आपका शहर Close

शिक्षा विभाग ने लाखों का चूना लगाया

Bahraich

Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
बहराइच। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्नीचर खरीदने में लाखों के गोलमाल का खुलासा ऑडिट के दौरान हुआ है। इस मामले में राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए को पत्र भेजा है। वर्ष 2005 से 08 के बीच स्कूल व कार्यालयों के लिए तीन करोड़ 65 लाख से अधिक के फर्नीचर की खरीद की गई लेकिन इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बावजूद विभाग ने आयकर व बिक्रीकर नहीं अदा किए। इससे सरकार को लगभग 40 लाख का चूना लगा है। ऑडिट टीम के आपत्ति करने पर महकमे के लोग अपने बचाव में जुट गए हैं।
वर्ष 2005 से 2008 के बीच जूनियर विद्यालयों में डेस्क और बेंच तथा प्राथमिक विद्यालयों में चौकी और कार्यालयों के लिए फर्नीचर की खरीद के लिए शासन ने जिले के बेसिक शिक्षा विभाग को हरी झंडी दी थी। उस समय जिले के 14 विकासखंडों के 1800 प्राथमिक व जूनियर विद्यालयों में फर्नीचर की खरीद के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 3,65,63,600 रुपये खर्च किए थे। यह बजट सर्व शिक्षा अभियान के तहत दिया गया था। विभाग ने फर्नीचरों की खरीद तो कर ली लेकिन आयकर व बिक्रीकर अदा नहीं किया। हाल ही में विभागीय ऑडिट के दौरान यह मामला अधिकारियों की नजर में आया था। इस पर ऑडिट विभाग ने आपत्ति जताई है। ऑडिट अधिकारियों के मुताबिक लगभग 40 लाख रुपये आयकर बिक्रीकर के रूप में विभाग को जमा करना चाहिए। यह राशि जमा नहीं की गई है, जिससे सरकार को एकमुश्त राजस्व का नुकसान हुआ है। टीम की आपत्ति के बाद सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक अतुल कुमार ने इस मामले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा है। फर्नीचरों की खरीद में आयकर बिक्रीकर की कटौती क्यों नहीं की, इस पर भी जवाब मांगा है। राज्य परियोजना निदेशक ने पत्र में कहा है कि आयकर बिक्रीकर अदा न किए जाने से व्यय अनियमित है। इस पत्र के बाद महकमे में हड़कंप मचा है।
नहीं की गई अनियमितता, हुई है फुटकर खरीद : बीएसए
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हिफजुर्रहमान का कहना है कि फर्नीचरों की खरीद का मामला उनके समय का नहीं है लेकिन मामले की पत्रावलियां देखी गई हैं। कार्यालय द्वारा एकमुश्त फर्नीचरों की खरीद नहीं हुई है। कार्यालय के माध्यम से ग्राम शिक्षा समितियों के खाते में धन का हस्तांतरण किया गया। अलग-अलग विद्यालयों द्वारा अलग-अलग समय पर फर्नीचर की खरीद हुई है। विद्यालयों द्वारा जो धनराशि खर्च की गई है, वह भी 15 से 20 हजार के मध्य है। ऐसे में आयकर बिक्रीकर तब अदा किया जाता है, जब एकमुश्त खरीद हो। उन्होंने कहा कि परियोजना निदेशक को जवाब भेजा जा रहा है।
Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

पद्मावती का 'असली वंशज' आया सामने, 'खिलजी' के बारे में सनसनीखेज खुलासा

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Film Review: विद्या की ये 'डर्टी पिक्चर' नहीं, इसलिए पसंद आएगी 'तुम्हारी सुलु'

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

पत्नी को किस कर रहा था डायरेक्टर, राजकुमार राव ने खींच ली तस्वीर, फोटो वायरल

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

सिर्फ 'पद्मावती' ही नहीं, ये 4 फिल्में भी रही हैं रिलीज से पहले विवादों में

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

बेसमेंट के नीचे दफ्न था सदियों पुराना ये राज, उजागर हुआ तो...

  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

Most Read

J&K: फुटबॉलर से लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी बना था माजिद, किया सरेंडर

footballer who joined LeT has surrendered before security forces in Kashmir
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

चुनाव आयोग का शरद यादव को करारा झटका, बोला- चुनाव चिन्ह तीर के असली हकदार नीतीश

Election commission recognizes Nitish Kumar led faction as JDU and gives them arrow symbol
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

हार्दिक पटेल मामले में अखिलेश का बयान, कहा- 'किसी की प्राइवेसी को सार्वजनिक करना बहुत गलत बात'

akhilesh yadav statement about hardik patel cd case
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +

PoK पर फारूक के बिगड़े बोल, 70 साल में तय नहीं कर पाए अब कहते हैं ये हमारा हिस्सा है

Farooq Abdullah give reaction on POK
  • गुरुवार, 16 नवंबर 2017
  • +

ऐश्वर्या-अभिषेक बने माता-पिता और दादा बने मुख्यमंत्री रमन सिंह

baby girl born to aishwarya abhishek cm raman singh becomes grandfather
  • रविवार, 12 नवंबर 2017
  • +

संशोधित पेंशन का आदेश जारी, 120 से 200 रुपए तक बढ़ी पेंशन

Revised pension issued by up government
  • शुक्रवार, 17 नवंबर 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!