आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

मानसून आने में देरी से प्रभावित होगी पैदावार

Auraiya

Updated Sat, 07 Jul 2012 12:00 PM IST
मुरादगंज(औरैया)। आषाढ़ माह के मध्य तक बारिश न होने और सिंचाई के लिए पानी का इंतजाम न करने से जिले में सूखे जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। हालांकि मानसून ने तीन जुलाई को जिले में दस्तक दे दी है। पर पानी की कमी ने जिले में खरीफ की फसल को प्रभावित कर दिया। मानसून 18 दिन देर से आने से खरीफ फसलों की पैदावार में कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है।
खरीफ 2012 में जिले में 5180 हेक्टेयर धान, 9400 हेक्टेयर मक्का, 4000 हेक्टेयर अरहर, 1621 हेक्टेयर उर्द व मूंग, 23,954 हेक्टेयर ज्वार एवं बाजरा तथा 251 हेक्टेयर भूभाग पर मूंगफली की बुवाई करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2011 में 15 जून को मानसून ने जिले को पूरी तरह से ढक लिया था। इसके चलते खरीफ की फसलों का उत्पादन सामान्य से अच्छा ही रहा था। वहीं इस बार मानसून ने 18 दिन देरी से अपनी आमद दर्जकराई है। समय से मानसून के न आने और सिंचाई विभाग की आरे से नहरों, रजबहों, बंबों एवं माइनरों में पानी न छोड़ने से ज्यादातर किसानों ने धान की नर्सरी नहीं कर सके हैं। पानी के साधन से संपन्न किसानों ने नर्सरी की तो 48 डिग्री तापमान और कड़ी धूप से उनकी धान की नर्सरी को जला कर रख दिया। समय से पानी और नर्सरी न होने से धान की रोपाई भी देरी से की जाएगी। यही पंद्रह दिन की देरी किसानोें की किस्मत खोटी कर गई है। हाल ही में जिला प्रशासन की ओर से धान की नर्सरी की वास्तविक स्थिति के लिए सर्वेक्षण कराया गया। अकेले विकास खंड अछल्दा में ही किसानों की 30 से 40 फीसदी धान की नर्सरी बरबाद होने की रिपोर्ट का खुलासा किया गया है। ठीक यही स्थिति मक्का, अरहर, कुमेढ़ा, जुनरी, तिल, उर्द, मूंग बाजरा आदि फसलों के उत्पादन में मानसून ने खलल डाल दिया है। इस संबंध में उप कृषि निदेशक डा. बनारसी यादव कहते हैं कि जिन क्षेत्रों में धान की रोपाई नहीं की जा सकती है वहां के किसान हाइब्रिड मक्का बोकर कम लागत और मात्र सौ दिन में 52 से 55 कुतंल प्रति हेक्टेयर तक का उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने धान किसानों को सलाह देते हुए कहा कि पहले तो 35 दिन पुरानी नर्सरी काप्रयोग करने से बचें यदि ऐसा संभव न हो तो नर्सरी का ऊपरी भाग काटकर ही रोपाई करें। बचे हुए धान के खेत में तिल, मूंग, बाजरा की खेती करें।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

delayed monsoon

स्पॉटलाइट

फिर रामू ने मचाया बवाल, भगवान गणेश पर किए आपत्तिजनक ट्वीट

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

मानसून में भूलकर भी न खाएं ये चीजें हो सकते हैं बीमारियों के शिकार

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

ये हैं शाहरुख खान की बहन, हुआ था ऐसा हादसा सालों तक डिप्रेशन में रहीं

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

बनना चाहते हैं बॉस के 'फेवरेट' तो जल्दी से कर लें ये काम

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

ग्रेजुएट्स के लिए 'इंवेस्टीगेशन ऑफिसर' बनने का मौका, 67 हजार सैलरी

  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

Most Read

मारा गया कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल, देर रात हुआ एनकाउंटर

gangster anandpal encountered by rajasthan police
  • रविवार, 25 जून 2017
  • +

विधानसभा में दो युवकों ने पर्चे फेंके ,अध्यक्ष ने जेल भेजा

ruckus created by 2 angry aap workers inside delhi assembly, level corruption against satyendra jain
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

आसाराम को आया गुस्सा, पुलिस को दिखाई आंख, जानिए क्यों...

asaram angry on police, why
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +

उत्तराखंड के लोकगायक नरेंद्र स‌िंह नेगी को पड़ा हार्ट अटैक, हालत गंभीर

uttarakhand folk singer narendra singh negi admitted in hospital
  • गुरुवार, 29 जून 2017
  • +

ईद पर शबाना के SMS से DM का दिल पसीजा, तोहफे में दी ईदी

Eid Mubarak Shabana sent SMS to Varanasi DM, got Idi in gift
  • सोमवार, 26 जून 2017
  • +

आउटसोर्सिंग पर नियुक्त डेढ़ हजार कंप्यूटर शिक्षकों को झटका

Himachal Government extension to IT company NIELIT
  • बुधवार, 28 जून 2017
  • +
Live-TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top