आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

जयपुर

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

राजस्थान +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

लेकर तो आए थे नौ एंबुलेंस, फिर भी जलालपुर खाली

AmbedkarNagar

Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के क्षेत्र में ही स्वास्थ्य सेवाओं हाल बेहद खस्ता है। जलालपुर में रहने वाले स्वास्थ्य मंत्री के प्रतिनिधि आफताब अहमद ही सभी नई एंबुलेंस अपने साथ लेकर जिला मुख्यालय तक 22 अगस्त को पहुंचे थे। यहां उन्होंने स्वागत करवाया, फोटो खिंचवाई पर शायद अपनी जिम्मेदारी भूल गए। कारण यह कि उन्हें भी यह फिक्र नहीं रही कि जलालपुर के लोगों को स्वास्थ्य मंत्री का क्षेत्र होने के कारण ज्यादा उम्मीदें हैं। राजधानी से नौ एंबुलेंस तीन दिन पहले जिला मुख्यालय तो पहुंच गईं, लेकिन मंत्री के गृह नगर वाले जलालपुर के नगपुर सीएचसी पर अब तक एक पुरानी एंबुलेंस है, जो निष्प्रयोज्य हो चुकी है। नतीजा यह कि गरीब मरीजों को नि:शुल्क तौर पर एंबुलेंस सेवा का लाभ प्रदान करने का दावा मंत्री के क्षेत्र में ही फिलहाल तार तार हो गया है। बीते तीन दिन में बीपीएल परिवारों से जुड़े ऐसे कई मरीज इस अस्पताल से रेफर किए गए, लेकिन उन्हें एंबुलेंस सेवा का लाभ नहीं मिल पाया। कई मरीज तो जिला मुख्यालय या बाहर जाने की सामर्थ्य ही नहीं जुटा पाए।
स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन का गृह जनपद होने से अंबेडकरनगर के हिस्से में नौ एंबुलेंस आ गई। तय हुआ कि जिले की एकमात्र अकबरपुर पीएचसी समेत सभी आठ सीएचसी को इसका लाभ मिलेगा। एंबुलेंस तो जिले में पहुंच गई, लेकिन चालकों की कमी दूर करने की तरफ ध्यान नहीं दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्वीकारा था कि चालकों का संकट है, लेकिन छोटे वाहनों पर तैनात चालकों के माध्यम से सभी सीएचसी व पीएचसी में तत्काल प्रभाव से एंबुलेंस का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। इसकी हकीकत जानने के लिए अमर उजाला ने स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के गृह नगर जलालपुर का जायजा लेने का निर्णय लिया। जलालपुर नगर के निकट स्थित नगपुर सीएचसी में शनिवार पूर्वाह्न तक नई एंबुलेंस का कोई पता नहीं था। चिकित्सकों ने भी बताया कि नई एंबुलेंस अभी नहीं आ सकी है। ऐसा तब है, जबकि जिला मुख्यालय पर तीन दिन पहले ही एंबुलेंस पहुंच गई थी। सीएचसी में नई एंबुलेंस तो नहीं दिखी, लेकिन निष्प्रयोज्य हो चुकी एक एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवाओं को मुंह चिढ़ाती जरूर नजर आई। जलालपुर नगर में ही स्वास्थ्य मंत्री का घर है। स्वास्थ्य मंत्री के प्रतिनिधि आफताब अहमद ही सभी नई एंबुलेंस साथ लेकर जिला मुख्यालय तक 22 अगस्त को पहुंचे थे। यहां उन्होंने स्वागत करवाया, फोटो खिंचवाया और शायद अपनी जिम्मेदारी भूल गए। कारण यह कि उन्हें भी यह फिक्र नहीं रही कि जलालपुर के लोगों को स्वास्थ्य मंत्री का क्षेत्र होने से ज्यादा उम्मीदें हैं। ऐसे में वहां प्राथमिकता के तौर पर एंबुलेंस पहुंचने को कौन कहे, अब तक लोगों व सीएचसी कर्मचारियों को पता नहीं कि नई एंबुलेंस आखिर पहुंचेगी भी कब?
मंत्री के परिजनों की खिदमत में उतरा अस्पताल प्रशासनः
अंबेडकरनगर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के पुत्र व उनकी बहू के जिला अस्पताल पहुंचने पर पूरा स्वास्थ्य विभाग शनिवार को उनकी खिदमत में उतर आया। उस समय अधिकारियों को आम मरीजों की कोई परेशानी नहीं दिखी। जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के पुत्र हामिद हसन व उनकी बहू डॉ. नीलिमा हसन शनिवार को अकबरपुर पहुंचे। दोपहर बाद उन दोनों के जिला चिकित्सालय पहुंचते ही समूचा स्वास्थ्य विभाग उनकी आवभगत में जुट गया। न प्रोटोकाल का कोई ध्यान दिया गया और न ही जिलास्तरीय अधिकारियों के पद की गरिमा का। मंत्री के पुत्र व उनकी पुत्रवधू अपनी निजी कार से अस्पताल के सीएमएस कक्ष में पहुंचे। यहां सीएमएस डॉ. ओंकारनाथ उनका इंतजार कर रहे थे। अन्य कर्मचारी व चिकित्सक ऐसे मुस्तैद थे, जैसे स्वयं स्वास्थ्य मंत्री या फिर किसी बड़े अधिकारी का दौरा होने वाला हो। इतना ही नहीं, पल भर में ही सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव भी वहां पहुंच गए। चिकित्सकों ने अन्य मरीजों की चिंता छोड़ दी। कई चिकित्सक सीएमएस कक्ष में बुला लिए गए। वहां चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी, लेकिन उसकी चिंता शायद किसी को नहीं थी।
मरीजों व तीमारदारों का प्रदर्शनः
अंबेडकरनगर। जिला चिकित्सालय में शनिवार को इलाज के लिए पहुंचे दर्जनों मरीजों और उनके परिजनों ने जमकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि जिला अस्पताल में मरीजों की उपेक्षा के साथ ही उनके इलाज व सुविधाओं के नाम पर जमकर शोषण किया जा रहा है। कहा कि अधिकांश दवाएं मरीजों को बाहर से लेने के लिए मजबूर किया जाता है।
जिला चिकित्सालय की मनमानी के विरुद्ध शनिवार को मरीजों ने मोर्चा खोल दिया। मरीजों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिला अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर मरीजों का जमकर शोषण किया जाता है। चिकित्सालय में दवाओं की कमी बताकर मरीजों को बाहर से दवा लाने के लिए बाध्य किया जाता है। गर्मी के बावजूद विद्युत अनापूर्ति के समय पंखे नहीं चलते। रात में भर्ती मरीजों को चिकित्सक देखने के लिए नहीं पहुंचते हैं। यदि तीमारदार मरीज को देखने को कहते हैं तो उनसे अतिरिक्त सुविधा शुल्क की मांग की जाती है। शनिवार को इलाज कराने पहुंचीं भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ता रश्मि श्रीवास्तव, रमेशचंद्र यादव व संतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि दिन में ड्यूटी के समय चिकित्सक अस्पताल से गायब हो जाते हैं। इससे दूरदराज से पहुंचने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बताया कि शनिवार को तमाम चिकित्sसक अपने कक्ष में नहीं थे। इसे लेकर ही मरीजों में आक्रोश व्याप्त हो गया। प्रदर्शन में दिनेश कुमार, अरविंद, स्वाती यादव, निर्मल, पवारी देवी, यशोधरा, विजय बहादुर, अजय कुमार, राजेश व आशा देवी आदि शामिल रहीं।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

