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आर्सेनिकयुक्त जल से निजात को पहल

Ballia

Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
रामगढ़। जिले के सबसे अधिक आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्र बेलहरी ब्लाक के गंगापुर में आर्सेनिक के नाम पर अरबों रुपये पानी में बहाया गया। बावजूद लोगों को आर्सेनिक मुक्त जल के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। आर्सेनिक से निजात को लेकर मुंबई की एक टीम ने फिल्टर लगाकर आर्सेनिक से मुक्ति का दावा किया है।
एक दशक से द्वाबा क्षेत्र की 306 बस्तियां आर्सेनिक की जद में हैं। सरकार द्वारा इन गांवों में शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए ओवर हेड टैंक, डिप बोरिंग, हैंडपंप, रिमूवल प्लांट लगाया गया। फिर भी क्षेत्र को आर्सेनिक से राहत नहीं मिली और आए दिन आर्सेनिक जनित बीमारियों में वृद्धि होती गई। छह माह पहले आईआईटी मुंबई आर्सेनिक रिमूवल यूनिट फंड वार्ड गवर्नमेंट आफ इंडिया के तहत प्रो. संजीव चौधरी के नेतृत्व में ग्रामसभा गंगापुर में निर्मल खरवार, दिनेश सिंह व ग्रामसभा बलिहार निवासी राणा प्रताप यादव, कौशल मिश्रा के दरवाजे पर आर्सेनिक वाटर फिल्टर लगाया गया। हर एक माह पर श्री चौधरी की टीम द्वारा पानी की जांच की जाती है। निर्मल खरवार के दरवाजे पर लगे हैंडपंप में पहले जांच में 300 पीपीबी पर फिल्टर लगाया गया। फिल्टर लगाने के बाद से निकलने वाले पानी में आर्सेनिक का आउटलेट तीस से सात पीपीबी तक पाया जा रहा है।
इस हैंडपंप के पानी का सेवन करने वाले निर्मल खरवार, रामानंद तिवारी, शिनाथ चौधरी अमर यादव, राणा प्रताप यादव, दिनेश सिंह, अरविंद सिंह ने बताया कि जब से हम लोग इस फिल्टर से मिलने वाले पानी का सेवन कर रहे हैं, तब से गैस, कब्जियत व चर्म रोग में कमी देखने को मिल रहा है। फिल्टर से निकले पानी की जांच शुक्रवार को यूएसए से निर्मित यूनाइटेड किट के जरिए संतोष वर्मा द्वारा किया गया। जिसमें आर्सेनिक की मात्रा न के बराबर रही। फिल्टर लगाने वाले टीम के नेतृत्वकर्ता आईआईटी मुंबई के प्रोफेसर संजीव चौधरी ने बताया कि जहां आयरन की मात्रा अधिक है, वहां आर्सेनिक की मात्रा भी अधिक होती है।
हमारे द्वारा अब तक द्वाबा के आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों में 12 स्थानों पर फिल्टर लगाए गए हैं। वहां करीब छह माह से पानी की लगातार जांच की जा रही है। जांच किए गए जल में आर्सेनिक की मात्रा न के बराबर है। साथ ही इस पानी से लोगों को आर्सेनिक जनित होने वाली बीमारियों में कमी आई है। आगे भी हमारी टीम आर्सेनिक से निजात दिलाने के लिए अपना प्रयास जारी रखेगी।
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