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मुख्यमंत्री जी! झूंसी, सलोरी में दिखेगी मेला की हकीकत

Allahabad

Updated Sat, 15 Dec 2012 05:30 AM IST
इलाहाबाद। महाकुंभ की तैयारियां जिस गति से चल रही हैं, तय है कि इससे प्रशासन और सरकार की साख पर बट्टा लगेगा। दुनिया भर के श्रद्धालु, पर्यटक जब महाकुंभ मेला में पहुंचेंगे तो संगम क्षेत्र में भारी अव्यवस्था दिखेगी। 14 जनवरी को पहला शाही स्नान है और मेले के अंदर स्थिति यह है कि अब तक मात्र दो प्रमुख सड़कों के लिए ही चकर्ड प्लेट बिछाई जा सकी है। झूंसी की तरफ पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछाने का काम अब शुरू हुआ है, जबकि यहां साधु-संतों के साथ संस्थाओं के शिविर भी लगने लगे हैं। अफसर दावा कर रहे हैं कि 12 पांटून पुल तैयार हैं लेकिन हकीकत यह है कि उनमें से चार ही तैयार हैं। अब जबकि शनिवार को मुख्यमंत्री के आने का कार्यक्रम तय हो गया है तो शुक्रवार को काम में कुछ तेजी दिखाई लेकिन वह भी सिर्फ संगम नोज से दारागंज के दश्वामेध घाट के बीच। झूंसी, सलोरी और बदरा-सोनौटी की तरफ काम की स्थिति काफी खराब है। यहां स्ट्रीट लाइट और पेयजल लाइन बिछाने का काम अब तक नहीं हुआ है।
सबसे खराब हाल सड़कों का
मेला क्षेत्र में सबसे खराब हाल सड़कों का है। मेला के मुख्य मार्गों में शामिल त्रिवेणी, संगम और मुक्ति मार्ग को छोड़ दें तो शेष में चकर्ड प्लेट भी अब तक पूरी नहीं लग सकी हैं। त्रिवेणी और काली मार्ग पर चकर्ड प्लेट मानों फेंक दी गई हैं। उनमें नट-बोल्ट तक नहीं लगे। झूंसी की तरफ बदरा सुनौटी से लेकर छतनाग तक बड़े क्षेत्र में चकर्ड प्लेट अब तक नहीं बिछ सकी है। इसकी वजह से रोज अखाड़ों, संस्थाओं के शिविर के लिए सामान लेकर आ रहे भारी-भरकम ट्रक रेत में धंस जा रहे हैं। शुक्रवार को त्रिवेणी मार्ग तथा झूंसी ओर तरफ शास्त्री के पुल के नीचे सामान से लदे ट्रक रेत में फंस गए। काली मार्ग भी अब तक समतल नहीं हो सका है। मुख्य मार्गों से लगी अंदरूनी सड़कों का काम भी काफी पिछड़ा हुआ है। इससे अखाड़ों सहित संस्थाओं की तैयारियां भी पिछड़ रही हैं।
भगवान भरोसे अखाड़ा मार्ग
त्रिवेणी मार्ग से लगे अखाड़ा मार्ग की स्थिति और भी खराब है। अखाड़ों के शाही स्नान को जाने वाले तकरीबन एक किलोमीटर लंबे मुख्य मार्ग पर त्रिवेणी रोड क्रासिंग से संगम तक जगह-जगह बालू के ढेर लगे हैं। इसे समतल कब किया जाएगा, अब तक तय नहीं हो सका है। इसके बाद इस पर छह लेन की चकर्ड प्लेट सड़क बननी हैं। यह काम कितने दिन में पूरा हो गया, किसी को नहीं पता। बिजली विभाग ने यहां सबसे पहले स्ट्रीट लाइट लगाने का दावा किया था लेकिन शाही स्नान को जाने वाले रास्ते पर अभी सेमी हाईमास्ट लगाने का काम पूरा नहीं हो सका है।
आधे पांटून पुल भी तैयार नहीं
मेला क्षेत्र में कुल 18 पांटून पुल बनने हैं। त्रिवेणी मार्ग अप एंव डाउन, अक्षयवट, महावीर, जगदीश मार्ग, काली मार्ग अप, डाउन तथा मध्यम, गंगोली शिवाला, ओल्ड जीटी रोड, नागवासुकि और मोरी पांटून पुलों को पूरा करने का दावा किया जा रहा है लेकिन हकीकत यह है कि सभी पर काम चल रहा है। भारद्वाज, गंगेश्वर और छतनाग में पांटून पुलों को अभी बनाया जा रहा है।
अब तक अस्तित्व में नहीं आए गाटा मार्ग
मेला क्षेत्र में गाटा मार्ग अब तक अस्तित्व में ही नहीं आए हैं। गाटा मार्ग मुख्य मार्गों से जुड़े होते हैं। तंबुओं के बीच से निकलने वाले इन मार्गों पर चकर्ड प्लेट बिछाई जाती है लेकिन इस बार अब तक ऐसा नहीं हुआ। मेला शुरू होने में अब 15 दिन शेष हैं, ऐसे में गाटा मार्ग का काम कब शुरू होगा, यह किसी को नहीं पता। यही हाल पुआल मार्गों का भी है। मुख्य मार्गों के किनारे-किनारे साधु-संतों के चलने के लिए कच्चा मार्ग बनाया जाता है, जिसे पुआल लगाकर तैयार किया जाता है। इसके लिए भी अब तक काम नहीं शुरू हुआ है।
हर्षवर्धन प्रतिमा से लगा पार्क बदहाल
मेला क्षेत्र में महात्मा गांधी मार्ग पर हर्षवर्धन प्रतिमा के पीछे तिकोना पार्क अब तक बदहाल है। लंबा-चौड़ा यह पार्क फोर्ट रोड चौराहा और हर्षवर्धन प्रतिमा चौराहा के बीच में हैं। मेला में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की नजर सबसे पहले इस पार्क पर पड़ती है लेकिन इसमें जगह-जगह मिट्टी के ढेर और गंदगी फैली है।
अब तक नहीं बनी मधवापुर सब्जी मंडी की सड़क
महात्मा गांधी मार्ग पर सोहबतियाबाग स्थित मधवापुर सब्जी मंडी की सड़क अब तक नहीं बनी है। तकरीबन दो महीने पहले दौरे पर पहुंचे नगर विकास मंत्री आजम खां ने अफसरों को तत्काल सड़क बनाने का निर्देश दिया था लेकिन इसे अब तक नहीं बनाया गया। सड़क के दोनों तरफ एक-एक हिस्सा अब तक नहीं बना है जबकि यहां गिट्टी बारिश खत्म होने के बाद ही बिछा दी गई थी। सड़क पर कई जगह कूड़े के ढेर भी लगे हैं।
फ्लाईओवर के ठीक नीचे गड्ढा
मुख्यमंत्री को शनिवार को फ्लाईओवर का उद्घाटन करना है लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि उसके ठीक नीचे बड़ा गड्ढा है। सीएम की नजर से बचाने के लिए गड्ढे में मिट्टी, गिट्टी भर दी गई है लेकिन यह इतना खतरनाक है कि कोई भी गाड़ी वहां से निकलेगी तो पहिया गड्ढे में फंस सकता है।
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