स्पॉटलाइट

फिल्म 'जब हैरी मेट सेजल' का 'हवाएं' गाना रिलीज, 15 मिनट में ही 25 हजार से ज्यादा लोगों ने देखा

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

'कार्बन' का पोस्टर रिलीज, जल्द आएगा ट्रेलर

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

आतिफ असलम का ये सॉन्ग अब तक 20 करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

आप भी खाते हैं डेस्क पर खाना तो हो जाएं सावधान..फंस सकते हैं इस मुसीबत में

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

एक हिट देकर गुमनामी में खो गई थी 'तुम बिन' की ये हीरोइन, अब संभाल रही अरबों का बिजनेस

  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

Most Read

ये है बिहार का राजनीतिक गणित, जानिए किसके साथ बन सकती है सरकार

What will be bihar's new political equations after nitish kumar's resignation
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

बिहार सीएम पद से इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार के बयान की 20 बड़ी बातें

Bihar Chief Minister Nitish Kumar's statement after resignations
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

कभी 30 रुपये देकर इसी किराये के मकान में रहते थे कोविंद, अब यहां जश्न

some important facts about ramnath kovind
  • शुक्रवार, 21 जुलाई 2017
  • +

समायोजन रद्द होने पर यूपी के शिक्षामित्रों में उबाल, कई जगह प्रदर्शन

Shiksha Mitra Upon cancellation of the adjustment of UP education, stir in many places
  • बुधवार, 26 जुलाई 2017
  • +

J&K: आर्मी के जवानों ने थाने में घुसकर पुलिस को पीटा, अब्दुल्ला बोले- कार्रवाई हो

soldier beat policemen in jammu six injured
  • रविवार, 23 जुलाई 2017
  • +

यूपी: पेपर लीक गैंग ने लगाई दरोगा भर्ती में सेंध, पूरी परीक्षा रद्द

up police recruitment entire process cancel
  • मंगलवार, 25 जुलाई 2017
  • +
Top
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!