आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

...ताकि बहराइच में जीवंत रहे थारू लोक संस्कृति

Bahraich

Updated Thu, 29 Nov 2012 12:00 PM IST
बहराइच। समय के थपेड़ों के साथ थारू लोक संस्कृति पर भी पाश्चात्य सभ्यता का मुलम्मा चढ़ता जा रहा है। गीत, संगीत, नृत्य और परिवेश धीरे-धीरे गुम हो रहे हैं। इसकी जीवंतता बरकरार रखने के लिए देहात संस्था ने पहल की है। इस मामले में थारू समाज के लोगों के साथ बैठक कर संस्था के जिम्मेदारों ने मार्च माह में थारू महोत्सव के आयोजन की रूपरेखा तैयार की है। इसमें थारू संस्कृति और सभ्यता को समाज के सामने हू-ब-हू रूप में लाने का प्रयास होगा।
नेपाल सीमा से सटे बहराइच जिले का मिहींपुरवा विकास खंड के आठ गांव ऐसे हैं, जहां पर थारू समुदाय के लोग निवास करते हैं। यह गांव कतर्नियाघाट वन क्षेत्र में हैं लेकिन आधुनिकता की चकाचौंध थारू समाज को भी धीरे-धीरे आगोश में ले रही है। पाश्चात्य रंग थारू समाज पर भी हावी होता दिख रहा है। ऐसे में अब थारू समाज की लोक कलाओं की धुन, परंपरा, लोकगीत और लोकनृत्य बीते कल की बात बन गए हैं। थारू समाज के लोग भी जंगल से निकलकर दिल्ली, मुंबई, पंजाब महानगरों की ओर कदम बढ़ाने लगे हैं। जिसके चलते संस्कृति और सभ्यता का पुराना रंग गुम होता दिख रहा है। इसे पुन: जीवंतता प्रदान करने के लिए डेवलेपमेंट ह्यूमन एडवांसमेंट (देहात) संस्था ने पहल की है। पखवारे भर में संस्था के मुख्य कार्यकारी डॉ. जीतेंद्र चतुर्वेदी ने थारू समाज के लोगों के साथ तीन बैठकें की हैं।
डॉ. जीतेंद्र ने बताया कि पहले तो समाज के लोग अपनी सभ्यता और संस्कृति को विकास में बाधा बता रहे थे लेकिन जब धर्म का हवाला दिया गया तो लोगों ने गीत, संगीत, नृत्य और परिवेश को मंच के माध्यम से समाज के सामने लान पर सहमति जतायी है। मार्च माह में थारू महोत्सव के माध्यम से समाज की सभ्यता और संस्कृति से आम आदमी का परिचय कराया जाएगा।
अलग होती है थारू समाज की लिपि
थारू समाज के बोलचाल की भाषा बिल्कुल अलग तरीके की है। समाज के लोगों के पास इस लिपि की पांडुलिपि भी मौजूद है। थारू समाज के बुजुर्ग रामदास, रामलौटन और भीखू का कहना है कि यह उनकी भाषा है। लेकिन इस भाषा का नाम क्या है? नहीं जानते।
शव के साथ लिपि को जलाने की है परंपरा
थारू समाज के रामलौटन ने बताया कि समाज की पांडुलिपि कई प्रतियों में सभी परिवारों के पास सुरक्षित है। ऐसी मान्यता है कि इस पांडुलिपि को चिता में जलाने पर मृतक की आत्मा को शांति मिलती है। इसके चलते समाज के किसी भी पुरुष की जब मौत होती है तो पांडुलिपि की एक प्रति उसके साथ जला दी जाती है।
नहीं दिखाई पड़ते यह नृत्य
मिहींपुरवा के आंबा, बर्दिया, विशुनापुर, फकीरपुरी, रमपुरवा, रमपुरवा मटेही, भैसाही और धर्मापुर गांवों में कुल 10 हजार की आबादी निवास करती है। थारू लोक कलाओं में डोप, लठौवा, हुड़कवा लोकनृत्य ऐसे हैं जो समाज के लोगों की पहचान हैं लेकिन अरसे से इन गांवों में इस लोकनृत्य का मंचन नहीं हुआ है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

स्पॉटलाइट

हीरोइन ने दिया ऐसा अल्टीमेटम फूट-फूटकर रोए थे शत्रुघ्न सिन्हा, ऐसा क्या हुआ था दोनों के बीच ?

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

पुरुषों को भी होता है ब्रेस्ट कैंसर, यकीं न हो तो पढ़ लीजिए खबर

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

पार्टियों में छाया अनुष्का-विराट का स्टाइल स्टेटमेंट, देखकर हो जाएंगे दीवाने

  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

हाथों का पसीना करता है शर्मिंदा, तो अपनाएं ये आसान तरीके

  • शुक्रवार, 26 मई 2017
  • +

मूड बेहतर करने के साथ हड्डियां भी मजबूत करते हैं ये बीज, जानें कैसे

  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

Most Read

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, मायावती बोलीं- भीम आर्मी से कोई संबंध नहीं

mayawati pc on dalits saharanpur violence
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

यूपी में 174 पीसीएस अफसरों के तबादले, देखें‌ किसे कहां मिली नई तैनाती

sdm transfer by uttar pradesh government
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

MCD उपचुनावः भाजपा का नहीं खुला खाता, आप को मिली जीत

mcd bypoll on 2 seats: know results here as aap won a seat
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +

उत्तराखंड के पांच जिलों में भारी बार‌िश का अलर्ट

Heavy rain alert in five districts of uttarakhand
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

अल्पसंख्यकों का कोटा खत्म करने की बातें आधारहीन: यूपी सरकार

 UP govt to end minority quota
  • मंगलवार, 23 मई 2017
  • +

सहारनपुर दंगाः SSP व डीएम पर गिरी गाज, योगी ने लगाई डीजीपी को फटकार

ethnic conflict : SSP Subhash Chandra Dubey transferred from Saharanpur
  • बुधवार, 24 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top