजा में अद्धितीय और अलौकिक शक्तियों के अनेक वर्णन मिलते रहे हैं। उन्होंने अपने अलौकिक शक्तियों से अनेक मानव कल्याण किए। श्रीनाथ बाबा का पूजा समय-समय पर लाठियों से होने के पीछे एक यह भी मान्यता है कि बाबा अपने क्षेत्र के की जनता की ताकत देखने की इच्छा रखते हैं। बाबा की इसी इच्छा की पूर्ति के लिए क्षेत्र बाबा के श्रद्धालु भक्त अपनी-अपनी लाठियों संग बाबा के दरबार में पहुंच शक्ति प्रदर्शन कर बाबा को खुश रखने का प्रयास करते हैं, ताकि बाबा का आशीर्वाद बना रहे। एक यह भी मान्यता है कि बाबा सूरवीरों का सम्मान करते हैं। इस लिए बाबा के दरबार उनके प्रिय हथियार से अपने शौर्य का प्रदर्शन करते हैं।
बाबा के दरबार में श्रद्धा पूर्वक पहुंच कर मांगी की गई हर मन्नत पूरी होती है। बुजुर्गों की माने तो बाबा बाल्यकाल से ही काफी होनहार व तेजस्वी थे। उनका जन्म रसड़ा क्षेत्र के महाराजपुर गांव में सेंगर वंशीय क्षत्रिय परिवार में हुआ था, लेकिन मन में वैराग्य होने कारण बाल्यकाल से ही महात्मा हो गए थे। सैकड़ों वर्ष से हर साल बाबा के दरबार में लठ पूजन होता आ रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

ऐश्वर्या राय सोशल मीडिया से रहेंगी दूर, पति अभिषेक ने लगाया बैन, वजह चौंका देगी

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

'बाहुबली-2' का मोशन पोस्टर रिलीज

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Film Review: मैं 'रंगून' जाऊं कि नहीं, तय करें...

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

सौ साल की हुई पहली डबल रोल फिल्म

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

यात्रा करते समय आती हैं उल्टियां? अपनाएं ये तरीके

  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

रात को सड़क पर लिख दिया आई लव पाकिस्तान का स्लोगन

Pakistani slogans Written on Road at Chamba, Himachal.
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +

ये है अंतहीन प्राकृतिक शिवलिंग, 50 साल पहले जमीन से निकला था बाहर

endless shivling in kanpur
  • शुक्रवार, 24 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top