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महसी और कैसरगंज के 101 गांवों में बाढ़

Bahraich

Updated Sat, 25 Aug 2012 12:00 PM IST
बहराइच/जरवलरोड। महसी और कैसरगंज में बाढ़ का संकट बरकरार है। उफनाई घाघरा का पानी और 19 गांवों फैल गया है। इस समय दोनों तहसीलों के 101 मजरे बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ व कटान प्रभावित लोग नावों से सुरक्षित स्थानों की ओर निरंतर पलायन कर रहे हैं। घाघरा नदी का जलस्तर भी पल-पल घट-बढ़ रहा है। गुरुवार की रात से घटा जलस्तर शुक्रवार की शाम फिर बढ़ने लगा है। तीनों बैराजों से फिर पौने दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी का जलस्तर शुक्रवार की दोपहर 105.976 मीटर पर स्थिर था। जबकि बौंडी में नदी का जलस्तर 111.950 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया। गुरुवार की रात एक घंटे के अंदर जलस्तर में सात सेंटीमीटर की गिरावट आई थी लेकिन शुक्रवार की शाम पांच बजे से नदी फिर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ने लगी है। शुक्रवार शाम साढ़े सात एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.548 मीटर पर पहुंच गया। नदी इस समय खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर फिर ऊपर पहुंच गई है। बाढ़ का पानी महसी के निचले इलाके में बसे दर्जन भर गांवों में फैल गया है। उधर, कैसरगंज में भी गोड़हिया नंबर एक, गोड़हिया नंबर तीन, नियामतपुर और खासेपुर ग्राम पंचायतों के सात मजरे पानी से घिर गए हैं। जिसके चलते इस समय जिले मेें दोनों तहसीलों के 101 मजरों में बाढ़ के पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। अपर जिलाधिकारी यूएन सिंह ने बताया कि राहत और बचाव कार्य चल रहा है। 471 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बैराज से डिस्चार्ज हो रहा 1.78 लाख क्यूसेक पानी
सरयू ड्रेनेज खंड के अवर अभियंता अब्दुल रऊफ ने बताया कि चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से एक लाख 10 हजार, बनबसा बैराज से 60 हजार व सरयू बैराज से लगभग 8 हजार क्यूसेक पानी घाघरा में डिस्चार्ज हो रहा है। मालूम हो कि बैराज से बौंडी तक पानी आने में 18-20 घंटे लगते हैं। ऐसे में शनिवार तक नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ सकता है। बाढ़ का संकट गहरा सकता है।
स्पर के निकट शुरू हुई कटान
महसी तहसील में बिसवां गांव के निकट बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए नवनिर्मित स्पर के निकट भी कटान शुरू हो गई है। अभी स्थिति गंभीर नहीं हुई है लेकिन जमीन दलदल होने से कटान बढ़ने की संभावना जतायी जा रही है। यहां पर अवर अभियंता अब्दुल रऊफ सहायक अभियंताओं के साथ कैंप कर रहे हैं।
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