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घने कोहरे व ठंडी हवा से ठिठुरे लोग

AmbedkarNagar

Updated Sat, 22 Dec 2012 05:30 AM IST
अंबेडकरनगर। घने कोहरे एवं ठंडी हवाओं ने शुक्रवार को एक बार फिर से लोगों को ठंड से ठिठुरने के लिए विवश कर दिया। कड़ाके की ठंड के चलते लगभग पूरे दिन लोग अलाव के सामने बैठे रहे। न्यूनतम तापमान 8 िडग्री पहुंच जाने के बाद भी प्रशासन गरीबों में न तो कंबल का वितरण करा सका है और न ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की ही व्यवस्था कर पाया है। शुक्रवार प्रात: जब लोग सो कर उठे, तो उन्हें चारों तरफ घना कोहरा दिखाई दिया। साथ ही ठंडी हवाएं भी चल रही थीं। ठंड से लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए। दुकानदार प्रतिदिन की तरह दुकानों पर पहुंचे, लेकिन वे लगभग पूरे दिन दुकान के सामने अलाव जलाकर बैठे रहे। घने कोहरे का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रात: साढ़े नौ बजे तक सड़क पर वाहन चालक लाइट जलाकर चलने के लिए मजबूर रहे। इसके अलावा कोहरे ने उनकी गति पर भी प्रभाव डाला। दोपहर बाद सूर्य देवता के दर्शन अवश्य हुए, लेकिन धूप की तपिश अधिक न होने से इसका लाभ लोगों को नहीं मिल सका। उधर लगातार बढ़ती ठंड का प्रतिकूल प्रभाव कमजोर वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है। तमाम मांग के बाद भी प्रशासन अभी तक उनमें कंबल का वितरण नहीं करा सका है। समाज सेवा का डंका पीटने वाली संस्थाएं भी अभी तक इससे मुंह मोड़े हुए हैं। नतीजतन कमजोर वर्ग के लोग ठंड से ठिठुरने के लिए मजबूर हो रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं। सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जाने की भी व्यवस्था प्रशासन नहीं कर सका है। इससे रिक्शा चालकों एवं रात्रि में यात्रा करने वालों को व्यापक कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। रिक्शा चालक कौसर व मग्घू ने बताया कि दिन तो किसी प्रकार कट जाता है, लेकिन रात में खुले आसमान के नीचे रहने में व्यापक समस्या आती है।
कहा कि परिवार का पालन पोषण की मजबूरी के चलते रात में भी रिक्शा चलाने के लिए विवश है। अकबरपुर नगर के नरेंद्र जायसवाल, शहाब परवेज व दीप कुमार ने कहा कि प्रशासन के अलावा सामाजिक संस्थाएं भी ठंड से कांपते लोगों को राहत पहुंचाने के लिए मुंह मोड़े हुए हैं। एडीएम रामाश्रय ने कहा कि अलाव जलवाए जाने के लिए तहसीलों में रकम भेज दी गई है। आवश्यकतानुसार अलाव जलवाया जाएगा। बताया कि एक दो दिन में कंबल यहां पहुंच रहा है। इसके बाद वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
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