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बाढ़ से मुक्त हुए गांवों में बीमारियों का खतरा

Azamgarh

Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST

घाघरा खतरे से 25 सेमी. नीचे खिसकी, अभी भी दो दर्जन गांवों की जिंदगी नरक
d संवाददाता
लाटघाट/कटानी बाजार। सगड़ी तहसील में घाघरा नदी के खतरे के निशान से लगभग 25 सेमी. नीचे खिसकने पर भी हरैया और महराजगंज ब्लाक के लगभग दो दर्जन गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। बाढ़ से मुक्त हुए गांवों और स्कूलों के आसपास जलजमाव से दुर्गंध उठ रही है। परिषदीय स्कूलों की साफ-सफाई न होने से बच्चे विद्यालय जाने से जहां कतरा रहे हैं। वहीं, गांवों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव न किए जाने से संक्रामक बीमारियों को खतरा बढ़ गया है। दूषित जल से संभावित बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई पहल न किए जाने पर बाढ़ पीड़ितों में असंतोष है।
पिछले दो सप्ताह से महुला-गढ़वल बांध से उत्तर बसे महराजगंज और हरैया ब्लाक के लगभग 104 गांवों के घाघरा नदी की बाढ़ की जद में आ जाने से लगभग दो दर्जन परिषदीय विद्यालय बंद रहे। संपर्क मार्ग डूब जाने से ग्रामीणों का गांव से बाहर निकला मुश्किल हो गया था। पिछले तीन दिन से घटाव पर आई घाघरा गरुवार को बदरहुआ गेज पर खतरे के निशान से 23 सेमी. और डिघिया गेज पर लगभग 25 सेमी. नीचे चली गई। अधिकतर गांवों का संपर्क मार्ग जहां मुक्त हो गया है। वहीं, लगभग दो दर्जन गांवों के लोग अभी भी बाढ़ से घिरे हैं।
महराजगंज विकास खंड क्षेत्र के सहदेवगंज बाजार बांध से उत्तर तरफ अराजी अमानी, मलहपुरवा, गंगापुर,, कालीजोत, अराजीप्रमाश, बगहवा, अराजी, जजमन जोत, शंकरपुर खीरीजोत, महाजी देवारा, उल्टहवा सहित लगभग दर्जन भर गांवों में बाढ़ का पानी लगा हुआ है। इन गांवों के लोग कमर तक पानी से होकर गुजर रहे हैं। बच्चे भी इसी से होकर गुजर रहे हैं। नौबरार त्रिपुरार खालसा गांव निवासी बहादुर, बाबूराम, प्रताप, रामेश, सूर्यनाथ, जगन्हू आदि लोगों का कहना है कि रात में किसी भी समय तबियत खराब होने व कोई जहरीला जंतु के काट लेने पर उस पार जाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। बाढ़ चौकी सहदेवगंज पर तैनात डा. सुभाष चंद्र गुप्ता का कहना है कि उनके पास सारी दवाएं उपलब्ध है। औघड़गंज गांव के धर्मेंद्र, रामाश्रय, सतिराम, रघुनाथ, टिन्नू आदि का कहना है कि प्रशासन से कोई सहायता नहीं ‌िमली। बाढ़ से मुक्त हुए गांवों और स्कूलों में साफ-सफाई और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव न किए जाने से जगह-जगह सड़ रहे दूषित जल से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
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