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फटे-पुराने कपड़ों में स्कूल आने को मजबूर बच्चे

AmbedkarNagar

Updated Thu, 01 Nov 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। 31 अक्तूबर तक का निर्धारित समय भी लगभग बीत गया, लेकिन 200 से अधिक परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अब तक ड्रेस नहीं मिल सका है। नतीजतन कि उन्हें फटे पुराने ड्रेस में ही विद्यालय आने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इन विद्यालयों में ड्रेस का वितरण कब होगा और बच्चे नए ड्रेस में कब से स्कूल आएंगे, इसका जवाब न तो विद्यालय प्रशासन के पास है और न ही विभागीय अधिकारियों के पास। जिले में ड्रेस के लिए 8 करोड़ 55 लाख रुपये आए थे। इनमें से 31 अक्तूबर तक 7 करोड़ 58 लाख रुपये ही खातों में भेजे जा सके हैं।
छात्र-छात्राओं व अभिभावकों की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। एमडीएम जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत जहां बच्चों को दोपहर का भोजन मिल रहा है, वहीं उन्हें नि:शुल्क पुस्तकें व ड्रेस भी मुहैया कराई जा रही हैं। इसके अलावा छात्रवृत्ति का लाभ भी उन्हें दिया जा रहा है। यह अलग बात है कि इन योजनाओं का सुचारु लाभ छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों के प्रवेश को लेकर शासन द्वारा बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस दिए जाने की भी योजना चलाई गई। शुरुआत में इस योजना का लाभ सिर्फ छात्राओं को ही मिल रहा था, लेकिन बाद में छात्रों को भी ड्रेस दिए जाने की योजना चलाई गई। प्रत्येक छात्र-छात्रा को ड्रेस का दो सेट दिए जाने का प्राविधान रखा गया।
योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं को दिलाने के लिए विभागीय अधिकारी व विद्यालय प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नया शिक्षासत्र प्रारंभ हुए चार महीने बीत गए, लेकिन अभी तक सभी परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को ड्रेस नहीं मिल सकी है। बीते दिनों बच्चों में ड्रेस वितरण की समय सीमा बढ़ाकर 31 अक्तूबर की गई थी। निर्धारित समय भी बीत गया, लेकिन 200 से अधिक परिषदीय विद्यालय ऐसे हैं, जहां छात्र-छात्राओं में ड्रेस का वितरण नहीं किया जा सका है। नतीजा यह है कि छात्र-छात्राओं को फटे पुराने ड्रेस पहनकर ही विद्यालय आने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिले में ड्रेस के लिए 8 करोड़ 55 लाख रुपये आए थे।
इनमें से 31 अक्तूबर तक 7 करोड़ 58 लाख रुपये ही खातों में भेजे जा सके हैं। जिन विद्यालयों में रकम भेजी भी गई है, उनमें से भी कई विद्यालयों में अब तक ड्रेस वितरण नहीं हो सका है। भीटी विकास खंड के अवधेश सिंह, मनोज कुमार व राजन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि तमाम शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी ड्रेस वितरण को लेकर गंभीर नहीं हैं। ड्रेस का वितरण कब किया जाएगा, इसका जवाब भी कोई देने को तैयार नहीं है।
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