आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

बदल रहा परिवेश, उर्दू में होगी चहक!

Allahabad

Updated Fri, 07 Dec 2012 05:30 AM IST
इलाहाबाद। उर्दू जुबान पढ़ने वालों के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ी पहल की है। परिषदीय विद्यालयों और मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को अब उर्दू में विभिन्न विषयों की किताबें मिल सकेंगी। जो छात्र उर्दू में ही पूरी पढ़ाई करना चाहते हैं, उन्हें इससे लाभ मिलेगा। पहले की सपा सरकार ने उर्दू पढ़ाने वाले शिक्षकों की भर्ती की थी इसलिए यह संकट नहीं होगा कि सभी किताबें उर्दू में कौन पढ़ाए। उर्दू कोटे के शिक्षक अन्य शिक्षकों की तरह ही प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे हैं। यह भी तय किया गया है कि जरूरत पड़ने पर अन्य शिक्षकों की भर्ती की जा सकती है। इसी के मद्देनजर मोअल्लिम डिग्री वालों की भर्ती का अधिकार मुख्यमंत्री ने खुद अपने पास रखा है।
उर्दू में किताबों का फैसला केवल कागजी नहीं है, इस पर अमल शुरू हो गया है। सभी विषयों की किताबें उर्दू में लिखी जा रही हैं। प्राथमिक और जूनियर स्तर की कक्षाओं में हिन्दी की किताबें भी उर्दू जुबान में ही मिलेगी। शासन के निर्देश पर राज्य शिक्षा संस्थान ने प्राथमिक विद्यालयों में चलने वाली किताबों का उर्दू तर्जुमा करना शुरू कर दिया है।
प्राथमिक विद्यालयों में चलने वाली हिन्दी की किताब ‘कलरव’ का नाम होगा ‘चहक’। इसी तरह सामाजिक विज्ञान की किताब ‘हमारा परिवेश’ का नाम ‘हमारा माहौल’, भाषा की किताब ‘मंजरी’ का नाम ‘गुंचा’, ‘हमारा इतिहास एवं नागरिक जीवन’ को ‘हमारी तारीख और इल्मे तमद्दुन’ तथा ‘पृथ्वी और हमारा जीवन’ को ‘हमारी कुर्रए जमीन’ नाम से जाना जाएगा। किताबों के कवर पर नाम उर्दू में ही लिखे हैं। इन किताबों को हिन्दी से उर्दू में करने की जिम्मेदारी राज्य शिक्षा संस्थान को सौंपी गई है।
संस्थान में प्रदेश भर के विशेषज्ञ इन दिनों किताबों का अनुवाद कर रहे हैं। सपा सरकार ने इससे पहले मुस्लिम वर्ग की छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति सहित अनेक सुविधाओं की घोषणा की इसलिए उर्दू में किताब के फैसले को सियासी नजर से देखा जा रहा है।
राज्य शिक्षा संस्थान की अस्मत नीलू अंसारी, जो पुस्तक समीक्षा में समन्वय की भूमिका निभा रही हैं, ने बताया कि गणित और विज्ञान की किताब के नामों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। गणित को गिनतारा, विज्ञान की पुस्तक का नाम परख ही नाम रखा गया है। राज्य विज्ञान शिक्षा संस्थान की प्राचार्या डॉ.एस सिंह ने स्वीकार किया कि एससीईआरटी के निर्देश पर किताबों का उर्दू अनुवाद किया जा रहा है।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

urdu tweet

स्पॉटलाइट

भारत के कई शहरों में बढ़ रहा सेक्स का ये नया तरीका

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

'मुझे टेप लगाना पसंद नहीं , बिना कपड़ों के इंटीमेट सीन करना अच्छा लगता है'

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

क्या आप भी लगाते हैं डियोड्रेंट ? तो जरूर पढ़ें ये खबर

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

जेल से निकलकर अब सड़कों पर स्कूटर चला रहे हैं संजय दत्त

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

अंडे को इस तरह खाएंगे तो सदैव बनी रहेगी यौन सक्रियता

  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

जबर ख़बर

30 शौचालयों के गड्ढों की सफाई में जुटे केंद्रीय सचिव '

Read More

Most Read

पांच दिन बंद रहेंगे बैंक

Banks closed five days
  • गुरुवार, 16 फरवरी 2017
  • +

वोट डालने के बाद ये क्या कह गईं डिम्पल यादव

after vote saying dimple yadav
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

मुलायम ने डाला वाेट, भाई शिवपाल के लिए कर दिया ये बड़ा एलान

mulayam singh yadav statement for shivpal singh yadav
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

सीएम अखिलेश ने चाचा शिवपाल काे डाला वाेट, बाेले, बुअा जी रेस से बाहर

akhilesh yadav voting in etawah
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • शुक्रवार, 17 फरवरी 2017
  • +

सपा और बसपा को सपोर्ट करने वाले दो गुट भ‌िड़े, देखें यूपी चुनाव के Highlights

 Uttar Pradesh election third phase.
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top