आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

हर साल आग से हजारों परिवार हो जाते हैं बेघर

Ballia

Updated Tue, 15 May 2012 12:00 PM IST
सुरेमनपुर। तहसील प्रशासन ने मानगढ़ के अग्नि पीड़ितों को सिर्फ चार-चार हजार रुपये सहायता राशि प्रदान कर अपने जिम्मेदारियों की इतिश्री कर लिया। पीड़ितों के लिए यह सहायता ऊंट के मुंह में जीरा के समान ही तो है। हर साल आग से हजारों परिवार बेघर हो जाते हैं फिर भी शासन-प्रशासन अगलगी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए या भारी तबाही रोकने की दिशा में कोई स्थाई व्यवस्था नहीं करता है। अगलगी में अपना सबकुछ खो देने के बाद पीड़ित और उनके बाल-बच्चे भूखे पेट दिन काटने को विवश हो जाते हैं। पूरा परिवार महीनों खुलेे आसमान के नीचे रहने को विवश रहता है। इस समस्या की तरफ जनप्रतिनिधियों का भी ध्यान नहीं जाता है।
गौरतलब है कि मानगढ के 27 अग्निपीड़ितों ने तिरपाल के नीचे किसी तरह अपना गुजर-बसर करना शुरू कर दिया। सहायता के रूप में प्रशासन से मात्र चार-चार हजार रुपये ही मिले हैं। भीषण महंगाई के युग में इस युग में पीड़ित चार हजार में कैसे अपने जीवन को चला सकेंगे ये सोचने वाली बात है। सालों खून-पसीने से कमाकर घर में रखा खाद्यान्न, नगदी और जेवर को अग्निदेव ने चंद मिनटों में ही राख कर दिया। अब पेट की भूख और बच्चों की पढ़ाई के साथ ही तन कैसे ढकेगा? यह यक्ष प्रश्न भी पीड़ितों के सामने मुंह खोले खड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि द्वाबा में हर साल अग्निकांड से जब सैकड़ों परिवार बेघर हो जाते हैं तो ऐसे में इन पीड़ितों के लिए सरकार कोई ठोस व्यवस्था क्यों नहीं करती? जनप्रतिनिधि बराबर लोगों से द्वाबा के विकास की बातें तो करते हैं लेकिन जब हर साल द्वाबा में तबाही मचती है तो ये लोग कहां चले जाते हैं। द्वाबा का गरीब तबका रोटी, कपड़ा और पक्के मकान के बिना कैसे विकास की मुख्य धारा में आ सकता है। इस संबंध में मधुबन यादव, वीरेंद्र साहनी, सुरेंद्र साहनी, सुरेश साहनी, लगनदेव साहनी आदि का कहना है कि द्वाबा को अग्निकांड से तभी निजात मिलेगी जब सभी के पास पक्के रिहायशी आवास होंगे। लेकिन आलम तो यह है कि इंदिरा और महामाया के तहत जो राशि मिलती है उस आवास का आधा पैसा अधिकारियों और कर्मचारियों को घूस के रूप में बंट जाता है और जो आधा पैसा मिलता है उससे दीवार तो पक्की बन जाती है लेकिन छत नहीं बन पाती है।
  • कैसा लगा
Comments

Browse By Tags

year thousands

स्पॉटलाइट

आखिर क्यों करीना को साइन करना पड़ा था 'No Kissing Clause', अब ऐश्वर्या ने भी लिया ये फैसला

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

व्रत में सेंधा नमक क्यों खाते हैं? आप भी जान लें

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

PHOTOS: ऐश्वर्या राय ने पहनी अब तक की सबसे अजीब ड्रेस, शाहरुख की भी छूट गई हंसी

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

पत्नी को छोड़ इस राजकुमारी के साथ 'लिव इन' में रहते थे फिरोज खान, फिर सामने आया था ‌इतना बड़ा सच

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

नवरात्रि 2017ः इस पंडाल में मां दुर्गा ने पहनी 20 किलो सोने की साड़ी, जानें खासियत

  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

Most Read

CBI कोर्ट के फैसले के खिलाफ राम रहीम ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा, याचिका दायर

sadhvi rape case, ram rahim filed petition in highcourt against cbi court decision
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

मुलायम के प्रेस नोट से खुलासा, खोखली नहीं थी नई पार्टी के गठन की खबरें

Information about the new party formation by Mulayam Singh was not a rumor
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

गुरुग्राम निकाय चुनाव 2017: BJP को तगड़ा झटका, 35 वार्ड में महज 13 पर जीत

gurugram mcd elections results for 2017
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

अखिलेश यादव बोले- अब डिंपल नहीं लड़ेंगी चुनाव, परिवारवाद से भी किया इंकार

akhilesh yadav says dimple yadav will not contest election.
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +

नवरात्र में टूट सकती है सपा, मुलायम-शिवपाल बनाएंगे नई पार्टी, ये हो सकता है नाम

samajwadi party will be divided mulayam and shivpal announce new party
  • बुधवार, 20 सितंबर 2017
  • +

...तो इस वजह से मुलायम का अपनी ही पार्टी से होता जा रहा 'मोहभंग'

Mulayam becomes 'disillusion' with his own party
  • सोमवार, 25 सितंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!