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कितनी आहत थी मां, जो ऐसा कदम उठाया

AmbedkarNagar

Updated Tue, 14 Aug 2012 12:00 PM IST
अंबेडकरनगर। सम्मनपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को तानों से ऊबकर एक महिला द्वारा अपनी तीन मासूम पुत्रियों के साथ जान दिए जाने की घटना सामने आते ही सनसनी फैल गई। जिसने भी यह खबर सुनी, वह सन्न रह गया। लोगों की जुबां पर बस एक ही सवाल था कि कितनी आहत थी मां, जो ऐसा कदम उठाया। पुत्र व पुत्रियों के बीच भेद को लेकर तेजी से दूरियों के कम होने के बावजूद हुई इस घटना को लेकर तरह तरह प्रतिक्रियाओं का दौर भी सामने आता रहा। सोमवार प्रात: सम्मनपुर थाना क्षेत्र में हुई घटना समूचे जिले में जंगल में आग की तरह फैल गई। घटना भी कुछ ऐसी ही थी। विगत वर्षों में ऐसी हृदय विदारक घटना आमतौर पर सामने नहीं आई थी। विवाह के बाद पुत्र न होने के चलते लोगों के तानों से ऊबकर ममरखापुर गांव में महिला द्वारा अपनी तीन मासूम पुत्रियों के साथ जान दे दिए जाने की घटना जिसने भी सुनी, वह भावुक हो गया। गांव में तो पूरी तरह सनसनी फैली हुई थी। ममरखापुर के इर्दगिर्द के गांवों के भी सैकड़ों लोग वहां एकत्र हो गए थे। जिस किसी को भी घटना की जानकारी हो रही थी, वह वहां पहुंच रहा था। किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि एक मां अपनी मासूम पुत्रियों के साथ तालाब में छलांग लगाकर जान दे सकती है। गांव में मौजूद महिला का पति सभी से कह रहा था कि उसे तो यह आभास ही नहीं था कि उसकी पत्नी ऐसा कदम भी उठा सकती है। बताया कि उसका उससे कभी कोई विवाद नहीं हुआ था। सब कुछ हंसी खुशी चल रहा था। महिला के ससुर राधेश्याम वर्मा भी घटनाक्रम को लेकर हतप्रभ दिखे। हालांकि गांव पहुंचे महिला के भाई व पिता जरूर पति व ससुर आदि की भूमिका को लेकर नाराज थे। भाई रमेश का कहना था कि उनकी बहन को लगातार पुत्र न होने का ताना दिया जाता था। उत्पीड़न भी किया जाता रहा है। मायके व ससुराल पक्ष के इन आरोप प्रत्यारोपों के बीच गांव व उससे बाहर भी घटना को लेकर बहस व चर्चाओं का सिलसिला दिनभर चलता रहा। अधिकांश लोग यह चिंता जता रहे थे कि आधुनिकता व साक्षरता की तरफ तेजी से कदम बढ़ने के बावजूद समाज में अभी भी पुत्रियों को लेकर इस प्रकार की गलत धारणा व्याप्त है। कुछ ने इसके लिए जागरुकता अभियान चलाने पर जोर दिया, तो कुछ का कहना था कि ऐसे मामलों में परिवार से लेकर ऐसे अन्य संबंधित लोगों को भी कड़ी सजा दी जानी चाहिए, जो पुत्र न होने को लेकर महिलाओं से तरह तरह के सवाल करते रहते हैं या फिर उन्हें अन्य तरह से ताना मारते रहते हैं।
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