आपका शहर Close

चंडीगढ़+

जम्मू

दिल्ली-एनसीआर +

देहरादून

लखनऊ

शिमला

उत्तर प्रदेश +

उत्तराखंड +

जम्मू और कश्मीर +

दिल्ली +

पंजाब +

हरियाणा +

हिमाचल प्रदेश +

छत्तीसगढ़

झारखण्ड

बिहार

मध्य प्रदेश

राजस्थान

सात दिन में खत्म हो गया पूरा परिवार, पति और बेटे के गम में दे दी जान

Allahabad

Updated Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
इलाहाबाद। आंखों के सामने पति और मासूम बेटे को मौत के आगोश में जाते देखने वाली पिंकी ने आखिरकार अपनी जिंदगी की डोर भी तोड़ दी। पति और बेटे के गम में आंसू बहा रही थी पिंकी ने शुक्रवार सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। पिंकी की दुपट्टे से झूलती लाश देख घर में कोहराम मच गया। सात दिनों के भीतर पिंकी का पूरा परिवार खत्म हो गया। 26 अक्टूबर को रेलवे क्रार्सिंग पर ट्रेन की चपेट में आने से उसके पति और डेढ़ साल के बेटे की मौत हो गई थी। पिंकी ने यह हादसा अपनी आंखों से देखा था।
अतरसुइया के सोनू मालवीय की शादी तीन साल पहले नैनी के यमुना नगर की रहने वाली पिंकी (20) के साथ हुई थी। पिंकी के डेढ़ साल का बेटा सुंदरम था। 26 अक्तूबर को डांडी का दशहरा था। सोनू पत्नी बच्चे संग ससुराल नैनी गया हुआ था। वहां से डांडी का दशहरा देखने का कार्यक्रम बन गया। रात में सोनू बाइक से पत्नी, बेटे और साली शिल्पी को लेकर दशहरा देखने गया। रात में सभी को लेकर बाइक से लौट रहा था। मलहरा रेलवे क्रासिंग बंद थी। दो ट्रेनें उधर से गुजरनी थीं। सोनू ने पत्नी और साली को बाइक से उतार दिया, लेकिन सुंदरम आगे ही बैठा था। उसने बच्चे को आगे बिठाकर क्रासिंग पार करने की कोशिश की। एक ट्रेन गुजरी तो वह आगे बढ़ गया। दूसरे ट्रैक से दूसरी ट्रेन आ रही थी। दूसरे ट्रैक पर पहुंचते ही सोनू ट्रेन की चपेट में आ गया। पीछे से आ रही पिंकी और शिल्पी ने देखा तो चीखती हुईं दौड़ीं, लेकिन हादसे में सोनू और सुंदरम दोनों की मौत हो गई थी। पति-बेटे को अपनी आंखों के सामने मरता देखकर पिंकी को गहरा सदमा पहुंचा था, वह डिप्रेशन में आ गई थी। दोनों के शव जब पोस्टमार्टम के बाद घर आए तो वह बार-बार यही कह रही थी कि ‘मुझे भी उनके साथ जाना है’। परिजन उसे सांत्वना देते रहे, लेकिन उसका गम इतना बड़ा था कि हर किसी की आंखें नम हो जाती थीं।
पिंकी हर बार करवाचौथ का व्रत रखती थी। रात से ही व्रत की तैयारी शुरू हो जाती थी। इस बार वह गम में डूबी थी। वह गुरुवार की रात बिलखती रही। अंत में करवाचौथ के दिन ही उसने मौत को गले लगा लिया। पिंकी की हालत इतनी खराब हो गई थी कि घरवालों को आशंका थी कि वह अपने साथ कुछ बुरा कर सकती है, इस कारण उसकी बहन शिल्पी को ससुराल बुलाया गया था। वह घटना के बाद पिंकी के साथ ही रह रही थी। शिल्पी के मुताबिक, गुरुवार की रात पिंकी पति और बेटे की फोटो को सीने से लगाकर रोती रही थी।
  • कैसा लगा
Write a Comment | View Comments

Browse By Tags

family husband

स्पॉटलाइट

कुछ लड़कियां क्यों नहीं करतीं जिंदगीभर शादी, लड़के जान लें

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

IndVsAus: अश्विन, जडेजा, जयंत से नहीं, कंगारुओं को इससे है डर

  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

रिसर्च: मोटे मर्दों की सेक्स लाइफ होती है शानदार

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

सेल्फी के शौकीनों के लिए खुशखबरी, इस फोन में होगा 3D कैमरा

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

रजनीकांत की दीवानी है ये हीरोइन, अब साथ में करेगी काम

  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

Most Read

खुशखबरी : 15 अप्रैल से यहां हाेगी सेना रैली भर्ती, 13 जिलाें के अभ्यर्थी अभी करें अावेदन

sena bharti rally in kanpur
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

सोनिया की चिट्ठी- 'मोदी ने आपका सब कुछ छीन लिया'

for the first time soina gandhi does not take part in election campaign at raibarielly
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

यूपी चुनाव 2017 : एक गांव में एक वोट पड़ा दूसरे में एक भी नहीं, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

vilagers  voting boycott in kanpur
  • रविवार, 19 फरवरी 2017
  • +

समाजवादी जब जोश में होते हैं तो हाथ छोड़ भी साइकिल चला लेते हैं: अखिलेश

akhilesh yadav rally bahraich
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +

भड़काऊ भाषण ने खड़ा किया मुसीबतों का पहाड़, पीएम मोदी के सामने आई नई मुश्किल

pm accused of making inflammatory speeches at rally
  • गुरुवार, 23 फरवरी 2017
  • +

पुलिस अंकल जबरदस्ती करते रहे और मैं चिल्लाती रही

mai chilaati rahi
  • बुधवार, 22 फरवरी 2017
  • +
TV
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper
Your Story has been saved!
Top