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रोगियों के ब्यौरे पर दीमकों का कब्जा

Bahraich

Updated Sun, 07 Oct 2012 12:00 PM IST
बहराइच। जिला अस्पताल में रोगियों के अभिलेखों को दीमक चट कर रहे हैं। अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम यह है कि रिकॉर्ड को सुरक्षित स्थान पर रखने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, सीलन भरी जगहों पर अभिलेख इधर-उधर फैले हुए हैं। ऐसे में जरूरत पड़ने पर शायद ही अस्पताल से कोई रिकॉर्ड या रोगियों की जानकारी मिल सके।
अस्पताल में रोगियों की जानकारी, इलाज के अभिलेखों को 25 सालों तक सुरक्षित रखने के आदेश हैं, लेकिन यह आदेश जिला अस्पताल में अव्यवस्था की भेंट चढ़ा हुआ है। अस्पताल के स्टोर रूम में भर्ती रोगियों के अभिलेखों को दीमक चट कर रही हंै। स्टोर रूम में रोगियों की फाइलों और पर्चों के बंडल इधर-उधर बिखरे पड़े हैं। इन बंडलों पर धूल तो जमा है ही, आधे से अधिक दस्तावेज नष्ट हो चुके हैं। ऐसे में अगर किसी मेडिकोलीगल की फाइल को अदालत या कोई अधिकारी तलब करे, तो अस्पताल प्रशासन शायद ही उन अभिलेखों को दिखा सके। ऐसे में पुलिस केस के मामलों में न सिर्फ मुकदमा प्रभावित होगा, बल्कि पीड़ित को न्याय मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
क्या हैं रखरखाव के नियम
जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले सामान्य रोगियों की बीएचटी फाइल, पर्चे व भर्ती रजिस्टर पांच साल तक सुरक्षित रखे जाने का नियम है। अगर कोई रोगी थाने के माध्यम से मारपीट, दुराचार, दुर्घटना के मामलो में भर्ती होता है, तो मेडिकोलीगल की फाइल, पर्चा और बीएचटी रजिस्टर 25 वर्ष तक सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
रैक की है कमी, मांगा है बजट
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. केराम स्वीकार करते हैं कि मेडिकोलीगल के मामलों में भर्तीहोने वाले रोगियों के अभिलेख 25 वर्ष तक सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में 30 वर्ष से अधिक के रोगियों के भर्ती होने के अभिलेख मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अभिलेख अधिक होने से रैक पूरे नहीं पड़े रहे। कम से कम 25 रैक की जरूरत है, जिसमें ढाई लाख का बजट लग सकता है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही बजट की व्यवस्था कराकर रैक का निर्माण कराया जाएगा।
सीएमएस को जानकारी नहीं
जिला अस्पताल के स्टोर रूम में रोगियों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को दीमक चट कर रहे हैं। इस बात पर सीएमएस चौक पड़े। वह बोले, अभिलेख बेतरबीत हो सकते हैं, लेकिन सुरक्षित हैं। शीघ्र ही इसकी जांच कर व्यवस्था दुरुस्त करायी जाएगी। रख-रखाव के प्रति जो जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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