आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

हे भगवान ! कैसे बचेगी बीमारियों से जान

Baghpat

Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
बागपत। एक ओर मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड जैसी जानलेवा बीमारियों का मौसम दस्तक दे रहा है, दूसरी ओर डाक्टरों की भारी कमी झेल रहे इस जनपद में सात डाक्टर और कम हो गए हैं। यहां से 10 डाक्टरों का बाहर तबादला हुआ है जबकि आए हैं सिर्फ तीन। नौबत यहां तक आ पहुंची है कि देहात के सरकारी अस्पताल बगैर डाक्टरों के ही चलाने पड़ रहे हैं। जिले में डाक्टरों के 71 पद हैं, लेकिन तैनात हैं सिर्फ 38। जिला अस्पताल का हाल और बेहाल है। यहां 31 पदों के मुकाबले छह डाक्टरों से काम चलाया जा रहा है।
डाक्टरों के ये तबादले अप्रैल से लेकर अब तक हुए हैं। इसके बाद जो तस्वीर बनी है उसे देखकर सीएमओ तक टेंशन में हैं कि बारिश थमते ही बुखार का जो कहर बरपेगा, उसमें क्या हाल होगा। पिछले साल मलेरिया, डेंगू, वायरल और टाइफाइड ने कोहराम मचा दिया था। पश्चिमी यूपी के इस पिछड़े जनपद के देहात में प्राइवेट डाक्टर भी न के बराबर हैं। ऐसे में या तो मरीज छोटी छोटी बीमारी पर दिल्ली और मेरठ जाएंगे या फिर जान जोखिम में डालकर झोला छापों के इलाज कराएंगे। डाक्टरों की कमी पर सीएमओ डाक्टर जेपी शर्मा यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि डाक्टरों की तैनाती शासन से होती है, वे इसमें कुछ नहीं कर सकते। बहुत जल्द आयुष डाक्टरों का नवीनीकरण हो जाएगा। इससे जिले को 13 डाक्टर मिल जाएंगे। ये डाक्टर आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के हैं।

मरीजों की जान मुसीबत में
--। ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जब घायल सीएचसी पर तड़पते रहे, लेकिन उन्हें उपचार नहीं मिला।
--। सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को लौटा दिए जाने के भी कई मामले हो चुके हैं।
--। जिला अस्पताल में अभी तक सिर्फ ओपीडी है। इमरजेंसी सेवाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं।

हालात पर एक नजर
-- जिले में डाक्टरों के 71 पद हैं जबकि तैनाती है सिर्फ 38 की।
-- जिला अस्पताल में 31 डाक्टर होने चाहिए लेकिन हैं सिर्फ छह।
-- एसीएमओ के 10 पद हैं, लेकिन तैनात हैं सिर्फ एक ही।
-- डिप्टी सीएमओ को दस पदों के मुकाबले सिर्फ तीन तैनात हैं।
-- सर्जन के नौ पद हैं, जबकि तैनाती सिर्फ एक की ही है।
-- गायनोकोलॉजिस्ट के नौ पद हैं, लेकिन तैनात एक भी नहीं।
-- फिजीशियन आठ होने चाहिए, लेकिन फिलहाल एक भी नहीं है।
-- दोघट और बड़ागांव सीएचसी बगैर डाक्टरों के चलानी पड़ रही है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

surplus diseases

स्पॉटलाइट

रमजान 2017: सेहरी में खाएंगे ये 5 चीजें तो दिनभर नहीं लगेगी भूख

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

एक ही फिल्‍म कर गुमनाम हुई ये 'गांव की छोरी', अब विदेश में खड़ा किया अरबों का साम्राज्य

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

रमजान 2017ः पवित्र माह का पहला रोजा आज, जानें इससे जुड़े सख्त नियम

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

#Menstrual hygiene day: पीरियड्स में रखें इन बातों का ख्याल, वरना हो सकती हैं ये दिक्कतें

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

कई फिल्मों में काम कर चुकीं इस पॉपुलर एक्ट्रेस के साथ बेटे ने किया कुछ ऐसा, फूट-फूट कर रोईं

  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

Most Read

यूपी में एक साथ 222 वरिष्ठ PCS अफसरों के तबादले, देखें पूरी लिस्ट

senior PCS transferred in Uttar   Pradesh.
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

यूपी में 141 PPS अफसरों के तबादले

 141 deputy SP transferred in Uttar Pradesh.
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

नीतीश के PM मोदी के साथ लंच पर तेजस्वी का तंज, कहा- चटनी पॉलिटिक्स

cm Nitish kumar will attend pm Modi's banquet
  • शनिवार, 27 मई 2017
  • +

पाक ने की फिर की गोलीबारी, 2 पोर्टरों की मौत

pakistan voilates ceasefire on Loc two porters killed
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +

गृह मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट, मायावती बोलीं- भीम आर्मी से कोई संबंध नहीं

mayawati pc on dalits saharanpur violence
  • गुरुवार, 25 मई 2017
  • +

NIA ने अलगाववादी नेताओं को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया

Separatist leaders to appear before NIA in Delhi
  • रविवार, 28 मई 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top