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शस्त्र लाइसेंस बनवाना हुआ जटिल

AmbedkarNagar

Updated Sat, 08 Dec 2012 05:30 AM IST
अंबेडकरनगर। शस्त्र लाइसेंस बनवाने में लोगों को अब और भी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद लाइसेंस प्रक्रिया और जटिल कर दी गयी है। आवेदनकर्ता के अलावा उसके पूरे परिवार के अपराध से संबंधित रिकार्ड की भी जांच रिपोर्ट में शामिल होगी। इसके साथ ही जन्म से आवेदक कहां-कहां निवास कर चुका है, इसकी भी जानकारी कर रिपोर्ट में उल्लेख करना होगा।
आवेदक की सामान्य ख्याति भी अब लाइसेंस की रिपोर्ट में दर्ज होगी। पूरी प्रक्रिया संतोषजनक पाये जाने के बाद ही आवेदक का शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत होगा। शासन के नये निर्देश के बाद जिले में लगभग 1100 से अधिक लंबित पड़े शस्त्र लाइसेंस आवेदकों को अब और इंतजार करना होगा। कारण यह कि इन सभी की नये सिरे से रिपोर्ट तलब की जायेगी।
बताते चलें कि गृह मंत्रालय के नये निर्देश के बाद अब शस्त्र लाइसेंस प्राप्त करना और कठिन हो गया है। शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के साथ ही उसके पारिवारिक रिकार्ड के बारे में भी जानकारी हासिल की जायेगी। यदि अभ्यर्थी के परिवार का भी आपराधिक रिकार्ड पाया जाता है तो ऐसी स्थिति में आवेदक को लाइसेंस का पात्र नहीं माना जायेगा। साथ ही आवेदक जन्म के बाद से किन किन स्थानों पर निवास कर चुका है, उसके भी बारे में जानकारी एकत्र की जायेगी। पूर्व में प्रशासन महज आवेदक के रिकार्डों को ही संज्ञान में लेता था। थाने की पुलिस आवेदन करने वाले व्यक्ति के घर व उसके चरित्र के बारे में जानकारी कर लाइसेंस के लिए रिपोर्ट लगा देती थी, परंतु अब ऐसा नहीं हो पायेगा।
मंत्रालय के नये निर्देश के बाद जिले में लंबित पड़े लगभग 1100 शस्त्र लाइसेंस आवेदकों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। साथ ही ऐसे आवेदक लाइसेंस पाने से वंचित हो सकते हैं, जिनके परिवार का आपराधिक रिकार्ड होगा। इसके अलावा वे आवेदक भी लाइसेंस के हकदार नहीं होंगे, जिनका निवास स्थान संदिग्ध स्थिति में पाया जायेगा। पुलिस व राजस्व विभाग आवेदक की उस स्थिति का भी पता लगायेगी कि वह शस्त्र रखने व उसकी सुरक्षा के काबिल है या नहीं। शस्त्र लिपिक बलदेव प्रसाद ने बताया कि शासन के नये निर्देशों के बाद लंबित पड़े आवेदन पत्रों की जांच फिर से की जायेगी। बताया कि शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन हो रहा है। जांच के लिए अब तक 300 से अधिक आवेदन पत्रों को एसपी व एसडीएम के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। शेष 800 से अधिक आवेदन पत्रों की जांच संबधित अधिकारियों को जल्द ही सौंप दी जायेगी।
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