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दुर्घटनाओं में हो रही मौतों को रोकने की कवायद

Azamgarh

Updated Wed, 11 Jul 2012 12:00 PM IST
आजमगढ़। राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय राजमार्गों पर आए दिन हो रही दुर्घटनाओं में बढ़ रही मौतों को देखते हुए शासन ने इन मार्गों पर आपातकालीन चल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की कवायद शुरू कर दी है। जिले में इस सुविधा को शुरू कराने के लिए प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी से दो सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगा है। रिपोर्ट में जिले में कितनी एंबुलेंस हैं और उनकी दशा क्या है इसका विवरण देना है।
सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा शासन को वर्ष 2010 एवं 2011 में हुई सड़क दुर्घटनाओं का लेखा-जोखा जब प्रस्तुत किया गया तो पता चला कि बीते वर्षों की तुलना में दुर्घटनाओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या भी बढ़ी है। यह भी सामने आया कि अधिकांश मौतें त्वरित चिकित्सा न मिलने के कारण हुईं। ऐसे में प्रदेश के राष्ट्रीय व राज्यस्तरिय मार्गों पर आपातकालीन चल चिकित्सा उपलब्ध कराने का निर्णय बीते दिनों संपन्न हुई शासन की बैठक में लिया गया। इसमें दुर्घटनाआें की स्थितियों में त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से लोकेशन का निर्धारण जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित कमेटी की तरफ से की जायेगी। इसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इनके द्वारा निर्धारित किये गये लोकेशन पर एंबुलेंस में ड्राइवर और पैरा मेडिकल स्टाफ आवश्यक जीवनरक्षक उपकरणों के साथ चौबीस घंटे में शिफ्टों में उसी प्रकार उपलब्ध होंगे जैसा एनआरएचएम के अंतर्गत व्यवस्था उपलब्ध करायी गयी है।

इनसेट
कई विभागों को मिलाकर गठित होगी कमेटी
आजमगढ़। त्वरित चिकिसीय सुविधा मुहैया करने को जिले में गठित होने वाली कमेटी में पुलिस, चिकित्सा, परिवहन एवं अन्य विभागों के अधिकारी सदस्य होंगे। यह समिति जनपद स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने एवं दुर्घटना से प्रभावित व्यक्तियों को विभिन्न श्रोतों से मिलने वाली सुविधाओं और सहायताओं को उपलब्ध कराने का काम करेगी। समिति की तरफ से एक वर्ष में कम से कम चार बैठकें आयोजित होंगी। इस दौरान विकास खंड वार दूरियों का आंकलन कर एंबुलेंस की तैनाती सहित अन्य सुविधाओं और कमियों पर निगरानी की जाएगी। सचल दस्ते के लोग मोबाइल से लैस होंगे। फायर ब्रिगेड को छोड़कर पुलिस विभाग के एंबुलेंस भी स्वास्थ्य विभाग के हवाले कर दिए जाएंगे।
सीएमओ वीबी सिंह ने कहा कि शासन से आए आदेश के तहत संबंधित कर्मचारियों का निर्देश दिया जा रहा है तथा बैठकें कर जल्द ही रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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