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प्रसव पीड़िता को लेकर तीन घंटे भटकता रहा पति

Bahraich

Updated Mon, 22 Oct 2012 12:00 PM IST
राजीचौराहा (बहराइच)। एक गर्भवती शनिवार रात प्रसव पीड़ा से तीन घंटे तड़पती रही। उसका पति उसे ठेलिया पर लादकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एएनएम सेंटर के चक्कर लगाता रहा लेकिन इलाज नहीं मिल पाया। मजबूर पति प्रसव पीड़िता को घर ले आया। रात 12 बजे गांव की दाई के सहारे प्रसव कराया गया। नवजात तो स्वस्थ है लेकिन महिला की स्थिति खराब है। उसे झटके आ रहे हैं।
ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य केंद्रों का हाल बदहाल है। महसी के स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन राम भरोसे ही है। रात में
अगर इमरजेंसी पड़ जाए तो डॉक्टर की खोज में आप भटकते ही रहेंगे। शनिवार रात कुछ यही हुआ हरदी थाना क्षेत्र के नवरंगपुरवा फत्तेपुरवा निवासी सुघरा देवी (35) के साथ। सुघरा को रात 9 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। पति मोलहे सुघरा को ठेलिया पर लादकर गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा तो वहां सिर्फ एक चपरासी था। चपरासी रामनरायन ने महिला को एएनएम सेंटर ले जाने की सलाह दी।
मोलहे पत्नी को लेकर एएनएम सेंटर पहुंचा तो वहां भी ताला लटक रहा था। थक हारकर वह तड़पती पत्नी को लेकर घर लौट गया। घर में ही गांव की दाई मनैया की मदद से प्रसव कराया गया। सुघरा को पुत्र हुआ है। नवजात स्वस्थ है लेकिन प्रसव के बाद से महिला को झटके आ रहे हैं। अब तक उसे इलाज नहीं मिल सका है। पति मोलहे का कहना है कि गांव के निजी डॉक्टरों से वह पत्नी की दवा करवा रहा है।
अवकाश पर हूं, पहुंच कर कराऊंगा जांच : सीएमओ
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरि प्रकाश का कहना है कि नवरंगपुरवा फत्तेपुरवा गांव का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने कहा कि वह अवकाश पर हैं। सोमवार को बहराइच पहुंच कर मामले की जांच कराएंगे। महिला को इलाज क्यों नहीं मिल सका, इसकी भी पड़ताल होगी। सीएमओ ने कहा कि महिला के उपचार के लिए चिकित्सक की टीम गांव भेजी जाएगी।
दो वर्ष से बदहाल स्वास्थ्य केंद्र
नवरंगपुरवा फतेपुरवा गांव निवासी राकेश कुमार मिश्रा, रामकुमार मौर्य, रामनरेश भाष्कर, राजितराम मिश्रा, कोयली मिश्र आदि ने बताया कि 10 लाख की लागत से 2010 में एएनएम सेंटर व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना था। लेकिन तभी से स्वास्थ्य केंद्र बदहाल हे। एएनएम सेंटर में तो हमेशा ताला लटकता रहता है। वहीं, स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर तैनात नहीं है, जिस कारण स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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