आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है...

Bahraich

Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
बहराइच। ‘तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है।’ जिले में रोगों से होती मौंतें और स्वास्थ्य विभाग के बेहतर सुविधाओं के मजबूत दावे। अंदम गोंडवी की पंक्तियां जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं पर बिल्कुल सटीक बैठती हैं। जहां एक तरह हर रोज जिंदगियां रोगों की बलि चढ़ रही हैं और स्वास्थ्य इंतजाम के हालात यह हैं कि कही डॉक्टर नहीं, तो कहीं केंद्रों पर ताले लटके हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों पर लटके ताले जिले की सुविधाओं और महकमे के दावों की तस्वीर बयां करते हैं। कई दिनों तक केंद्र बंद होने के चलते मरीजों ने भी यहां का रुख करना बंद कर दिया है। जहां केंद्र खोले जाते हैं, वहां के हालात कुछ ऐसे हैं कि एक डॉक्टर पर 48 हजार लोगों की जिम्मेदारी है। ऐसे में संक्रामक रोगों या फिर अन्य किसी घटना में स्वास्थ्य सुविधाओं का मुंह ताकना बेमानी ही साबित होगा। संक्रामक रोगों के चलते जिले में मौतों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग दावा करता है कि प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं, लेकिन मिहींपुरवा और महसी में बंद पड़े स्वास्थ्य केंद्रों की इस तस्वीर से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिले में लोगों के इलाज को लेकर विभाग कितना संजीदा है। नवाबगंज, हुजूरपुर और शिवपुर विकासखंडों में भी केंद्र बंद हैं। जिले की 35 लाख की आबादी पर 11 सीएचसी, 10 प्राथमिक व 46 अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र स्थापित हैं, जिनमें 132 चिकित्सकों के सापेक्ष 72 डॉक्टर ही तैनात हैं। सिर्फ दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ही महिला चिकित्सक की तैनाती है।
50 किलोमीटर का लगाते हैं चक्कर
विकासखंड मिहींपुरवा में मोतीपुर, सेमरीघटही, उर्रा, आंबा, सुजौली और लौकाही में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित हैं, लेकिन डॉक्टर कहीं भी नहीं है। आंबा और सुजौली स्वास्थ्य केंद्र फार्मासिस्ट के भरोसे खुलता है, जबकि अन्य चार स्वास्थ्य केंद्र कई माह से बंद हैं, जिसके चलते इस क्षेत्र के लोगों को 50 किलोमीटर का चक्कर लगाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिहींपुरवा पहुंचते हैं, लेकिन यहां भी महिला डॉक्टर न होने से महिला रोगियों को 120 किलोमीटर दूर जिला महिला अस्पताल जाना पड़ता है।
जहां डॉक्टर नहीं, वहां फार्मेसिस्ट के सहारे अस्पताल
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिप्रकाश स्वीकार करते हैं कि डॉक्टरों की कमी है। उनका कहना है कि जहां डॉक्टर नहीं है, वहां फार्मेसिस्ट के सहारे अस्पताल खोले जा रहे हैं। अगर स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लटक रहा है, तो कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ का कहना है कि प्रतिमाह अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को निरीक्षण के निर्देश हैं। इस पर नजर भी रखी जाती है। मिहींपुरवा, महसी और उर्रा के बंद स्वास्थ्य केंद्रों के बारे में जब सीएमओ से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि अस्पतालों में ताला लटकने का पता चला है, जांच करवाई जाएगी।
सीएचसी पर संसाधनों का टोटा
जिले में पहले छह सीएचसी थे, लेकिन हाल ही में पांच का संचालन और शुरू किया गया है। इनमें मुस्तफाबाद, चरदा, चित्तौरा, हुजूरपुर और शिवपुर शामिल हैं, लेकिन इन सीएचसी पर भी दो या तीन डॉक्टरों के भरोसे ही जैसे तैसे औपचारिकता निभाई जा रही है। मानक के अनुरूप सीएचसी, पीएचसी को मिलाकर 126 पुरुष और 6 महिला डॉक्टर की जरूरत है, लेकिन जिले में इसके सापेक्ष सिर्फ 72 पुरुष और दो महिला चिकित्सक तैनात हैं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

village season

स्पॉटलाइट

कपल्स को देखकर ये सोचती हैं सिंगल लड़कियां!

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

नौकरी के बीच में ही कपल्स को मिल सकेगा 'सेक्स ब्रेक'

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

सुपरस्टारों के ये बच्चे भी बिन तैयारी हुए लॉन्च, हो गए फ्लॉप

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

बदन से आती है दुर्गंध ? खाने की प्लेट से हटा दें ये चीजें

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

हैलो! अनुष्का शर्मा आपसे बात करना चाहती हैं, ये रहा उनका नंबर

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

Most Read

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

पत्नी की हत्या का आरोपी अमनमणि समेत सात सपा से निष्कासित

Amanmani tripathi expelled from SP.
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

वाेटिंग में पांच लाख इनामी डाकू बबुली काेल का खाैफ, पुलिस, पीएसी ने की घेरेबंदी

daku babuli kol affects up election 2017
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top